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Tuesday, December 17, 2019

तीन राज्यो से जोडने वाले थांदला बदनावर मार्ग की हालत दयनीय...... करोड़ो रूपये वसूलने वाली टोल कंपनी की मनमानी... आयें दिन होते है हादसें....

 पेटलावद से हरीश राठौर की रिपोर्ट

पेटलावद। पेटलावद से गुजरने वाले सागर अहमदाबाद स्टेट हायवे मार्ग थांदला से पेटलावद व बदनावर तक 78 कि.मी. की दूरी तय करके म.प्र. को गुजरात से जोड़ता है सन् 2008 में म.प्र. की तत्कालीन सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशीप पीपीपी योजना के अन्तर्गत इस राजमार्ग की देखरेख हेतु इगलदीप इंफ्रा प्रायवेट लिमिटेड कंपनी को सड़क मेटनेंस का एग्रीमेंट कर पेटलावद से 8 कि.मी. दूर पेटलावद-थांदला मार्ग पर टोल नाका स्थापित कर टोल वसूली की अनुमति प्रदान की थी, एग्रींमेट के मुताबिक सड़क की पूर्णतया मरम्मत संधारण, खतरनाक टनिंग पाईट सहित वृक्षारोपण, सड़क की सफाई, पूलीस थानो पर वाहन की व्यवस्था, एम्बूलेंस व अन्य सभी कार्य करना चाहिए थे परंतु कंपनी ने गत दस वर्षो में करोड़ो रू. की टोल वसूली के बावजूद सड़क की मरम्मत तो दूर सड़क के गढ्ढे भरना भी उचित नही समझा। नगरीय क्षेत्रो में जमीन से सड़के उंची हो जाने से आए दिन दूर्घटनाएं होती है परंतु सडक के किनारे पटरी भराई कभी नही की गई। कभी कभी अवैधानिक तरिके से मुर्रम खोदकर गढ्ढे भर दिए जाते है। मुख्य मार्ग की जर्जर हालत और जानलेवा गढ्ढो के कारण गत दस वर्षो में कई निर्दोष अपनी जाने गंवा चुके है। नागरिकों को सुविधा देने के लिए नागरिकों से ही वसूली जा रही करोड़ो की राशि टोल नाके पर मुस्तैदी से वसूली जाती है परंतु गुजरात इन्दौर फोर लेन से जोडने वाला यह मार्ग हमेशा हादसों का पर्याय रहा है। इस स्टेट हायवे की हालत जर्जर हो रही है पूरे मार्ग पर गढ्ढे हादसो को निमत्रंण दे रहे है। नियमानुसार टोल कंपनी के प्रतिनिधि को प्रतिदिन रोड़ का निरिक्षण कर आवश्यक कार्य तत्काल कराने चाहिए परंतु ना तो कंपनी के कोई इंजीनियर ना ही कोई गुणवत्ता देखने वाला व्यक्ति है। कंपनी से अनुबंध करने वाले म.प्र. सड़क प्राधिकरण द्वारा भी इस ओर ध्यान नही देने से लगता है कंपनी को मनमानी करने की छूट मिल गई हो।
प्रतिदिन हजारो वाहनो का दबाव, लाखो की वसूली
उपरोक्त स्टेट हायवे राजस्थान गुजरात की सीमा से लगा हुआ है इस मार्ग से आसपास कई क्षेत्रो सहित मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन हजारो वाहनो का दबाव रहता है पेटलावद-थांदला के बीच टोल नाका स्थापित है यहां से कंपनी प्रतिदिन लगभग तीन लाख रू. की वसूली करती है। अनुबंध के मुताबिक वसूली का 15 प्रतिशत सिंर्फ मार्ग मरममत पर व्यय करना आवश्यक है। गत दस वर्षो में करोड़ो की वसूली के बावजूद आज तक कंपनी ने पूरी तरह मार्ग मरम्मत की सुध तक नही ली वाहन चालक व नागरिको के अनुसार रोड़ निर्माण के बाद वाहन तेज गती से निकलने लगे परंतु मार्ग के कई पुलिया क्षतिग्रस्त हो रहे है पुल के बीच से सरिए निकल रहे है पूरे मार्ग पर गढ्ढो की भरमार है पूरे रोड़ की साईड पटरियां नही भरने से आए दिन हादसे हो रहे है, पूरे मार्ग पर कही भी संकेतक नही है और ना ही व्यवसिथ
त रूप से बोर्ड लगे है।
अनुबंध के अनुसार वृक्षारोपण करना कंपनी की प्रमुख जवाबदारी है परंतु वर्षा के दौरान उगी झाडि़यां भी नही हटाई गई टोल कंपनी व विभागीय नुमांईदो को अभी तक कई परिवारो के चिरागो व मुखिया से कोई सरोकार नही है शायद कंपनी का मूल मंत्र वसूली कर मिल बांट कर मनमानी करना है अन्यथा ऐसे मुख्य मार्ग पर की जा रही गत दस वर्षो की मनमानी पर निश्चित रूप से अंकुश लगाया होता ।

आए दिन हो रही है दूर्घटनाएं

यातायात संकेतो की कमी से वाहन चालक समझ नही पाते स्थान नही समझने के कारण दुर्घटना को निमत्रंण देते है इसी प्रकार विद्यालय, न्यायालय व्यवसायिक क्षेत्र या मार्केट कही भी स्थान दर्शाने वाले बोर्ड नही लगे होने से सदैव दूर्घटना का अंदेशा रहता है। कंपनी की लापरवाही का नतीजा है कि पूरे मार्ग पर कही न कही दूर्घटना होती है और किसी ना कीसी घर का चिराग बुझ जाता है अथवा अपंगता का शिकार हो जाता है।

टोल कर्मचारियों ने भी किया विरोध

ईगलदीप इंफ्रा प्र. लि. टोल कंपनी के खिलाफ टोल के ही कर्मचारियों ने अपने शोषण के खिलाफ एक ज्ञापन 12 दिसंबर 2019 को टोल प्रबंधन को देते हुवे बताया कि टोल प्रारंभ होने से आज तक सेलेरी शीट नही दी गई वो दी जाए, ग्रेज्यूटी का लाभ दीया जाए, कर्मचारियों से 12 घंटे ड्युटी कराई जाती है उसके लिए अतिरिक्त राशि दी जाए फुड भत्ते की राशि सभी कर्मचारियों को दी जाए, मेडीक्लेम राशि किसी को नही दी जाति है पूर्व में राज निनामा सहित कुछ कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान एक्सीडेन्ट होने पर स्वयं ने इलाज कराया, सभी कर्मचारियों को पीएफ एकाउंट केवायसी अपडेट किया जाए, रेनकोट सहित गर्म कपड़ो की सुविधा दी जाए, प्रारंभ में कर्मचारियों को 10000 के लगभग वेतन व सुविधाओं का कहा गया था परंतु खातो में 4500 से 6000 प्रति माह डाले जा रहे है, पूर्व में भी एक कर्मचारीयों को बिना नोटिस दिए बाहर कर दिया गया। कम से कम दो महिनों का नोटिस दीया जाए, बाहर के व स्थानीय कर्मचारियों में एक समान काम के बावजूद भेदभाव किया जाता है। बाहर के कर्मचारियों वाहन पैट्रोल डीजल की राशि दी जाती है स्थानीय कर्मचारियों को नही दी जाती है। इसी प्रकार स्थानीय कर्मचारियों का अवकाश प्रतिबंधित है इस प्रकार से उपरोक्त ज्ञापन टोल के स्थानीय मैनेजर के माध्यम से टोल प्रबंधन को भेजकर उक्त मांगे 21 दिंसबर 2019 तक पूरी नही करने पर सभी कर्मचारी काम बंद कर टोल नाके पर हडताल पर बैंठेंगे।
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राज मेड़ा :-7049735636

हरीश  राठौड़ :-99816 05033



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