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Thursday, February 27, 2020

ग्राम पंचायतों में बंद पडे हेण्डपंप.....जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान... टेंकरों की पहुंचे जर्जर अवस्था में....

पेटलावद से ओपी मालवीय की रिपोर्ट

पेटलावद। ग्राम पंचायतों में विधायक व सांसद निधी से प्रदान कियें गयें पानी के टेंकर जर्जर अवस्था में पहुंच चुके एवं रखरखाव के अभाव में पुरी तरह से भंगार की अवस्था में पहुंच गयें पानी के टेंकर. क्यां इस बार गर्मी के समय में ग्रामीणों की कसोटी पर खरे उतर पायेंगे, यह तो आने वाला समय हीं बतायेंगा, परन्तु प्रशासनिक स्तर की तैयारिया गर्मी के दिनों में ग्रामीणों तक कैसे पहुंच पायेगी इस बात को लेकर प्रशासन पुरी तरह अनभिज्ञ है। एैसा हीं एक मामला जनपद पंचायत पेटलावद के ग्राम पंचायत केसरपुरा में देखने को मिला यहां आरंभिक दोर में हीं 4 हेण्डपंप पुरी तरह बंद पडे है एवं कई हेण्डपंप तो एैसे है जो मात्र गढ्ढो में तब्दील हो चुके है। 
    ग्रामीणों को यह भय सता रहा है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या पर पंचायत के साथ-साथ जनपद पंचायत पेटलावद के कर्ता धर्ता ने ध्यान नहीं दिया तो आने वाला गर्मी का समय ग्रामीणों के लिए मुसिबतों भरा साबित हो सकता है, इतना सब कुछ होने के बाद भी जिम्मेदार ध्यान देने में पुरी तरह अक्षम है। वर्तमान समय में विधायक के द्वारा दियें गयें पानी के टेंकर जो इन दिनों पशुओं को बांधने के काम में आ रहे है, वहीं रखरखाव के अभाव में वें पुरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुके है तथा वर्तमान समय में बिल्कुल अनुपयोगी साबित हो रहे है। गर्मी के दिनों में सबसे गंभीर समस्या पेयजल की रहती है, हर वर्ष पेयजल के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पेयजल के लिए काफी जद्ोजहद करना पड़ती है। ग्रामीण पानी के लिए इधर उधर भटकने को मजबुर होते है, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने वाला ना तो प्रशासन होता है और ना हीं सरकार। विभागीय लापरवाहीं व ग्राम पंचायतों की निष्क्रियता के चलते ग्रामीण अंचलों लगे हेण्डपंप बंद पडे है।

पीएचई विभाग की लापरवाही.... 

इसके साथ हीं अन्य ग्राम पंचायतों में भी कई हेण्डपंप बंद पडे है, जिन्हें देखने वाला कोई नहीं है। पुरे मामले में पीएचई विभाग भी लापरवाहीं बरत रहा है, विभाग द्वारा उन्हें सुधारने की कोई कोशिष नहीं की जा रहीं है। सबसे दुखद पहलु तो यह है कि पेटलावद पीएचई विभाग का कार्य में जिला मुख्यालय पर कर दिया गया है एैसे में गर्मी के दिनों में पेयजल व्यवस्था को लेकर गर्मी के दिनों में आमजन की कसोटी पर कितना खरा उतर पायेंगा देखने वाली बात है। पेयजल समस्या को लेकर जिम्मेदारों को अभी से ध्यान देने की आवश्यकता है, जिससे की गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को पेयजल के लिए भटकने को मजबुर ना होना पडे।

क्या कहते है ग्रामीण....

ग्रामीण अमरसिंह वसुनिया, सोहन निनामा व सुरताल सिंगाड़ केसरपुरा ने बताया कि ग्राम में लगभग 4 हेण्डपंप बंद है, जिससे हर बार गर्मी में हमें पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस और किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं दिया जाता है।
इस संबंध में पीएचई विभाग के बीएस बामनिया इंजिनियर ने बताया कि आपके द्वारा जानकारी प्राप्त हुई है, मामले को दिखवाया जाएगा।


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