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Thursday, February 6, 2020

नगर में फल फुल रहा अवैध शराब का कारोबार.... जानकर भी अंजान बैठे आबकारी विभाग के अधिकारी.... आबकारी व पुलिस प्रषासन दे रहा सुस्ती व नाकामी का परिचय....

पेटलावाद से ओपी मालवीय रिपोर्ट

पेटलावद। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार धडल्ले से फल फुल रहा है, लेकिन जिम्मेदार आबकारी विभाग आंखे मुंदे बैठा है। आबकारी विभाग की शह पर शराब माफिया खुलेआम अवैध शराब का कारोबार करते है, लेकिन उन पर कार्रवाई विभाग के अधिकारियों के द्वारा नहीं की जाती है। शराब ठेकेदार द्वारा दो पहिया वाहन से खुलेआम शराब का सप्लाय किया जाता है जबकि शराब की दुकान आबकारी विभाग के कार्यालय से महज 100 मीटर की दुरी पर स्थित है, लेकिन फिर भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा उन पर कार्रवाई न करते हुए उन्हें सरंक्षण प्रदान किया जाता है। वहीं अधिक लाभ कमाने के चक्कर में धडल्ले से अवैध शराब की बिक्री कर अच्छा मुनाफा कमा रहे है, ग्रामीण ईलाकों में भी बेरोक टोल अवैध शराब उपलब्ध करवाई जा रहीं है, खास बात यह है कि शराब के अवैध कारोबार की जानकारी जिले के आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन को होने के बावजुद जिले का यह प्रशासन अपनी सुस्ती व नाकामी का परिचय दे रहा है।
नगर में खुलेआम बिक रहीं शराब.....

पेटलावद नगर की बात करें तो यहां एैसे कई ढाबों पर अवैध रूप से शराब बेची जाती है, नगर के थांदला रोड़, कानवन रोड़, गांधी चौक, राजापुरा, नया बस स्टेण्ड तथा नगर के अंद्धरूनी ईलाके झण्डा बाजार में भी दुकानों की आड़ में शराब का सप्लाय किया जा रहा है। बकायदा आबकारी विभाग के अधिकारियों को इसकी सुचना है लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं करना संदेह के घेरे मे है। सुत्रों के अनुसार आसपास के क्षेत्रो में भी आबकारी विभाग व ठेकेदार की मिलीभगत से अवैध शराब का विक्रय किया जा रहा है। नगर में करीब 1 दर्जन से अधिक दुकानों पर खुलेआम शराब बेची जा रहीं है, जहां बकायदा दुकानदारों द्वारा ग्राहको के बैठने की उचित व्यवस्था भी की जाती है। रात 11 बजें तक ढाबों व दुकानों पर अवैध शराब आसानी से उपलब्ध हो जाती है तथा शराब का सेवन करने के बाद शराबी हुडदंग मचाते भी नजर आते है। मामले को लेकर कई बार आबकारी अधिकारी को अवगत करवाया गया लेकिन कोई कार्रवाई आज तक नहीं की गई है।

कोई बड़ी कार्रवाई नहीं....

आबकारी विभाग पेटलावद में जब से आबकारी अधिकारी योगेश दामा पदस्थ हुए है तब से नगर में शराब का ग्राफ घटने के बजाए अधिक बढ़ गया है, जिससे कहीं न कहीं इनकी कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खडे होते दिखाई दे रहे है। श्री दामा के पदस्थ होने के बाद नगर में कोई भी बड़ी कार्रवाई को अंजाम नहीं दिया गया है जिससे शराब माफियाओं के होसले दिन प्रतिदिन बढ़ते नजर आ रहे है। आबकारी अधिकारी ने अपनी पीठ थप थपाने के लिए छोटी-छोटी कार्रवाई भले की हो लेकिन बडे शराब माफियाओं पर मेहरबानी व सरंक्षण बनायें हुए है।
इस संबंध में आबकारी अधिकारी योगेश दामा से मोबाईल पर चर्चा करना चाहीं लेकिन उन्होने फोन रिसिव करना उचित नहीं समझा।

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