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Thursday, January 23, 2020

केसरिया कुण्ड सब्जी मण्डी फिर हुई विरान.... सब्जी विक्रेताओं के स्थान पर बैठ रहे मवेशी... शासन के 26 लाख पर फिर रहा पानी.... नगर परिषद दे ध्यान...

पेटलावद से हरिश राठौड की रिपोर्ट

पेटलावद। प्रशासन व नगर परिषद के ढुममुल रवेये के कारण नगर के केसरिया कुण्ड में हाल में विकसीत की गई सब्जी मण्डी उजड गई है। सुविधाओं के अभाव में सब्जी विक्रेता वहां से पलायन कर गयें है, दुसरी तरफ नगर के सांई मंदिर क्षेत्र, पुराना बस स्टेण्ड, गांधी चौक तथा मंहाकाल पंथ पर अवैध रूप से सब्जी विक्रेताओं के बैठने से वहां यातायात की बाधा उत्पन्न होने लगी है। उल्लेखनिय है कि प्रदेश व्यापी अतिक्रमण हटाओं मुहिम के पूर्व से हीं नगर परिषद पेटलावद केसरिया कुण्ड में सब्जी विक्रेताओं को बैठाकर वहां सुव्यवस्थित सब्जी मण्डी विकसीत करने के प्रयासों में जुटी थी लेकिन यह सब आधे अधुरे मन से हो रहा था। केसरिया कुण्ड की भूमि पर कांक्रिट रोड़ बनाने तथा पेवर लगाने का काम भी 26 लाख रूपयें की लागत से किया गया था लेकिन सब्जी विक्रेताओं ने वहां पर्याप्त जगह नहीं होने के चलते बैठने में रूची नहीं दिखाई। बाद में मुख्यमंत्री कमलनाथ के आदेश से भुमाफियाओं के खिलाफ की गई सख्ती के चलते एक बार फिर पेटलावद में सब्जी विक्रेताओं को विभिन्न स्थानों से हटाकर केसरिया कुण्ड में बैठाने के प्रयास कियें गयें इस मर्तफा केसरिया कुण्ड में किया गया कच्चा, पक्का अतिक्रमण भी पुरी तरह जमिदोंज कर दिया गया, इसके बाद प्रशासन ने सब्जी विक्रेताओं को वहां बैठने के लिए राजी कर लिया तथा जल्द हीं वहां से तोड़े गयें अतिक्रमण का मलबा भी हटा लिया गया परन्तु अतिक्रमण से मुक्त करवाई गई जमिन पर कांक्रिट रोड़ व पेवर नहीं लगने, पेयजल के समुचित व्यवस्था नहीं होने, मुत्रालय के अधुरे रहने के कारण सब्जी विक्रेताओं का मन यहां नहीं लगा और वह फिर यहां से चले गयें। कई सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि सारे सब्जी विक्रेता एक साथ यहां बैठे तभी उनका व्यापार सुचारू रूप से चलेगा वर्ना सब्जी मण्डी आबाद नहीं होगी।

कुछ सब्जी विक्रेता बैठने को नहीं राजी.....

प्रशासन ने केसरिया कुण्ड में सब्जी मण्डी विकसीत करने के मुद्े को बहुत हल्के में लिया, आला अधिकारियों के दबाव में कुछ दिन सख्ती बरती गई लेकिन बाद में ढिल दे दी गई, हटायें गयें अतिक्रमण के स्थान पर पेवर लगाने तथा रोड बनाने के काम को भी ठण्डे बस्ते में डाल दिया तथा स्थानिय सब्जी विक्रेताओं को अन्यंत्र बैठने की छुट दे दी, इन सब कारणों से केसरिया कुण्ड सब्जी मण्डी 10 से 15 दिनों में हीं फिर से विरान हो गई। गांव से आने वाले कई छोटे सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि जो किसान पेटलावद या आसपास के है वे यहां बैठना नहीं चाहते वें बस स्टेण्ड, श्रंद्धांजली चौक, गांधी चौक आदि स्थानों पर सब्जीया बेचते है इस कारण केसरिया कुण्ड में हमारा व्यवसाय नहीं चलता है। नगर परिषद बाहर बैठने वाले सब्जी विक्रेताओं के साथ सख्ती नहीं बरतते हुए उन्हें अन्यंत्र सब्जी बेंचने की मौन स्वीकृती दे देती है, ऐसे में हमारा धंधा चोपट हो गया, मजबुरन हमें भी यहां से पलायन करना पडता है।

नगर परिषद की उदासिनता.....

इस मामले में नगर परिषद का रवेया बेहद लचिला और उदासिनता भरा रहा है, पेटलावद अनुविभागीय अधिकारी एमएल मालवीय ने नगर परिषद को पत्र लिखकर आदेशित किया की सब्जी विक्रेताओं को हर स्थिती में सुविधाए प्रदान करते हुए केसरिया कुण्ड में बैठाया जाए इसके लिए यदि पुलिस सहायता की आवश्यकता तो वह भी ली जाए लेकिन नगर परिषद के कानों पर जुं नहीं रेंग रहीं वह मामले को लटकाने और यथा स्थिती बनायें रखने में रूची ले रहीं है। एसडीएम ने नगर परिषद को आदेशित किया था कि नगर परिषद कर्मी घुम घुमकर यत्र तत्र बैठे सब्जी विक्रेताओं को हटाकर केसरिया कुण्ड में बैठायें लेकिन नगर परिषद कर्मीयों की सुस्ती के कारण सब्जी विक्रेता वहां नहीं बैठ सकें और स्थिती यह है कि केसरिया कुण्ड में मवेशी विचर रहे है। कई सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि वहां हटायें गयें अतिक्रमण के स्थान पर धुल मिट्टी व ईंटो के टुकडे पडे है वह सभी सब्जी विक्रेताओं के एक साथ बैठने में जगह कम पडती है। एैसे में यदि जल्द मण्डी का धरातल विकसीत हो जाए और सभी छोटे बडे सब्जी विक्रेता एक साथ वहां बैठने लगे तभी मण्डी में सबका व्यापार चलेगा और मण्डी निरंतर चल पाएगी। ऐसा नहीं होने पर महिने 15 दिन के अंतराल में फिर सब्जी विक्रेता पलायन करेंगे और सब्जी मण्डी के उजडने का अंदेशा पेदा हो जाएगा जिससे इस मण्डी के नाम पर खर्च कियें गयें लाखों रूपयें की बर्बादी भी होगी।

क्यां करें प्रशासन.....

सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि यदि सच मुच प्रशासन सब्जी मण्डी के मामले में गंभीर है तो उसे सभी छोटे बडे सब्जी विक्रेताओं को वहां बैठाना पडेगा और इसकी निरंतर मानिटरिंग भी करना पडेगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो सब्जी विक्रेता व्यवसाय न चलने के कारण अन्यंत्र जगह ढुंढ लेंगे, ऐसे में शासन द्वारा खर्च कियें गयें रूपयों पर पानी फिर जाएगा।

जारी किया जाएगा पत्र

इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी एमएल मालवीय ने चर्चा के दौरान कहां कि अव्यवस्था की सुचना आपसे प्राप्त हुई है, नगर परिषद को तत्काल पत्र जारी किया जा रहा है।



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