Breaking

Thursday, January 23, 2020

छेड़छाड़ के आरोपी नारायण व दीपक को न्यायालय ने सुनाई कड़ी सजा.... महिलाओं का कानून के प्रति बढ़ रहा विष्वास

पेटलावद से राज मेड़ा की रिपोर्ट 

पेटलावद। दिल्ली के निर्भया काण्ड को लेकर फरियादी परिवार के द्वारा लगातार लम्बी कानूनी लड़ाई लडने के बाद पिडि़त परिवार के लिए राहत की खबर आई, जब देश के सर्वोच्य न्यायालय के द्वारा आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई और इस आदेश को देश के महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा आरोपियों की दया याचिका खारीज करते हुए यथावत रखा गया और आगामी दिनों में आरोपियों को फांसी की सजा होने की तैयारी चल रहीं है। इस प्रकार के आदेशों से महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचार और अपराधों में कमी आएगी इसी प्रकार के एक नाबालिक से छेड़छाड के मामले में पेटलावद न्यायालय के द्वारा गुरूवार को आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा का आदेश पारीत किया गया। वहीं बुधवार को भी अपर सत्र न्यायाधीश के द्वारा बलात्कार के आरोपी को 10 वर्ष की सजा व जुर्माना से दण्डित किया था। 
क्यां है मामला....

सहायक लोक अभियोजन अधिकारी व मिडि़या प्रभारी सुरेश जामोद द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि पेटलावद की रहने वाली नाबालिक पिडि़ता सुमन (परिवर्तित नाम) के द्वारा पुलिस थाना पेटलावद में दिनांक 9/1/2018 कों अपनी दादी के साथ जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि फरियादिया स्कुल पढ़ने के लिए जा रहीं थी तब स्कुल के गेट के पास हीं घर के पिछे रहने वाले आरोपी नारायण पिता गंगाराम पुरोहित (चारण) ने पिछे से आकर बुरी नियत से अश्लिल हरकते करने लगा और जबरन गाड़ी पर बैठाने की कोशिष की और बात दुसरो को बताने पर जान से मारने की धमकी दी, पिडि़ता के द्वारा अपने परिजनों को बात बताई तब आरोपी नारायण के भाई दीपक पिता गंगाराम पुरोहित (चारण ) के द्वारा सरेआम दुकान पर आकर मारपीट व झगड़ा किया गया। पिडि़ता की रिपोर्ट पर पुलिस थाना पेटलावद के द्वारा भादवी की धारा 354, 294, 506, 323, 34 व पास्को एक्ट की धारा 7/8 के तहत् प्रकरण पंजिबद्ध कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। पेटलावद के अपर सत्र न्यायाधीश जेसी राठौर के द्वारा अभियोजन अधिकारी प्यारेलाल चौहान व मनिषा मुवेल व मीरा चौधरी के तर्को से सहमत होते हुए आज आरोपियों में से नारायण को 3 साल की सजा और जुर्माना तथा आरोपी
दिपक को कठोर जुर्माना अदा कियें जाने की सजा सुनाई।

रोते-रोते सुनाई थी आपबिती.....

पिडि़ता के द्वारा न्यायालय में चले प्रकरण की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष रो-रोकर अपने साथ की गई प्रताडना को बताया था और पिडि़ता व उसके परिजनों व मौके के साक्षियों ने यह तक कथन करते हुए बताया था की आरोपी के विरूद्ध अपराध पंजिबद्ध होने के बाद भी आरोपी दीपक के द्वारा पिडि़ता की स्कुल में पहुंचकर केस उठाने की धमकी भी दी थी।

Post a Comment

Post Top Ad