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Tuesday, November 12, 2019

सेंकड़ों भक्तों ने माहीं में डुबकी लगाकर किया स्नान... पुर्णिमा पर लगा रहा भक्तों का तांत- समाचार 20

पेटलावद से राज मेड़ा की रिपोर्ट

पेटलावद। कार्तिकी पूर्णिमा के अवसर पर अति प्राचीन तीर्थ सिंघेश्वर धाम पर आस्था की डुबकी भक्तों द्वारा की लगाई गई। पुर्णिमा पर सैकड़ों भक्तजनों ने झाबुआ जिले के पेटलावद तहसील के झकनावाडा गांव के समीप सिंघेश्वर धाम अति प्राचीन तीर्थ स्थल है। किंदती तिथि के अनुसार प्राचीन काल में श्रृंगी ऋषि नामक राजा द्वारा स्थापित स्थान है, यहां की महत्ता यह है की प्राचीन काल में एक राजा के सिर पर सिंग गए थे जो श्रृंगी ऋषि के वचन अनुसार इस स्थान पर स्वत इस सरोवर में स्नान करने पर गल गए थे। यह स्थान माही एवं मधु कन्या नदी का संगम स्थल है, यहां पर दोनों नदियां मिलती है। समस्त समाज में यहां के प्रति बहुत आस्था है, श्रद्धालु आज भी अपने पूर्वजों की अस्थिया विसर्जन हेतु इस तीर्थ स्थान पर आते हैं और अस्थिया विसर्जन कर अपने पूर्वजों को मोक्ष दिलवाने की कामना करते हैं। यह एक प्राचीन स्थान जहां पर श्रीश्री 1008 काशीगिरी महाराज द्वारा 1 किलोमीटर के क्षेत्रफल में बगीचा लगाकर वृक्ष स्थापित किए गए थे, जहां पर काशीगिरी महाराज द्वारा साधना की गई थी, उक्त स्थान माही डैम बनने की वजह से डूब क्षेत्र में आ चुका है।
   
वर्तमान में नवीन मंदिर जहां पर श्रीश्री 1008 काशीगिरी महाराज के गादी नशीन श्रीश्री 108 रामेश्वर गिरी विद्वान है, उनके द्वारा नवीन मंदिर पर भी काफी मनमोहक अति रमणी स्थान बनाने हेतु प्रयास किए गए। आज नवीन मंदिर पर भी सैकड़ों फलदार वृक्ष स्थापित है। राजेश शर्मा ने बताया कि आज के दिन सुबह से मंदिर पर भक्तों का तांता लगा रहा तथा पुर्णिमा के अवसर पर यहां सेंकड़ों भक्तों ने माहीं में डुबकी लगाकर माहीं माता की पुजा अर्चना कर नदी में दीपक छोडे गयें। 


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