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Wednesday, January 1, 2020

छोटो पर कार्यवाहीं....बडो पर दया.... दुकानदारों ने अवैध तरीके से बदला दुकानों का स्वरूप.... नगर परिषद ने काॅम्पलेक्स के दुकानदारों को किया नोटीस जारी.... नहीं सुधरे तो आवंटन होगा निरस्त....

पेटलावद से ओपी  मालवीय की रिपोर्ट

पेटलावद। प्रदेश सरकार द्वारा भु माफियाओं पर लगाम कसने के उदेश्य से चलायें गयें अतिक्रमण मुहिम में पेटलावद क्षेत्र के प्रशासनिक दल के द्वारा भी नगर सहित आसपास की बड़ी पंचायतों में अतिक्रमण मुहिम चलाई। पिछले हप्ते चली अतिक्रमण मुहिम को धिमे पडे अमुमन 3 से 4 दिन हुए है लेकिन अतिक्रमण मुहिम के मिले झुले परिणाम फिर से सामने आने लगे है। नगर में चलायें गयें अतिक्रमण मुहिम के दौरान गांधी चैक से लेकर श्रद्धांजली चैक तक मुख्य रूप से चलायें गयें इस अभियान में जहां सब्जी विक्रेताओं को केसरिया कुण्ड स्थित सब्जी मण्डी में सब्जी विक्रेताओं को बैठाने में प्रशासन के द्वारा जहां सफलता हासिल कर ली है वहीं निलकंठेश्वर महादेव मंदिर के दोनो तरफ लगी दुकानें अभी भी प्रशासन के लिए चुनोती बनी हुई है, जहां निलकंठेश्वर महादेव मंदिर के नाम वाली सरकारी जमीन के दोनो और फल विक्रेता और सब्जी विक्रेताओं के द्वारा ठेलागाड़ी लगाकर व्यवसाय किया जा रहा है और शाम ढलते हीं केसरिया कुण्ड में बैठने वाले सब्जी विक्रेता भी धिरे-धिरे मुख्य मार्ग पर आ जाते है जिससे शाम के समय पूनः यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती है, साथ हीं जो सब्जी विक्रेता केसरिया कुण्ड में जमीन पर बैठकर व्यवसाय कर रहे है उनमें भी नाराजगी देखने को मिल रहीं है, सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि प्रशासन के ढिले रवेये के चलते ठेला व्यवसायी पूनः शाम के समय मुख्य मार्ग पर आ जाते है जिससे उनका व्यापार प्रभावित होता है, प्रशासन को चाहिए की सभी विक्रेताओं को चयनित स्थान पर बैठने के लिए हीं निर्देशित किया जाए और शाम के समय प्रशासन माॅनिटरिंग करते हुए नियम तोड़ने वालों के विरूद्ध कार्यवाहीं करें अन्यथा नगर परिषद के द्वारा की गई यह व्यवस्था बहुत जल्द फेल हो जावेंगी।

दुकानदारों को दियें नोटीस......

प्रशासन व नगर परिषद के द्वारा मुख्य मार्ग के सब्जी विक्रेताओं व ठेले पर व्यापार करने वाले फुटकर विक्रेताओं को तो केसरिया कुण्ड में बिठा दिया लेकिन नगर परिषद के द्वारा बनायें गयें काॅम्पलेक्स भी दुकानदारों के द्वारा अवैध तरीके से दुकानों का स्वरूप बदलकर अपनी मनमर्जी से निर्माण कर लिया है और अतिक्रमण कर रखा है। यहां तक कई बडे दुकानदारों ने चार से पंाच दुकानों को मिलाकर एक दुकान कर दी है और बनी हुई दुकानों का पुरा नक्शा हीं परिवर्तन कर स्वरूप बदल दिया गया है, जिसके संबंध में नगर परिषद के द्वारा लगभग एक दर्जन से अधिक दुकानदारों को सुचना पत्र देकर निलामी की शर्ताे के अनुसार पुनः दुकानों को उसी स्वरूप में लाने हेतू पत्र जारी किया है। नगर परिषद के द्वारा दिनांक 27/12/2019 को जारी सुचना पत्र में यह भी उल्लेखित किया है कि दुकानदारों के द्वारा यदि दुकानों को पूर्ववत नहीं किया जाता है या अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो दुकानदारों का स्वामित्व नगर परिषद से निरस्त करते हुए पूनः दुकानों को निलाम किया जाएगा।

मटन व मछली मार्केट की खाली दुकान तक रहीं राहप

नगर परिषद को लगातार मटन व मछली विक्र्रेताओं के लिए बनाये गयें टीन शेड़ में बैठाने के लिए लगातार नगर के नागरिको के द्वारा मांग की जा रहीं है वहीं पिछले दिनों हुई बैठक में एसडीएम एमएल मालवीय ने जल्द हीं मछली व मटन मार्केट को चालु करवाने के लिए नगर परिषद को निर्देशित किया था लेकिन नगर परिषद की आपसी खेंचतान व वोट की राजनिति के चलते लाखों रूपयें खर्च करके बनायें गयें मटन मार्केट की दुकानें आज भी या तो खाली पडी है या उनमें निजी व्यक्तियों ने कब्जा कर रखा है। नगर परिषद को चाहिए की जल्द हीं इस बड़ी समस्या का निराकरण करें।

बडे अतिक्रमणकर्ता पर प्रशासन की दया....

अतिक्रमण मुहिम के दौरान जहां प्रशासन के द्वारा छोटे-छोटे घुमटी धारियों व ठेला व्यापारियों को हटाकर अतिक्रमण मुहिम को सफल बनाने की कोशिष की गई वहीं नगर के अंद्धरूनी मार्ग सहित कानवन रोड़, बामनिया रोड़ के रहवासियों के द्वारा अपनी स्वेच्छा से दुकानों के आगे लगे हुए टीन शेड़ों को हटाकर प्रशासन की मुहिम में सहयोग किया लेकिन नगर में आज भी ज्वलंत सवाल और चैराहों पर चर्चा का विषय है कि स्थानिय प्रशासन को क्षेत्र के कई बडे अतिक्रमण के संबंध में लोगो के द्वारा आवेदन देकर भी बताया गया और प्रशासन को भी इस बारे में जानकारी है लेकिन इन बडे अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन के द्वारा अब तब कोई कार्रवाई नहीं करना स्थानीय प्रशासन की निश्पक्षता व कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान खडे करता है। आमजन के द्वारा स्थानीय प्रशासन के द्वारा बडे अतिक्रमणकर्ताओं पर कार्रवाई नहीं करने से प्रशासन के खिलाफ नगर में आक्रोश का माहोल है।

पुलिस चुस्त, प्रशासन सुस्त...

अतिक्रमण मुहिम के पश्चात स्थानीय पुलिस के द्वारा एसडीओपी बबिता बामनिया व थाना प्रभारी दिनेश शर्मा के नेतृत्व में प्रतिदिन सुबह मुख्य मार्ग पर मार्च किया जा रहा है जिससे सुबह सुबह मुख्य मार्ग की यातायात व्यवस्था दिनभर सुचारू रहती है लेकिन स्थानीय प्रशासन व नगर परिषद के उदासिन रवेयें के चलते शाम तक ठेला व्यापारी वापस मुख्य मार्ग पर आ जाते है जिससे शाम को पूनः यातायात प्रभावित होता है, स्थानीय प्रशासन को चाहिए की लगातार इस क्षेत्र में माॅनिटरिंग करें जिससे व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल हो सकें।

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पेटलावद से ओपी मालवीय 9575753138

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