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Wednesday, December 18, 2019

पेटलावद के लिए मंगलवार का दिन दुगुनी खुशियां व उत्साह लेकर आया जब आयुषी बहन गांधी के साथ श्रीमती अनिता बहन दिलीप संघवी तिलगार (बदनावर) की दीक्षा की भी घोषणा हुई।

पेटलावद से हरीश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद। पेटलावद के लिए मंगलवार का दिन दुगुनी खुशियां व उत्साह लेकर आया जब आयुषी बहन गांधी के साथ श्रीमती अनिता बहन दिलीप संघवी तिलगार (बदनावर) की दीक्षा की भी घोषणा हुई। फिर पेटलावद श्री संघ ने बाहर से आने वाले मेहमानों का तांता लग गया। एक के बाद एक नई व्यवस्थाएं जुटाना पडी साथ  ही नगर के सभी बडे आवास परिसर भी खुलवाने पडे। भोजनशाला में भी अत्यधिक चहल पहल हो गई। पर सकल जैन समाज श्री संघ, गांधी परिवार, मुरार परिवार व संघवी परिवार के कुशल ताल मेल में आखिरकार सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित हो गई। और जब शाम को अभिनंदन समारोह शुरू हुआ तब बैठक व्यवस्था पूर्ण रूप से खचाखच भर गई।
      श्री संघ पेटलावद द्वारा आयोजित अनोखे अभिनंदन समारोह में जालना महाराष्ट्र के मेहूल भाई एंड ग्रुप ने खुब समा बांधा। गीतों से, किस्सो से, शब्दों से, सच्ची घटनाओं से, धार्मिक नायक नायिकाओं के उदाहरणों से दीक्षा समारोह को अदभूत रूप से प्रस्तुत किया एवं पूरे पांडाल को कई बार आंसूओं में भिगो दिया। इस अभिनंदन समारोह ने श्री संघ पेटलावद के अलावा धर्मदास गण परिषद, अखिल भारतीय चंदना श्राविका संगठन, महावीर समिति, तेरापंथ सभा, तेरापंथ महिला मंडल, अखिल भारतीय जैन पत्रकार महासंघ, लायंस क्लब, अटल सामाजिक सेवा संस्थान भोपाल, जैन श्रावक संघ आगर, रूपचंद्र जैन आगर के अलावा, नागदा श्री संघ, रत्नाखेडी श्री संघ, श्री संघ के पदाधिकारीयो ंएवं सदस्यों महिला मंडल, बहू मंडल, नवयुवक मंडल, बालिका मंडल ने दीक्षार्थी व उनके परिजनों का अभिनंदन किया। आयुषी बहन ने जब अपने दिवंगत पिता महेंद्र गांधी, माता सीमा गांधी, दादाजी बाबूलालजी, दादी कोयलदेवी, छोटे दादा कांतिलाल, दादी कांतादेवी का जब स्मरण किया तो पूरे पांडाल की आंखे नम हो गई। आगम के मोती पुस्तक जीसकी रचना अनोखीलाल धोखा अंकलेश्वर ने की हैं। आयुषी बहन के करकमलों से उसका विमोचन भी किया गया।
     अपनी बहन की दीक्षा के अवसर पर भाई अंकित मुरार ने भी अपनी बहन के लिए मंगलकामनाएं व मंगल आशीष व्यक्त किए। श्री संघ ने आयुषी बहन व अनिता बहन के परिजनों का सार्वजनित अभिनंदन किया। जिन लोगों का अभिनंदन किया उनमें कांतिलाल, कुसुमदेवी मुरार, आयुष, हर्षा गांधी, अंकित शालू मुरार, अशोक गांधी, सुमन गांधी का गांधी, मुरार परिवार के प्रतिनिधि के रूप में सम्मान किया। अपने अभिनंदन समारोह के प्रति उत्तर में आयुषी बहन ने कहा गुणों से भरपूर मेरे गुरू व गुरूणी की प्रेरणा से, गांधी व मुरार परिवार के आशीष से मैं दीक्षा मार्ग पर बढने में सफल हो रही हूं। मुझे अपनी आत्मा का अभिनंदन संयम से करते हुए खुशी हो रही हैं। सम्मान आप कर रहे हैं और रोमांच मुझे हो रहा हैं। यह संयम पद पर चलने वाले का अदभूत सम्मान हैं। संयम का विचार करने मात्र से इतना सम्मान होता हैं तो संयम के बाद मिलने वाले सम्मान की बात ही कुछ और होगी। मैं अपने ईष्ट जनों से, सखा साथियों व नगरजनों से अपनी कोई भी अविशा के लिए क्षमा चाहती हूं मुझे क्षमा करें और मेरी होने वाली दीक्षा के साक्षी बने।
आयुषी बहन ने अपने पालक कांतिलाल मुरार व कुसुमदेवी मुरार के पाव को धोकर उनके प्रति अपना सम्मान भी प्रदर्शित किया।



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