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Wednesday, January 15, 2020

प्रशासन सक्रिय, नगर परिषद निष्क्रिय...... बिना लायसेंस के बेच रहे मॉस-मछली, हो रहा बिमारिया का खतरा... राजनितिक दबाव या वोट बैंक...?

पेटलावद से हरिश राठौड की रिपोर्ट

पेटलावद। पिछले दिनों चली अतिक्रमण मुहिम के बाद मुख्य मार्ग से हटे अतिक्रमण और वाहनों को सहीं ढंग से खडे रखने एवं यातायात बाधित न हो इसके लिए प्रतिदिन सुबह पुलिस थाना पेटलावद के द्वारा मानिटरिंग की जा रहीं है, लेकिन शाम के समय सब्जी व फल विक्रेताओं के द्वारा फिर से मुख्य मार्ग पर ठेला लगातार अतिक्रमण करते हुए यातायात बाधित किया जाता है। इसके लिए नगर परिषद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहीं है।

एसडीएम ने पूनः जारी किया स्मरण पत्र....

पेटलावद अनुविभागीय अधिकारी एमएल मालवीय के द्वारा 14 जनवरी बुधवार को पूनः स्मरण पत्र जारी करते हुए नगर परिषद को सख्त हिदायत दी है की शाम के समय सब्जी व फल विक्रेताओं के द्वारा रोड़ पर आकर अतिक्रमण किया जा रहा है और यातायात बाधित किया जाता है इसके लिए नगर परिषद के कर्मचारियों का दल बनाकर इन्हें हटाया और इन सब्जी तथा फल विक्रेताओं को केसरिया कुण्ड स्थित सब्जी मण्डी में बैठाया जाए जो सब्जी विक्रेता नियमों का पालन नहीं करते है उनके उपर चालानी कार्रवाई की जावें तथा आवश्यकता होने पर पुलिस बल की मदद भी ली जावें। प्रशासन की और से इतना सहयोग करने के बाद भी नगर परिषद के उदासीन रवेंये एवं राजनितिक वोट बैंक की लालच के चलते नगर की यातायात व्यवस्था प्रतिदिन शाम को फिर से बिगड जाती है।
मटन मार्केट पर भी नहीं कर रहीं कार्रवाई....

एसडीएम मालवीय के द्वारा मंगलवार को नगर परिषद पेटलावद सहित परियोजना अधिकारी शहरी विकास अभिकरण झाबुआ को पत्र जारी करते हुए आवश्यक रूप से निर्देश किया है कि मटन व मछली विक्रेता खुले स्थान में अपना व्यवसाय कर रहे है जिससे प्रदुषण और बिमारिया फेलने का भय है, जिन्हें चयनित स्थान पर बैठाये जाने की व्यवस्था करें लेकिन नगर परिषद इस और भी कोई कार्रवाई करने को तत्पर नहीं है। उल्लेखनिय है कि नगर परिषद के द्वारा मछली व मटन विक्रेताओं को 13 जनवरी तक अपने लायसेंस व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर नगर परिषद में तलब किया था, लेकिन अब तक नगर परिषद किसी ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच पाई है। वहीं नगर परिषद के पास इन विक्रेताओं के संबंध में स्पष्ट रेकार्ड भी उपलब्ध नहीं है जिससे कई लोग बिना लायसेंस के हीं मॉस व मछली का व्यापार कर रहे है।

प्रदुषण और बिमारिया का खतरा....

उल्लेखनिय है कि मटन व मछली विक्रेताओं के द्वारा नगर में खुलेआम मुक जानवरों को काटकर खुले में बेचा जाता है जिनका न तो कोई परिक्षण होता है तथा खुले में होने के कारण बदबु व गंदगी होने के साथ हीं साथ प्रदुषण भी होता है जिससे हमेंशा कई प्रकार की बिमारियों का अंदेशा बना रहता है। देखा जाए तो नगर पालिका अधिनियम सहित अपदुषण के नियमों अनुसार इस प्रकार की दुकानें नगर से बाहर रखे जाने का स्पष्ट प्रावधान है तथा बिना लायसेंस के भी इस प्रकार के व्यवसाय वर्जित है।

हो रहीं राजनिती....

इस पुरे मामले में जहां प्रशासन और पुलिस पेटलावद नगर की व्यवस्था को सुचारू और स्वस्थ्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने को तत्पर है लेकिन इस पुरे मामले में नगर परिषद सहित स्थानिय राजनिती आडे आ रहीं है, राजनितिक प्रतिनिधियों के निजी, सामाजिक व वोट बैंक के संबंधो के चलते नगर की इस बड़ी समस्या को पेटलावद के राजनेता हीं सुलझने नहीं देना चाहते है।

यातायात सुरक्षा सप्ताह में प्रतिदिन हो रहीं गतिविधिया....
ग्रामीणों में यातायात सुरक्षा के जगे भाव.....
पेटलावद। 31 वा यातायात सुरक्षा सप्ताह शनिवार से प्रारंभ हुआ है जिसमें शनिवार को पुलिस प्रशासन व पत्रकारों के द्वारा रैली निकाली गई थी, पिछले 5 दिनों में एसडीओपी बबीता बामनिया और थाना प्रभारी दिनेश शर्मा के मार्ग दर्शन में प्रतिदिन यातायात को लेकर कई प्रकार की गतिविधिया संचालित की जा रहीं है। पिछले दिनों चली अतिक्रमण मुहिम के बाद मुख्य मार्ग से हटे अतिक्रमण और वाहनों को सहीं ढंग से खडे रखने एवं यातायात बाधित न हो इसके लिए प्रतिदिन सुबह पुलिस थाना पेटलावद के द्वारा मानिटरिंग की जा रहीं है। वहीं पिछले 5 दिनों में यातायात सुरक्षा प्रभारी सुबेदार कमलसिंह मेंडल व महिला आरक्षक कलम, रोशनी सहित आरक्षक भुपेन्द्र, विरेन्द्र, शेलेन्द्रसिंह व रवी के द्वारा प्रतिदिन वाहनों पर कार्रवाई करते हुए पिछले 5 दिनों में 30 से अधिक बिना नंबर, बिना लायसेंस के वाहनों के उपर चालानी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 हजार रूपयें की राशि का जुर्माना आरोपित किया है। वहीं 150 वाहनों पर रिफलेक्टर लगाने के साथ ही साथ उत्कृष्ठ विघालय के छात्रों और कन्या विघालय की छात्राओं के मध्य केम्प आयोजित करते हुए इन छात्र छात्राओं को यातायात सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी और सड़क सुरक्षा के सबंध में निबंध व चित्रकारी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसी क्रम में लगभग 100 से अधिक बिना नंबर की गाडि़यों पर नंबर प्लेट लगवाकर वाहनों के नंबर भी लिखवायें गयें। लगातार पुलिस की मानिटरिंग के चलते नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के लोगो में यातायात के प्रति जागरूकता और सुरक्षा के भाव उत्पन्न हुए है।



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