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Thursday, December 26, 2019

पेटलावद क्षेत्र टमाटर उत्पादक किसानों के माथे पर इन दिनों चिंता की लकीरें दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है

पेटलावद हरीश राठोड रिपोर्ट

पेटलावद। क्षेत्र टमाटर उत्पादक किसानों के माथे पर इन दिनों चिंता की लकीरें दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। क्योंकि इस वर्ष बारिश अधिक होने का कारण टमाटर की फसलों से वैसे भी 2 महीने देरी से आमदनी आना शुरू हुई। ओर महज एक माह तक ही अच्छे भाव किसानों के मिल पाए उसके बाद जैसे ही किसानों के पास टमाटर की उत्पादकता बढ़ने लगी और धीरे-धीरे टमाटर के भाव एकदम कम होते गए। जो इन दिनों महज 70 से ₹80 प्रति कैरेट मिल रहे हैं। जिसमें किसानों को टमाटर की तुडाई, ग्रेडिंग एवं पैकिंग आदि में ही लगभग ₹30 प्रति कैरेट तक का खर्च आ जाता है जिसके बाद किसानों को मात्र 30-40 रुपए ही हाथ लग रहे हैं। जिसमें टमाटर की फसल को खाद एवं दवाई आदि का  खर्च निकाल पाना भी मुश्किल हो रहा है। जिससे पेटलावद तहसील के लगभग 5000 किसान फसल को लेकर चिंतित है  जिनके द्वारा लगभग 1600 हेक्टर में टमाटर की फसल ली जाती है।

कई प्रकार की बीमारियों का प्रकोप 

ठंड के दिनों में कभी मकड़ी तो कभी डाउनी जैसी गंभीर बीमारियां का प्रकोप भी किसानों को झेलना पड़ता है इन बीमारियों के द्वारा फसलें धीरे-धीरे नीचे से पीली पड़ती हुई पूरी तरह पौधे सूख जाता है जिस को बचाने के लिए अधिक महंगी दवाइयों का छिड़काव करना पड़ता है जो कि इतने कम भाव में संभव नहीं।

इस वर्ष उत्पादन बहुत कम है

सामान्यतः देखा जाए तो इस वर्ष बारिश अधिक होने के कारण पहले भी टमाटर की फसल डेढ़ से 2 माह तक लेट उत्पादन देना शुरू हुई एवं उसके बाद भी जब सीजन शुरू हुई तो पौधों पर फलों का लगना हर वर्ष की तरह काफी कम है जिससे किसानों को उचित मुनाफा नहीं मिल पा रहा है

आने वाले वर्षों में टमाटर की फसल लेना महंगा साबित हुआ

 इधर किसान  रामेश्वर पाटीदार भरत मुलेवा  दिलीप पाटीदार, मोतीराम वसुनिया, विजय पाटीदार,  दिलीप पाटीदार, मांगीलाल पाटीदार अंबाराम पाटीदार रघुनाथ पाटीदार आदि ने बताया की इस वर्ष टमाटर की फसल का उत्पादन लेने के लिए हर वर्ष की तरह इस वर्ष 2 गुना अधिक खर्चा आ रहा है। एवं फसलों से उत्पादन हर वर्ष से आधा ही मिल पा रहा है। एवं भावों में भी भारी कमी के कारण किसान इन दिनों काफी चिंतित है अगर यही स्थिति आगे वाले दिनों में भी रही तो टमाटर की फसल उगाना किसानों को महंगा साबित होगा।

पेटलावद तहसील का टमाटर मशहूर है

टमाटर की फसल के उत्पादन में पेटलावद के तहसील के किसान सबसे आगे हैं जहां का टमाटर पूरे देश के साथ-साथ अन्य देशों में भी मशहूर है पेटलावद का टमाटर दिल्ली, भीलवाड़ा,  कोटा, उदयपुर,  जयपुर, अहमदाबाद, नडियाद सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पेटलाद तहसील के टमाटर की मांग रहती है एवं दाम में बिकता है।

 मौसम की मार

इन दिनों कभी ठंड तो कभी गर्मी एवं आसमान के में बादलों के छाए रहने एवं कभी कभार छुटपुट बारिश के मौसम से फसल को काफी नुकसान हो रहा है जिससे आने वाले दिनों में टमाटर का उत्पादन पर विपरीत प्रभाव रहेगा एवं उचित उत्पादन नहीं मिल पाएगा।

एक साथ उत्पादन आने के कारण भाव कम

उद्यानिकी विस्तार अधिकारी पेटलावद सुरेश ईनवाती ने बताया कि इन दिनों टमाटर का उत्पादन हर क्षेत्र से अधिक होने लगा है एवं  बार-बार मौसम में हो रहे परिवर्तन  के कारण भाव में कमी देखी जा रही है। वही किसानों द्वारा टमाटर की फसल के बीमा का लाभ भी लेना चाहिए। जिससे खराब मौसम से होने वाले नुकसान की भरपाई हो सके। जिसकी अंतिम तिथि 30 दिसंबर हैं।

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