Breaking

Saturday, November 16, 2019

पीओएस थंब मशिन के धिरे चलने से नहीं मिल रहा उपभोक्ताओं को अनाज उपभोक्ताओं और सेल्समेन के बिच होती विवाद की स्थिती निर्मित

पेटलावद से राज मेड़ा के साथ अर्जुन ठाकुर की रिपोर्ट :-

पेटलावद। शासन के द्वारा गरीब परिवारों को सस्ता अनाज देने की योजना होकर इस योजना के तहत् विभिन्न वर्ग के गरीब लोगो को सरकारी सोसायटीयों के माध्यम से सस्ता अनाज मुहेया करवाया जाता है, शासन के यह योजना गरीबों के कल्याण के लिए है, लेकिन शासन की यह योजना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है, जिसके पिछे मुख्य कारण सरकार की और से अनाज वितरण के लिए लागु की गई वितरण प्रणाली है, जिसके चलते प्रतिदिन सेंकड़ों लोग दिन भर लाईन में लगने के बावजुद शाम को खाली हाथ घर लोटने को मजबुर हो रहे है।निराश होकर घर लोटने
को मजबुर उपभोक्ता । 
         पेटलावद की विपणन सहकारी सेवा संस्था पर प्रतिदिन विवाद की स्थिती बनती दिखाई दे रहीं है, संस्था के यहां अनाज वितरण की प्रणाली हेतू हितग्राही से पीओएस थंब मशिन पर अंगुठा लगाने के बाद अनाज देने की व्यवस्था व निर्देश शासन की और से है किन्तु उक्त थंब मशिन लगातार क्षेत्र में सर्वर डाउन होने के कारण रूक रूक कर चलती है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिस मशिन से दस मिनिट में कम से कम 15 उपभोक्ताओं को राशन दिया जा सकता है, उस मशिन से दिनभर में सर्वर डाउन होने के चलते नाम मात्र के उपभोक्ताओं को भी राशन का वितरण नहीं हो पा रहा है, जबकि सुबह से हीं राशन के लिए पुरूष व महिलाए अपने रोजमर्रा के काम छोडकर लाईन में लगे रहते है लेकिन मशिन के काम नहीं करने के कारण उपभोक्ताओं को बेरंग लोटना पड़ रहा है।
कामकाज हो रहा प्रभावित
उल्लेखनिय है कि इस सोसायटी के अंतर्गत पेटलावद व आसपास के कई उपभोक्ताओं को राशन वितरण किया जाता है, और सबसे अधिक उपभोक्ताओं की दर्ज संख्या इसी संस्था पर होने से वैसे हीं इस सोसायटी पर काम का अधिक बोझ है और इसके बाद मशिन के काम नहीं करने से काम काज का सारा समय युं हीं बर्बाद हो रहा है और कई बार सोसायटी के सेल्समेन व उपभोक्ताओं के मध्य विवाद की स्थिती भी निर्मीत होती है, लेकिन नियमों से बंधे सेल्समेन जनता की खरी खोटी सुनकर चुप बैठे रहते है वहीं ग्रामीण क्षेत्र से आयें उपभोक्ता निराश होकर वापस लोटने को मजबुर है। वहीं समय पर मशिन के द्वारा अनाज वितरण की प्रक्रिया नहीं करने से पुरे माह का अनाज वितरण की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है और सरकारी कामकाज में भी इससे देरी होती है।

Post a Comment

Post Top Ad