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Friday, February 14, 2020

जब भगवान ने इतना सब कुछ दिया, तो दिन मे एक घंटा भी मानव भगवान को नही दे सकता प.कमल किशोर जी नागर कथा के तिसरे दिन भी हजारों की तादाद भक्तगण कथा श्रवण करने पहुंच।

जामली से जितेंद्र पाटीदार की रिपोर्ट

जामली। ग्राम जामली के खेल मैदान पर पं कमलकिशोर जी नागर के मुखारबिंद से भागवत कथा का आयोजन हो रहा है।सप्त दिवसीय कथा 18 फरवरी तक चलेगी।कथा मे भारी संख्या मे भक्त कथा सुनने पहुंचे।
कथा के तीसरे दिन संत श्री पं नागर ने अपने सुप्रसिध्द भजन "राम नाम बोलो मन हरे राम बोलो रे" सुमधुर भजन वाणी से कथा की शुरुआत की।साथ ही विद्वान वक्ता ने तिसरे दिन के प्रवचन मे बताया कि कोई थोडा सा भी सहयोग करता है तो हम जीवन भर उसका अहसान मानते है।जब भगवान ने इतना सब कुछ दिया, तो दिन मे एक घंटा भी मानव भगवान को नही दे सकता।संसार मे यदि कोई गलती करते हो तो सजा मिलती है माफी नही मिलती है।संसार मे बेटा बाप को भाई भाई को क्षमा कर दे तो दुनिया के झगडे खत्म हो जाए।हम कितने ही अपराध करे तब भी भगवान क्षमा कर देते है।अपने पापो को प्रायश्चित करते है तो भगवान सब गलतीयो से बरी कर देते है।जिस दिन हम संसार मे क्षमा करने का गुण प्राप्त कर लेते है तो भगवान भी हमे माफ कर देता है।ध्रुव की भक्ति का वृतांत बताई,नरसिंग अवतार की कथा सुनाई।वही देश सेवा को लेकर विरगती प्राप्त हुए जवानो को भी गुरुदेव ने याद किया।कथा के तीसरे दिन नर्सिंग अवतार की कथा का विवरण किया।
       कब तक गोपियों को कहोगे की हम भगवान के बिना नहीं रह सकते भगवान ने इस दुनिया में आए भी पर अपनी मा का दूध तक नहीं पिया, उन्होने मिट्टी खा कर समय निकाला। जीवन में अन दान नहीं कर सके क्षमा दान कर देना।जब कोई नेता चुनाव के लिए जनता के बीच जाता है तो तब कहता है एक बार सेवा का मोका दो जब चुनाव जीत कर आता है तो कहता है सेवा का मोका दिया। आप के पास अगर सोना चांदी है तो उसको देख कर अहंकार मत करना राम सीता लछमन के वनवास गए।मा को याद आई मेरी बहू मेरे बेटे केसे होगे को लेकर मा कहने लगी मेरी बहू कभी धूप नहीं देखी।वह वन में केसे होगे को भजन मा मन ही मन घबराई, मेरे रघुवर की सुधि आई...इसके बाद गुरुदेव के भजन से पुरा पांडाल भक्तिमय हो गया।यहां सब कुछ नासवान है।समय अच्छा होता है तो हर कोई साथ दे देता है।लेकिन समय खराब हो तब केवल ईश्वर ही साथ देता है।वही भी तब जब सत्कर्म करते हो।जहां सत्संग हो जाए वहां भगवान आते है।इसलिए सत्संग को जीवन मे अपनाओ।अच्छे कर्मो और मधुर व्यवहार से जीवन धन्य हो जाता है।इस बीच कई श्रध्दालु भगवान के जयकारे लगाते रहे।
कथा के तिसरे दिन भक्त भावविभोर हो गए।गुरुदेव के सुंदर भजनो पर श्रोता नृत्य करने लगे।ग्राम जामली मे सप्त दिवसीय आयोजन मे आसपास जिलो से भी श्रध्दालु पहुंचे है।कथास्थल पर भी पार्किंग के लिए उचित व्यवस्था की गई है।वैसे कथास्थल पर पहुंचने के लिए कई वाहन चालको ने निशुल्क व्यवस्था की है।
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