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Wednesday, January 15, 2020

शिकायत पर एसडीएम ने करवाया महाविद्यालय का निरीक्षण..... समय पर नही आते प्राचार्य, कर्मचारियों ने भी सुनाई पीड़ा....


पेटलावद से हरिश राठौड की रिपोर्ट

पेटलावद। शासकीय महाविद्यालय पेटलावद में पेटलावद में आज दिनांक को एसडीएम एमएल मालवीय के निर्देश पर तहसीलदार एवं पटवारी महाविद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुचे, लेकिन प्रभारी प्राचार्य सुधा दिक्षित 12 बजे तक अपने कर्तव्य पर उपस्थित नही हुई, जब तहसीलदार द्वारा विद्यार्थियों से समस्या के बारे में पूछा तो समस्या का अंबार खड़ा हो गया, विद्यार्थियों ने कहा कि प्राचार्य समय पर नही आते है उज्जैन से रोजाना अप डाउन करते है और कभी तो आते भी नही, हम प्राचार्य के पास आयडी पर हस्ताक्षर करवाने जाते है तो हमे भगा देते है,  महाविद्यालय में हमें प्राचार्य कभी नही मिलते, प्राचार्य का कभी 1 बजे आते है, कभी 2 बजे कभी कभी तो आते ही नही, जिससे हमारे काम समय पर नही होते साथ ही प्राचार्य के महाविद्यालय समय पर नही आने से हमको शासन को योजनाओं का लाभ भी समय पर नही मिल रहा, छात्रवृत्ति, आवास अन्य योजनाओं का लाभ भी नही मिलता है।
         टॉयलेट की समस्या है, पीने का पानी शुद्ध नही मिलता ओर भी बहुत सी समस्या से तहसीलदार को अवगत कराया। तहसीलदार द्वारा महाविद्यालय के कर्मचारियों से प्राचार्य के संबंध में बात करी तो उनके द्वारा भी यही कहा गया कि समय पर प्राचार्य नही आने से बहुत से कार्य समय पर नही हो पा रहे है साथ ही महाविद्यालय में कार्यालय संचालन की सामग्री भी खत्म हो गई है स्टेशनरी क्रय नही कर रहे है और स्टेशनरी, कंप्यूटर अन्य फर्मो के देयकों का भुगतान भी नही कर रहे है, जिससे फर्मो द्वारा कर्मचारियों को भुगतान हेतु परेशान किया जा रहा है और महाविद्यालय के कार्यालय संचालन में कठिनाई हो रही है, तहसीलदार जितेंद्र अलावा द्वारा प्राचार्य की अनुपस्थिति का पंचनामा बनाया साथ ही विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की समस्या से अवगत हुए।
इनका कहना है....
छात्र नेता हरिओम शर्मा ने कहां कि प्राचार्य समय पर नही आने से हम विद्यार्थियों के काम समय पर नही होते है, प्राचार्य हम विद्यार्थियों से अच्छा व्यवहार नही करती, सरकारी योजनाओं का लाभ नही मिल रहा, ओर डॉ सुधा दिक्सित समय पर कक्षाएं भी नहीं लेती हैं।
   महाविघालय के सांसद प्रतिनिधि दीपक पडि़यार ने कहां कि प्राचार्य अपने कर्त्तव्य के प्रति उदासीन है, विद्यार्थियों के हितों को अनदेखा किया जा रहा है, बीएसडब्ल्यू के विद्यार्थियों के प्रवेश तक नही किये, वनांचल के विद्यार्थियों को परेशान किया जा रहा है। जिले के अग्रणी महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अन्य अधिकारियों को भी अवगत कराया पर अधिकारियों द्वारा कोई कार्यवाही नही की जाती।
    महाविद्यालय स्टॉफ के द्वारा भी बताया गया कि प्राचार्य द्वारा दुर्भावना पूर्ण व्यवहार किया जाता है। कर्मचारियों से भेदभाव एवं द्वेषपूर्ण रूप से कार्य करवाती है, कर्मचारियों को कार्य नही करने देती है, दबाव बनाती है, वरिष्ठ अधिकारियों कार्यालयों से कर्मचारियों को धमकाती है। प्राचार्य का प्रभार डॉ किरण दुबे को
दिया जाये।


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