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Wednesday, January 8, 2020

छात्रावास में जांच करने पहुंचे अधिकारी.... अधिक्षक को कारण बताओं नोटीस जारी कर तीन दिन में मांगा जवाब.....छात्रों की मांग हटे अधिक्षक....

पेटलावद से हरिश राठौड की रिपोर्ट

पेटलावद। ग्राम मठमठ के शासकीय सिनियर आदिवासी बालक छात्रावास में छात्रावास अधिक्षक के अत्याचार से वहां रहने वाले बच्चें खासी परेशानियों का सामना कर रहे थे। यहां रहने वाले छात्र भोजन, पानी, बिजली, बिस्तर आदि गंभीर समस्याओं से जुझ रहे थे इसको लेकर बकायदा छात्रों ने अधिकारियों को शिकायत कर यहां की अव्यवस्थाओं के बारे में अवगत करवाया था लेकिन उनकी समस्या पर किसी भी प्रकार से कोई ध्यान नहीं दिया गया। छात्रों द्वारा रो-रोकर मिडि़या के सामने अपनी पिढ़ा सुनाई और उनके उपर अधिक्षक द्वारा कियें जा रहे अत्याचार की पोल खोली। मामला मिडि़या के संज्ञान में आने के बाद छात्रावास में फेली अव्यवस्थाओं को लेकर प्रमुखता से खबरों का प्रकाशन कर मामले को उठाया। अखबारों में छपी खबरों के बाद जिम्मेदार अधिकारी जागे और मठमठ छात्रावास का निरिक्षण कर पेटलावद बीईओं राकेश गुप्ता ने छात्रों से चर्चा की, इस दौरान छात्रों ने उन्हें भी अपनी पिढ़ा बताते हुए वहां की समस्याओं से अवगत करवाते हुए कहां कि छात्रावास अधिक्षक रमेशचन्द्र मैड़ा द्वारा हमें काफी प्रताडि़त किया जाता है, हमारें खाते में आने वाली राशि भी हमसे थंब मशिन पर अंगुठा लगाकर निकाल ली जाती है तथा अधिक्षक का पुत्र स्वयं थंब मशिन छात्रावास में लेकर आता है जो कि एक कियोस्क सेंटर भी संचालित करता है।
पहले क्यों नहीं हुई कार्रवाई.....

मिडि़या को छात्रावास में रहने वालें छात्रों ने बताया था कि हमारें द्वारा छात्रावास की समस्याओं को लेकर बीईओं पेटलावद को अवगत करवाया था जिस पर बीईओं यहां आकर भी गयें थे लेकिन हमारी समस्याओं का निराकरण नहीं किया। अब बड़ा सवाल यह है कि पूर्व में हीं छात्रों ने संबंधित अधिकारी को छात्रावास की समस्याओं से अवगत करवा दिया था तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

छात्रों ने अधिक्षक को हटाने की मांग की....

मौके पर छात्रावास की जांच करने पहुंचे अधिकारी ने जांच में पाया कि छात्रावास में कई तरह की समस्याओं का साम्राज्य फेला है तथा छात्रों की समस्या सुनने के बाद विकास खण्ड अधिकारी पेटलावद द्वारा अधिक्षक रमेशचन्द्र मैड़ा को कारण बताओं नोटीस जारी करते हुए 03 दिवस के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर जवाब देने का कहां है। सुत्रो के अनुसार पुरे मामले में अधिक्षक पर गाज गिरना तय है, क्योंकि छात्रों द्वारा एक नहीं कई गंभीर आरोप अधिक्षक पर लगायें है,यहां तक उनके साथ मारपीट करने जैसे आरोप भी लगायें है। यहां रहने वाले छात्रों ने अधिक्षक को हटाने तथा सख्त कार्रवाई करने की मांग की है जिससे की उन्हें भविष्य में कोई परेशानी का सामना नहीं करना पडे। वहीं अगर अधिक्षक को यहां से नहीं हटाया गया तो पूनः छात्रों पर अत्याचार किया जाएगा।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी प्रशांत आर्य ने चर्चा में बताया कि जांच प्रतिवेदन के आधार पर अधिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जावेंगी।
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    हरिश राठौड़ :- 99816 05033

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