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Tuesday, February 25, 2020

समता और सहकार के मूल्यों से समृद्व है आदिवासी समाज। शबरी जयंती पर युवा चिंतन शिविर का आयोजन। ...


पेटलावद से हरिश राठौड की रिपोर्ट

पेटलावद। आदिवासी समाज मे सादगी के पारंपरिक मुल्यों जैसे प्रकृति के प्रति सरंक्षण का भाव, श्रम के प्रति श्रद्वा, मितव्ययता तथा पारस्परिक एकता एवं आंडम्बर विहीन उत्सव प्रियता को समाज में व्यापक स्तर पर फैलाने के उद्ेश्य से शबरी जयंती के उपलक्ष्य में स्वयं सेवी संस्था संपर्क ने युवा चिंतन शिविर का आयोजन किया। इस दौरान विभिन्न गांवो से आए 100 से अधिक युवाओं ने समूह बनाकर दापा प्रथा, शराब का उपयोग, बालिका शिक्षा को बढावा, पर्यावरण सरंक्षण,पलायन के दुष्प्रभाव,बाल विवाह आदि मुद्दों पर गंभीर विचार मंथन किया। इन मुद्दों पर ग्रामीण युवाओं ने खुलकर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी समाज विश्व का सबसे पुरातन समाज है। जिसने प्रकृति के साथ सह अस्तिव का सिंद्वात सब को सिखाया है। वहीं समाज आज कुछ कुप्रथाओं के कारण प्रगती की दौड में पिछड रहा है। ग्रामीण युवाओं ने विचार विमर्श के दौरान समूह चर्चा में निकाले गए निष्कर्षो का मंच पर प्रस्तुतिकरण करते हुए सामूहिक रूप् से कुरितियों के निवारण का संकल्प लिया।
     कार्यक्रम मेें अतिथि के रूप में पुलिस थाना पेटलावद के नगर निरीक्षक दिनेश शर्मा ने कहा कि आदिवासी समाज का सम्मान तो भगवान राम ने भी किया था। आदि माता शबरी के बेर स्वीकार कर उन्होंने इस समाज के ममत्व को मान्यता दी। यदि यह समाज वधू मूल्य पर प्रतिबंध तथा शराब बंदी लागू कर दे तो सबसे अग्रणी समाज बन सकता है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बुनियादी शाला की प्राचार्य प्रक्षाली देसाई ने कहा कि शिक्षा के प्रसार से ही वास्तविक विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते है।इसके लिए ग्रामीण युवाओं को देहात में शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रीत करना चाहिए।
       वरिष्ठ पत्रकार हरिशंकर पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि मामा बालेश्वर दयाल ने जीन परंपराओं को सींच कर शक्तिशाली ग्रामीण समाज की नींव रखी आज उसे सशक्त करने की आवश्यकता है। संपर्क संस्था के निदेशक निलेश देसाई ने कहा कि सहयोग तथा सहकार आदिवासी समाज की पहचान है। इसे ओर आगे बढाना होगा। तभी गांधी जी के सपने सच हो पाएगें। कार्यक्रम में ग्राम मनासिया के लक्ष्मण सिंह मुणिया, छोटा सलुनिया के अनार सिंह सोलंकी, सामली के सागर भूरिया, आमली रूंडा पागमल खडिया, रूपापाडा के मोहन गामड, छरनिया से ज्योत्सना गरवाल,देवली की प्रेमलता गामड तथा कुआरझर के पुनम भाभर ने शादी विवाह में फीजुल खर्च रोकने,वधू मूल्य कम करने ,डीजे का सीमीत उपयोग आदि मुद्दों पर प्रस्ताव पारित कर निर्णयात्मक पहल की ।इन युवाओं ने सोशल मिडिया का उपयोग करते हुए 200 लोगों का वाट्सअप ग्रुप बनाकर अपनी बात साझा की। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मण मुणिया ने ओर आभार राधेश्याम पाटीदार ने माना।


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