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Thursday, February 20, 2020

केंसर पिड़ित महिला को नहीं मिला योजना का लाभ.... शासकीय योजनाओं पर लगा पलिता........ जिम्मेदार की अनदेखी के चलते लाचार पति अपनी पत्नि को लेकर भटक रहा दर-दर....

पेटलावाद से हरिश राठौड की रिपोर्ट

पेटलावद। एैसा हीं एक मामला पेटलावद के ग्राम गोठानिया का सामने आया है, जब एक लाचार पति ने बेहते आंसु के बिच ज्ञापन सोंपकर मदद की गुहार लगाई। केंसर पिड़ित महिला सागरबाई बंजारा ने शुक्रवार को अनुविभागीय अधिकारी एमएल मालवीय को आवेदन सोंपकर आयुष्मान कार्ड बनायें जाने की गुहार लगाई है, जिससे की उसे सरकारी योजना का लाभ मिल सके और केंसर जैसी गंभीर बीमारी से निजात मिल सकें। सागरबाई को लगभग 4 माह से केंसर की बीमारी है तथा इस बीमारी के ईलाज में अब उनके पति जगदीश बंजारा ने लगभग ढेड़ लाख रूपयें खर्च कर दियें है। जगदीश बंजारा एक गरीब व्यक्ति है जो कि अपनी पत्नि को इंदौर व गुजराज के दाहोद, अहमदाबाद तथा कई अन्य स्थानों पर ईलाज के लिए लेकर गया लेकिन गरीब स्थिती होने से उनके पास रूपयों की कमी है जिसके चलते सागरबाई को ईलाज में काफी परेशानिया आ रहीं है। गरीब जगदीश ने अपनी पत्नि के ईलाज हेतू अपना खेत भी गिरवी रख दिया तथा घर में रखी रकमें भी बेच दी लेकिन फिर भी अपनी पत्नि सागरबाई के ईलाज में ज्यादा रूपयों की आवश्यकता होने से उन्होने हार मान ली और उनकी पत्नि को वह घर लेकर आ गयें। सागरबाई के पेट में केंसर की गठान है जिसे आॅपरेशन के बाद निकाला जा सकता है, लेकिन आॅपरेशन के लिए लगभग 3 लाख 50 हजार रूपयें का खर्च बताया गया है। 
    
वहीं अहमदाबाद अस्पताल जाने पर जगदीश को डाॅक्टरों द्वारा कहां गया कि अगर आप आयुष्मान कार्ड लेकर आते है तो आपकी पत्नि का ईलाज सरकारी योजना के अंतर्गत हो सकता है। अब लाचार को शासकीय योजना का लाभ यदि मिल जाता है तो वह अपनी केंसर पिड़ित पत्नि का ईलाज आसानी से करवा सकता है साथ हीं ईलाज में लेट लतिफी के चलते उसकी हालत दिनों दिन बिगड़ती जा रहीं है। अगर समय पर पिड़ित को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल जाता है तो निश्चित रूप से वह अपनी पत्नि का ईलाज करवा सकता है, अन्यथा शासकीय योजनाए का लाभ समय पर आमजन को नहीं मिल पाने से वह कागजी साबित हो रहीं है।
उल्लेखनिय है कि गांव मंे पूर्व सर्वे के अनुसार कई ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बने हुए है, यह लाचार भी अपनी गुहार को लेकर तहसील मुख्यालय पहुंचा था किन्तु दर-दर भटकने के बाद उसे निराशा हीं हाथ लगी है। वहीं आयुष्मान योजना के कार्ड सर्वे पर भी सवालिया निशान लगते नजर आ रहे है, यह बात समझ से परे है कि ऐसे गरीब वर्ग के लोगो को इस योजना से वंचित क्यों रखा है।

जिम्मेदार की जुबानी.....

गुरूवार को केंसर पिड़ित महिला का पति जगदीश से एक आवेदन मिला है संबंधित विभाग से चर्चा की गई है।


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