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Thursday, December 19, 2019

दुसरे दिन भी जारी रहीं अतिक्रमण मुहिम.... भेदभाव पूर्ण कार्रवाई से हर जगह हो रहा विरोध..... रसुखदारों पर मेहरबान प्रशासन....

पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट
पेटलावद। अतिक्रमण हटाने निकले प्रशासन ने अपनी जुबान से आमजन की भावनाओं पर अतिक्रमण करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग कर भेदभाव पूर्ण तरीके से अतिक्रमण हटाया। नगर में दो दिन से अतिक्रमण हटाने की मुहिम चल रही है किंतु इस मुहिम का पहले दिन ही विरोध प्रारंभ हो गया था। अतिक्र्रमण हटाने के पूर्व प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कोई सूचना या नोटिस नहीं दिया गया, इस बात को लेकर प्रशासन से हर जगह नागरिकों से विवाद हुआ। वहीं भारतीय स्टेट बेंक के निकट बने एक मकान को तोड़ने के संबंध में प्रशासन और महिला के बीच में विवाद भी हुआ और महिला ने पुलिस कर्मीयों पर अभद्रता का आरोप भी लगाया।
        अतिक्रमण हटाने की मुहिम में पुलिस प्रशासन का रवैया आमनागरिक व मिडिया कर्मीयों के साथ भी अच्छा नहीं रहा। पुलिस प्रशासन ने समाचार के लिए कवरैज कर रहे पत्रकारों के साथ भी दुर्व्यवहार किया। दुसरे दिन अतिक्रमण हटाने की मुहिम गांधी चौक बस स्टैंड से प्रारंभ हुई जो की नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए नया बस स्टेंड तक पहुंची। प्रशासन की भैदभाव पूर्ण कार्रवाई का नगर के सभी नागरिकों ने विरोध किया। प्रशासन द्वारा केवल छोटे लोगों को परेशान किया जा रहा है, किंतु उन स्थाई अतिक्रमणकारियों और भूमाफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि प्रशासन को चाहिए की इस समय राज्य सरकार की मंशा अनुसार अवैध भू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करना है, लेकिन पेटलावद नगर में कमलनाथ सरकार को बदनाम करने के लिए गरीबों पर कार्रवाई की जा रहीं है और बडे भु-माफियाओं को बख्शा जा रहा है।
गुरूवार की कार्रवाई में सबसे बडी कार्रवाई राधू गुर्जर के द्वारा मुख्य मार्ग पर स्टेट बैंक के समीप दो दुकानों का अवैध रूप से निर्माण कर कब्जा कर रखा था और उन दुकानों को किराये पर दे रखा था जिस पर कार्रवाई करते हुए दोनो दुकानों को जमीजोद किया गया। वहीं मुख्य मार्गो पर आमजन ने स्वतः अपनी दुकानों के बाहर लगे टीन शेड हटा लिए और वहीं स्टेट बैंक के सामने ओम हार्डवेयर का सरिया मार्ग पर रखा होने से उनका दस हजार का चालान बनाया।इसके साथ ही मुख्य मार्ग पर खडी बाइक व अन्य दो पहिया वाहनों को जप्त किया गया और चालान बनाए गए। साथ हीं अतिक्रमण के बाद छोटे घुमटीधारी अपना सामान समेटते नजर आयें।
कहां कहां है अवैध कब्जा.....
नगर के विभिन्न स्थानों पर रसूखदारों द्वारा अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा कर रखा है किंतु उन  पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। नगर में रसूखदार खाली पडी शासकीय जमीन के आसपास की भूमी कम दामों में खरीद कर लाखों करोडो की शासकीय भूमी पर कब्जा कर लेते है। इस प्रकार की स्थिति नगर के थांदला रोड पर नाले के समीप दोनो ओर रसूखदारों द्वारा कब्जा कर रखा है। पूर्व में इस स्थान पर बगीचे का निर्माण कर आमजन को सौंपा गया था किंतु अब उस करोडों की जमीन पर पुनः कब्जा कर लिया गया। वहीं बरवेट रोड पर    अवैध रूप से बनाए गए है। वहीं बामनिया रोड पर भी पेट्रोल पंप के आगे नाले पर कई लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा।
इसके साथ ही एक भू माफिया द्वारा बरवेट रोड पर भी सरकारी जमीन पर लगभग 25 हजार स्क्वेयर फीट जमीन पर कब्जा कर नाले पर ही पुल बना दिया गया है और आमजन के सुखाधिकार का हनन करते हुए पानी को रोकने  का कार्य किया है।
वहीं माही कालोनी रोड पर भी कई रसूखदारों और भूमाफियाओं ने अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा कर रखा है और उस पर कई प्रकार निर्माण करने के प्रयास किए जा रहे है। आखिर प्रशासन कब इन असली माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करेगा। या केवल गरीब और छोटे लोगों को ही परेशान कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाएगी।
प्रशासन की अतिक्रमण हटाने की मुहिम जब तक सफल नहीं मानी जाएगी जब तक इस प्रकार के अवैध व पक्के निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर नहीं चलता है।
नप की दुकान पर भी अवैध कब्जा व अतिक्रमण
प्रशासन अपनी ही संपत्ती की साज सवार नहीं कर पा रहा है। नगर परिषद द्वारा नगर में कई स्थानों पर दुकानो व काम्पलेक्स का निर्माण किया गया। किंतु आज उन दुकानों में भी कई लोगों के अवैध कब्जे है। जिसमें असली मालिक तो कहीं नजर नहीं आ रहा है और अवैध तरीके से दुकानों के स्वरूप में भी परिवर्तन किया जा चुका है। इस संबंध में कई बार समाचार प्रकाशन व कई लोगों के द्वारा शिकायत करने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आज प्रशासन अपना रसुख दिखाने के लिए केवल गरीब गुमटी वालों पर ही जेसीबी चला रहे। आखिर इन अवैध कब्जेधारियों और दुकानों के स्वरूप को परिवर्तीत करने वालों के विरूद्व कब कार्रवाई की जाएगी। .

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