Breaking

Tuesday, November 12, 2019

बच्चों के भविष्य के साथ करते खुद अधिकारी करते स्कूल की हालत दयनिय निरिक्षण के बाद अधिकारियों ने लगाई फटकार


पेटलावद से राज मेड़ा के साथ  अर्जुन ठाकुर की रिपोर्ट

पेटलावद। शासन शिक्षा के नाम पर करोड़ों रूपयें खर्च कर रहा है, जिससे की बच्चों को अच्छी पढ़ाई मिले और आगे जाकर अपना, परिवार व जिले, प्रदेश में नाम रोशन करें, लेकिन शासन की मशांओं के विपरित जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी खुद शासन की नियमों की धज्जीया उड़ा रहे है। मामला समिपस्थ ग्राम करवड़ का है जहां संकुल प्राचार्य के पद पर पदस्थ संजय हुकु खुद समय पर स्कुल नहीं पहुंचते है, एैसे में जब प्राचार्य खुद स्कुल नहीं पहुंचेंगे तो उनके अधिन रहने वाले अन्य शिक्षक क्या समय पर पहुंचते होंगे। ग्राम करवड़ के ग्रामीणों ने बताया कि प्राचार्य लगभग 4 वर्षो से यहां पदस्थ है लेकिन इन चार सालों में प्राचार्य की उपस्थिति स्कुल में कम हीं रहीं, हमने प्राचार्य को राष्ट्रगान में 4 दिन भी खड़े होते नहीं देखा। बताया जाता है कि प्राचार्य शासन के नियम अनुसार से हटकर अपने बनायें नियम अनुसार स्कुल पहुंचते है और वह भी अपनी मर्जी के अनुसार जब आना हो आ जाते है और जब जाना हो चले जाते है। ज्यादातर संकुल प्राचार्य खुद स्कुल से नदारद रहते है, एैसे में विघालय के जिम्मेदार खुद स्कुल में उपस्थित नहीं
रहेंगे तो यहां की व्यवस्था किस प्रकार संचालित होती होगी। पूर्व में संकुल प्राचार्य को उनुपस्थित रहने पर पूर्व एसड़ीएम हर्षल पंचोली द्वारा कार्य में अनियमितता बरतने पर कार्यवाहीं की थी, लेकिन उक्त कार्यवाहीं से भी संकुल प्राचार्य को कोई खासा फर्क नहीं पड़ा।
स्कुल की हालत दयनिय
करवड़ में स्थित इस स्कुल में आसपास ग्रामीण ईलाके के बच्चें भी अध्ययन के लिए पहुचते है, लेकिन स्कुल में अव्यवस्थाओं का अंबार छाया हुआ है, स्कुल के हालात इस प्रकार है कि शौचालयों के ऊपर पानी की टंकी भी नहीं है, बच्चों की प्यास बुझाने वाला हैंडपंप भी ढाई- तीन वर्ष से बंद पड़ा है, चारों ओर गंदगी ही गंदगी फैल रही है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। इन समस्त शिकायतों को लेकर जब स्थानिय ग्रामीण भंवरसिंह झाला द्वारा 181 सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत भी दर्ज की गई थी, उक्त शिकायत को देखते सहायक आयुक्त ने मौके पर इन सारे हालातों को देखा और शिकायतकर्ता की शिकायत सहीं पाई गई और प्राचार्य, शिक्षक व जनशिक्षक के अनुपस्थित पायें जाने पर नोटीस भी जारी किया गया, लेकिन फिर भी प्राचार्य की मनमानी यहां हावी है। वहीं स्कुल में बने साइंस रूम को भी नहीं खोला गया, जब अधिकारियों ने मौका मुआवना कर रूम को खुलवाया तो वहां जाले हीं जाले लटक रहे थे, कई महिनों से साइंस रूम बंद होने से उक्त रूम कबाड़ खाना लग रहा था, इस स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने वहां उपस्थित संबंधित जमकर फटकार लगाई। साथ हीं यहां बने साइंस रूम में नल जल योजना के माध्यम से जो दीवार आगे की और बनाई गई थी उसे भी बिना अनुमति के तोड़ दिया गया, उक्त दीवार टूटने के बाद गांव की नालियों से निकलने वाला गंदगी का पानी साइंस रूम के अंदर तक पहुंच जाता है, एैसे में प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की धज्जिया भी खुलकर उडाई जा रहीं है।  शिकायतकर्ता भंवरसिंह झाला द्वारा मुख्यमंत्री तक को शिकायत की गई थी और शिकायत के निराकरण के लिए पेटलावद ब्लॉक के अधिकारियों ने भी जांच कर शिकायत को प्रमाणित माना था।
इस संबंध में सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य ने चर्चा के दौरान बताया कि स्कुल में अनियमितता पाई गई है, निरिक्षण करने पर संकुल प्राचार्य, शिक्षक व जनशिक्षक अनुपस्थित पायें गयें इस आधार पर संकुल प्राचार्य, शिक्षक व जन शिक्षक को नोटीस जारी किया गया है, नोटीस के जवाब को देखकर नियमअनुसार कार्यवाहीं की जाएगी।

Post a Comment

Post Top Ad