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Friday, November 29, 2019

बम तो सरहद पार बनाया जाता है - कवी कु. जावेद राम गयें थे अपने राम की तलाश में - कवी अमन अक्ष पेटलावद में हुआ विराट कवी सम्मेलन का आयोजन..

पेटलावद से राज मेड़ा की रिपोर्ट:-

पेटलावद। सारा जग है प्रेरणा प्रभाव सिर्फ राम है, जैसे उच्च कोटी के रामगीत से पेटलावद नगर का मवेशी मेले में आयोजित अखील भारतीय विराट कवी सम्मेलन रात्री 10 बजें प्रारंभ होकर सुबह की 4 बजें तक साहित्य की परम चोटी तक पहुंचा। नगर परिषद द्वारा आयोजित अखील भारतीय कवी सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व विधायक निर्मला भूरिया, नप. अध्यक्ष मनोहरलाल भटेवरा एवं पार्षदों ने मॉ सरस्वती के चित्र पर माल्यापर्ण व दिप प्रज्जवलित कर किया। इसके पश्चात अतिथियों और कवियों का स्वागत पुष्पहारों से किया गया, साथ हीं सभी कवियों को प्रतिक चिन्ह भेंट कियें गये।
 
इनका हुआ नागरिक अभिनंदन.....
कवी सम्मेलन मे पधारें दो वरिष्ट कवियों का तहसील पत्रकार संघ द्वारा अभिनंदन पत्र और साल श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। राम गीत से प्रसिद्धी पा रहे कवी अमन अक्षर और गीतो के राजकुमार कुवर जावेद का तहसील पत्रकार संघ अध्यक्ष मोहन पडियार एवं हरीश राठौड़ के नेतृत्व में समस्त पत्रकारों द्वारा अभिनंदन किया गया। इसके साथ हीं नगर परिषद द्वारा मंच संचालक बुद्धी प्रकाश दाधिच का भी नागरिक अभिनंदन किया गया।

हंसी के रस गुल्ले....
कवी सम्मेलन के प्रारंभ में कवित्री शबाना शबनब ने मॉ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की, जिसके पश्चात मालवा क्षेत्र के उभरते हुए शंकर सिसौदिया ने चुटकुले और मालवी कहावतों से श्रोताओं का मन मोह लिया। इसके बाद कवी डॉ. लोकेश जडि़या ने अपनी हास्य मिमिक्री के द्वारा श्रोताओं के चेहरे पर हंसी के फव्वारें ला दियें उन्होने अपनी अलग हीं शेली में काव्य पाठकर खुब दाद बटोरी। वीर रस के कवी शिव शेलेन्द्र यादव ने पाकिस्तान पर कविता सुनाकर पांण्डाल में उपस्थित जन समुदाय को भारत माता की जय बोलने पर विवश कर दिया।

हम अचानक पहुंचे नहीं यहां तक...
ओजस्वी कवी अमन अक्षर ने जब अपना काव्य पाठ अपनी अलग हीं शेली में करना प्रारंभ किया तो पुरा पाण्डाल तालियों की गढ़ गडाहट से गुंज उठा। अमन अक्षर का काव्य पाठ जैसे जैसे आगे बड़ा कवी सम्मेलन अपनी उंचाईयों पर पहुंचता गया उनके रामगीत की प्रस्तुती के साथ हीं पुरे सदन का माहोल राममय हो गया। वहीं उन्होने श्रंगार के कुछ पद्य सुनाए जिसे सभी ने सराहा।

साउंड तो अच्छा है......भारत माता की जय..
अमन अक्षर के बाद श्रोताओं की दाद बटोरने में दिनेश देशी घी सबसे आगे रहे, उन्होने हास्य वंयग के बाणों से वर्तमान समय की समस्याओं पर तीखे प्रहार कियें और उन्होने समाज में व्याप्त अंध विश्वास और ढांगी बाबाओं पर भी पेरोड़ी गीत प्रस्तुत कर खुब वाहवाही लुटी। दिनेश देशी घी ने अपने अंदाज में मोदी की भी जमकर प्रशंसा की।

शहीदों की इबादत है हिन्दुसान की धरती...
वीर रस के निशामुनि गोड़ ने वीर रस की कविताओं में देश के सेनिको और शहींदों को इबादत करते हुए उनके मातृ प्रेम को नमन किया, वहीं रतलाम के वीररस के कवी ब्रजराजसिंह ब्रज ने धारा 370 और अभिनंदन के शोर्य पर कविता सुनाकर खुब वाहवाहीं लुटी।

गंगाजल से धोना पडती है जुबा....
गीतों के युवराज कुंवर जावेद मंच पर पहुंचे तो श्रोताओं की फरमाईशां का दौर शुरू हो गया, उनके कई प्रसिद्ध गीतों की मांग होने लगी। कुंवर जावेद ने अपनी चिर परिचित शेली में मातृ भूमि को वंदन करते हुए असली मुसलमान के बारे में कहां की वह किसी की हत्या नहीं कर सकता है, वहीं पाकिस्तान के उपर काव्य पाठ करते हुए जुबा पर उसका नाम आने पर गंगाजल से अपनी जुबा धोने की बात कहीं। वहीं प्रेमगीतों के माध्यम से युवाओं के दिलों पर रात के तीन बजे तक अपना जादु चलायें रखा।
अंत में कवी सम्मेलन संचालक बुद्धि प्रकाश दाधिच ने राजस्थानी भाषा में कविता पाठ करते हुए प्रेयसी की विरह वेदना को हास्य में प्रस्तुत कर सभी को ठहाके लगाने पर मजबुर किया। आभार प्रदर्शन न.प. सीएमाओं लालसिंह चौहान द्वारा माना गया।
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 राज मेडा:- 70497 35636

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