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Monday, December 23, 2019

पंचायत में किया लाखों का भ्रष्टाचार.......

पेटलावद से हरिश  राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। सरकारें विकास को लेकर लाखों दावें करती है लेकिन उनके दावें तब खोखले साबित हो जाते तब जमिनी स्तर पर विकास का नामोनिशान ना हो। इस आदिवासी अंचल के ग्रामीण विकास से कोसो दूर है, यहां विकास तो हुआ लेकिन सिर्फ कागजों पर हीं निर्माण कार्य को पुरा बताकर लाखों रूपयें की राशि के व्यारे-न्यारे कर लिए। यहां तक शासन की मंशाओं पर जिम्मेदार अधिकारी भी पानी फेरने में पिछे नहीं है, अधिकारियों के संज्ञान में मामले होने के बाद भी ग्रामीणों की समस्याओं को हल नहीं किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का सरकार से भरोसा उठता नजर आ रहा है। शासन की मंशा है कि हर गांव, हर फलियें का विकास हो ताकि ग्रामीण अंचल में रहने वाले ग्रामीणों को कोई परेशानी न हो, हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का लक्ष्य है तथा हर फलियें में सुचारू आवागमन के लिए सड़क का पक्का निर्माण करना है, लेकिन अधिकारियों से लेकर पंचायत में बैठे भ्रष्टों की लिपापोती व कमिशन के चलते लाखों रूपयें के व्यारे न्यारे कर लिये जाते है। वहीं ग्रामीण अंचलों में विकास नहीं होने और समस्याओं से जुझते ग्रामीण सरकार को कोसते नजर आते है। झाबुआ जिले में एैसे कई ग्रामीण क्षेत्र है जहां विकास सिर्फ कागजों पर हुआ है, एैसे में इन भ्रष्टों की ईमानदारी से जांच की जाए तो कागजों पर दोड़ाएं गयें विकासी घोड़ों की पोल खुल जाएगी।
राशि निकली, रोड़ नहीं बना.......

मामला तहसील मुख्यालय से महज 10 से 12 किमी दूर ग्राम पंचायत असालिया का है, जहां विकास के नाम भ्रष्टों ने राशि तो आहरण कर ली लेकिन विकास नहीं किया गया है। ग्राम पंचायत असालिया के अमलियार फलियें के रहवासियों ने बताया कि रमेश विरजी के घर से मुक्तिधाम तक 4 लाख 80 हजार रूपयें की लागत से बनने वाले सीसी सड़क मंजुर हुई थी लेकिन आज तक यहां रोड़ नहीं बना है। ग्रामीणों का कहना है पंचायत द्वारा राशि भी निकाल ली गई लेकिन कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं किया गया है, जिससे हमें आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, कई बार इस मार्ग पर वाहन चालक गिरकर घायल भी हो चुके है। वर्षो से यह मार्ग बनने की राह देख रहा है किन्तु भ्रष्टाचार में लिप्त सरपंच-सचिव अपनी जेबे भरने में मस्त है। बडे-बडे गढ्ढो में तब्दीत इस मार्ग की हालत खस्ताहाल है, जहां कई बार रहवासी गीरकर घायल हो चुके है। इसके साथ हीं इसी ग्राम पंचायत में पंचायत भवन से तेरसिंग मानजी के घर तक, जालु दिता के घर से शिव मंदिर तक, विरजी अमलियार के घर से दलसिंग मंजी के घर तक, तेजाजी मंदिर से रूपजी मंजी मुणिया के घर तक का सीसी रोड़ निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं हुआ है और राशि लगभग आहरण कर ली गई। रोड़ नहीं बनने से यहां के ग्रामीण खासकर बरसात के मोसम में खासे परेशान होते है, उन्हें किचड़ के बिच होकर गुजरना पडता है।

पंचायत में नहीं आते सचिव.....

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कभी सचिव आते हीं नहीं है, हमें कोई भी कार्य करवाना है तो पेटलावद जनपद पंचायत जाना पडता है, जबकि हमारें काम स्थानीय पंचायत में होना चाहिए, हमारी पंचायत असालिया में तो पंचायत भवन के ताले भी नहीं खुलते है, इस कारण हमें सरकारी कामकाज में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने अपनी पिढ़ा सुनाते हुए कहां कि चाहे विधवा पेंशन का कार्य हो या राशन कार्ड का या फिर अन्य कोई कार्य हमें हर कार्य के लिए भटकना पड़ता है, फिर भी हमारे काम नहीं हो पाते है। सरकार तो योजनाएं लाती है किन्तु वह हमसे कोसो दुर रहती है।
ग्रामीण जीवन खडि़या, सुनिल, मडि़या, थावरिया आदि ने बताया पंचायत द्वारा रोड़ के नाम पर राशि निकाल ली गई, लेकिन जमिनी स्तर पर रोड़ आज भी गढ्ढो में तब्दील है, सरकार हम ग्रामीणों के लिए विकास तो करना चाहती है लेकिन जिम्मेदार इस और कोई ध्यान नहीं देते है, पंचायत के सचिव मुन्ना अरड़ को भी हमने कई बार यहां की समस्याओं से अवगत करवाया लेकिन हमारी किसी ने नहीं सुनी। यहां तक तत्कालिन जनपद पंचायत के सीईओं घनघोरिया व अनुविभागीय अधिकारी को भी ग्रामीणों द्वारा आवेदन देकर ग्राम में फेली समस्याओं से अवगत करवाया था लेकिन आज दिनांक तक समस्या जस के तस है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द हीं हमारी समस्याओं का निराकरण कर शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाए।

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