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Friday, December 6, 2019

गरीबों के पैसो पर ठगोरें का डाका....लोन के झांसे में आ रहे लोग... नयें प्रोजेक्ट के माध्यम से हो जाते गरीबों को छलने में कामयाब..... युनिटी फाउंडेंशन कहीं फर्जि तो नहीं ? सरकार दे ध्यान...

पेटलावाद सेराज मेड़ा रिपोर्ट
पेटलावद। अपनी दिनभर की मजदुरी से अपने बच्चों के भविष्य के नाम पर दस बीस रूपयें जमा करके बचत करके गरीबों के द्वारा महिला समुहों को पैसा दिया जाता है और इन समुहों के लालची सदस्यों के द्वारा गरीब का पेट काटकर ईक्ट्ठी की गई पुंजी को हडपकर भोले भाले ग्रामीणों को छलावें का काम किया जा रहा है, ऐसा हीं एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें शुक्रवार को पेटलावद नगर की कई महिलाओं ने कार्रवाई के लिए एक ज्ञापन एसडीएम एमएल मालवीय को सोंपा।
क्यां है मामला......
पेटलावद की संगम गु्रप तलावपाड़ा की अध्यक्ष कमलाबाई पति सुरजा मैड़ा व सचिव अनिता पति शंकरलाल राठौड़ सहित कई महिलाओं ने एसडीएम एमएल को आवेदन देते हुए बताया कि रूखीबाई पति बाबु वसुनिया निवासी मोरझरी मोहनकोट जो कि बंधन बैंक की सदस्य होकर के द्वारा आवेदनकर्ता महिला सदस्यों की ग्यारंटी पर बेंक से 60 हजार रूपयें का लोन लिया था जिसकी किश्त प्रतिमाह जमा करवाना पड़ती है, लेकिन रूखी वसुनिया के द्वारा लोन लेने के बाद फरार हो गई है, और फोन पर गाली गलोच करते हुए जान से मारने की धमकी दे रहीं है। रूखी वसुनिया के लोन कि किश्त नहीं भरने पर बंधन बैंक के द्वारा समुह की अन्य महिलाओं को परेशान किया जा रहा है, और महिला सदस्यों के उपर पैसा भरने का दबाव बंधन बैंक के द्वारा दिया जा रहा है। ज्ञापन पर एसडीएम एमएल मालवीय के द्वार नियम अनुसार कार्रवाई करने की बात कहीं जा रहीं है।
बड़ा लम्बा है मकड़जाल....
नाम मात्र के कागज और मामुली रकम जमा कराने के एवज में लाखों रूपयें का लोन देने का दोर क्षेत्र में जारी है तथा लोग बडी मात्रा में इन समुह संचालकों के पास पहुचकर लोन ले रहे है लेकिन ऐसे समुहों की आड में कुछ स्वार्थी लोग भी शामिल होकर लोन देने के नाम पर लोगो को ठगने की योजना बना रहे है। वर्तमान में इन ठगोरो के द्वारा लोगो को झासें मे लेने के लिये कई नये-नये तरीके अपनायें जा रहे है। कई बार देखा गया है कि कम समय में राशि दुगनी या फिर कम समय में लाखों कमाने के चक्कर में कई गरीब और मध्यमवर्गी परिवार अपनी जमा पुजी लगाकर बबार्द हो चुके हैं, लेकिन धोखाधडी करने वाले हर बार किसी नये प्रोजेक्ट के साथ और कमाने और पेसे प्राप्त करने की आसान योजनाओं के साथ गरीबो को छलने में कामयाब हो जाते हैं। साथ हीं ठगायें जाने के बाद लोगो को एहसास होता है कि उनका सब कुछ लुट गया है। इन दिनों शासन के द्वारा समुहों के माध्यम से महिलाओं को व्यापार के लिये लोन देकर उनको आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कई स्थानो पर चल रहा है। वहीं पेटलावद ,झकनावदा , रायपुरिया ,बामनिया सहित विकास खण्ड के कई ग्रामों और पुरे जिले भर में गुजराज की एक फर्म जो कि अपना नाम युनिटी फाउडेंशन बताकर अपने आप को शासन द्वारा ग्रामीण महिलाओं को एक लाख रूपये तक का लोन देने के लिये अधिकृत बताकर जिले के कई इलाकों में अपने कार्यकर्ता भेज कर लोन लेने के लिये महिलाओं को जोड़ रही है तथा प्रति महिला सदस्य से 1600 सौ रूपयें वसुले जा रहे है तथा जल्द हीं उनके खातों में राशि अलग-अलग किश्तो में डालने की बात कहीं जा रहीं है।
तीन माह से चल रहा खेल.....
इन दिनों जिले में भी इस प्रकार का खेल पिछले तीन माह से चल रहा है, मिली जानकारी के अनुसार युनिटी फाउडेंशन अहमदाबाद गुजरात की संस्था द्वारा पुरे जिले में एक लाख तक लोन देने के स्थानीय एेंजेटों के माध्यम से प्रति महिला सदस्य 1600 रूपये की वसुली की जा रही है जिसके लिये संस्था ने स्थानीय पडे लिखे ग्रामीणो और यहॉ तक की कई आगंनवाडी कार्यकर्ताओ को अच्छी खासी कमाई करने का लालच देकर महिलाओ से 1600 रूपये लेने के काम में लगाकर अब तक सैकडो महिलाओं से राशि जमा करवा ली। युनिटी फाउडेंशन जो लोगो को बता रहा उसके अनुसार फाउडेशन महिलाओ को शासन के निर्देशानुसार एक लाख रूपये का लोन केवल महिला के आधार कार्ड की फोटोकापी और 1600 रूपये लेकर दे रहा है और लोन की राशि 05 वर्षो में किश्त के माध्यम से जमा करनी जिसमे भी शासन की और से एसटी-एससी के लिये 40प्रतिशत, ओबीसी के लिये 25प्रतिशत और सामन्य के लिये 20प्रतिशत का अनुदान देने की बात कर रहे है। फाउडेशन के अनुसार महिलाओ को लोन की राशि तीन माह बाद किश्तो में मिलना शुरू होगी और कुल पाच माह मे पुरी लोन की राशि मिलेगी ,लोन की राशि लोन धारक को पहले तीन माह में दस-दस हजार और फिर अगले दो माह में पैतिस-पैतिस हजार रूपये दिये जायेगे। वही सदस्यों को जोडने के लिये फाउडेंशन के लोगो ने स्थानीय ऐंजेन्टों टारगेट के अनुसार पर फार्म पचास से रूपये , मासिक वेतन दस हजार से लेकर पचास हजार तक , लोन की राशि कलेक्शन के खर्च के लिये एक हजार रूपये से पाचॅ हजार रूपयें और पर किश्त कलेक्शन पर दस रूपये अलग से कमीशन देने जैसा लालच दिया जा रहा है जिसके फेर में पड कर कई स्थानीय युवको ने अब तक सैकडो महिलाओं से लाखो रूपये वसुल कर फाउडेशन के लोगो को जमा कर दिये। 
     फाउडेशन के निशाने पर न केवल झाबुआ बल्कि आसपास के सीमावर्ती जिले धार, अलिराजपुर ,रतलाम जैसे जिलों के ग्रामीण इलाके है । पिछले तीन महीनो से जिले भर में कार्य कर रही युनिटी फाउडेंशन ने 30 नवम्बर शनिवार को मेघनगर विकासखण्ड गडवाडा पंचायत के मवडी फलिया में सहित रम्भापुर क्षेत्र के एक गांव में फाउडेशन के लोगो द्वारा कुछ एक महिलाओं लोन की पहली किश्त दस हजार रूपये देने के लिये सैकडो महिलाओ को इकट्ठा किया गया , सम्भवत युनिटी फाउडेशन की और से छलावा हो सकता था जिसके तहत ये बताया जा रहा है की फाउडेशन लोन की राशि दे रहा है ताकि ऐजेन्ट ज्यादा से ज्यादा महिलाऔ का जोड सके , मामले की जानकारी पुलिस अधिक्षक विनीत जैन को दी गई जिसके बाद पुलिस अधिक्षक के निर्देशन में मेधनगर थाना प्रभारी कोशल्या चौहान दल बल के साथ मौके पर पहॅूची और वहॉ कई स्थानीय ऐजेन्ट मिले जो लोन की राशि वितरण करवाने का आयोजन करवा रहे थे। मौके पर फाउडेशन से जुडे लोग भी पहुचने वाले थे लेकिन पुलिस के मौके के बाद नही पहॅूचें , थाना प्रभारी ने पुरे मामले की तफतीश की और आयोजन करवाने वाले एेंजेन्ट ने बडौदा गुजरात के किसी व्यक्ति से बात करवाई जिसने अपने फाउडेंशन के पुरी तरह से सही होने और मध्य प्रदेश सहित कुल सात अन्य राज्यों में काम करने की बात कहते हुवे शाम तक सभी दस्तावेज पुलिस अधिक्षक कार्यालय में लेकर पहॅूचने का आश्वासन दिया जिसके बाद पुलिस वहॉ से बिना किसी कार्यवाही के लौट गई। जिस प्रकार से गुजरात राज्य की फाउडेशन बताकर स्थानीय लोगो का लालच देकर पैसा इकठा करने का कार्य बिना शासन-प्रशासन की जानकारी के किया जा रहा है उससे साफ है जिले भर के गरीब जनता और ग्रामीण किसी बडी धोखाधडी का शिकार होने जा रहे है फिलहाल पुलिस का कहना है कि हमारे पास कोई शिकायत नही है कैसे और किस पर कार्यवाही करे।
राजस्थान में हो चुकी है धोखाधड़ी....
बता दे कि गत दिनों राजस्थान के सीमावर्ती जिले बांसवाडा में इसी प्रकार की किसी कम्पनी द्वारा समुह के नाम पर महिलाओं को लोन देने के लिये ऐजेंट के माध्यम से 600 से 1000 रूपये तक की वसुली कर ली गई , कम्पनी द्वारा कुछ महिलाओं के खाते मे कुछ रकम जमाकर उनका विश्वास भी हासील कर लिया जिसके बाद मानों ऐजेन्टों का पैसा जमा करवाने वाले की लाइन सी लग गई। बस कुछ ही महिनों में करोडो समेट कर कम्पनी के लोग रातो रात गायब हो गयें , बताया जा रहा हैं बांसवाडा जिले के कई थानों में इस प्रकार की शिकायते दर्ज हुई और इस प्रकार के फर्जीवाडे के समाचार भी स्थानीय अखबारो में प्रकाशित हुवे।

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