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Wednesday, January 15, 2020

कमल की परिषद में कमल के झण्डे कचरे में...... भाजपा को एक छत्र नेता की दरकार.....यहीं हाल बनेगी परेशानी का कारण...


पेटलावद से हरिश राठौड की रिपोर्ट

पेटलावद। राजनितिक गलियारों में यह चर्चा आम होती है कि जिसकी सत्ता होती है उसके सीतारें आसमान छुते है और सत्ता जाने पर झण्डे उठाने वाले भी नहीं मिलते है, ऐसा हीं कुछ हाल नगर परिषद पेटलावद में देखने को मिला। पिछले 1 वर्ष से म.प्र. में कांग्रेस शासित सरकार है, इसके पूर्व भाजपा के शासन काल में भाजपा लिडरों की लम्बी लाईनें देखने को मिलती थी, यहां तक की भाजपा का झण्डा उठाकर फोटो खिंचाने के लिए हर लीडर केमरे के सामने आ जाता था, लेकिन आज पेटलावद के पत्रकारों को एक एैसा नजारा देखने को मिला जिसमें नगर परिषद के गलियारें में कचरे के ढेर के पास भाजपा के बहुत सारे झण्डे पडे हुए देखने को मिलें।  
           उल्लेखनिय है कि ढाई वर्ष पूर्व पेटलावद की नगर परिषद में 13 पार्षद और 1 अध्यक्ष, उपाध्यक्ष इसी कमल के झण्डे को उठाकर परिषद पर काबिज हुए लेकिन प्रदेश में सत्ता परिवर्तन होने से भाजपा शासित इस परिषद में भाजपा के झण्डे कचरे के ढेर में देखने को मिल रहे है। वहीं कई नागरिकों ने चुटकी लेते हुए यह भी कहां कि अभी भाजपा के नेता खुद का व्यवसाय करने में व्यस्त है उन्हें पार्टी की कोई फिक्र नहीं है। वैसे भी नगर में भाजपा के कार्यकर्ताओं को एक छत्र साथ लेकर चलने वाला कोई नेता दिखाई नहीं दे रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप कमल की परिषद में कचरे में कमल के झण्डे पड़े है। यहीं स्थिती आने वाले पंचायत चुनाव में भाजपा के लिए नुकसान का कारण बनेगी।



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