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Friday, February 21, 2020

15 दिन की नवजात बच्ची को बेरहम माता-पिता ने छोड़ा - चाइल्ड केयर ने इंदौर मातृछाया भेजा


पेटलावद से हरिश राठौड की रिपोर्ट
झाबुआ। जिले के बस स्टैंड पर अमानवीय घटना सामने आई है। एक बेरहम दम्पत्ति ने महज 15 दिन की मासूम नवजात बच्ची को एक महिला के सुपुर्द कर फरार हो गए थे। घटना के बाद उस महिला ने सहयोगियों की सहायता से उस दम्पत्ति को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन वे नही मिले तो पुलिस थाने पर सूचित किया। उस बच्ची को पुलिस ने जिला चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आई एस चौहान  के द्वारा प्राथमिक उपचार करवाते हुए बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष निवेदिता सक्सेना, टीम सदस्य ममता तिवारी, चेतना सकलेजा, गोपाल सिंह पंवार, खुशबू मोर्य, अनिता डामोर व मुकेश रावत ने उसकी देखभाल करते हुए उसे 108 एम्बुलेंस द्वारा सुशील सिंगाड़िया के साथ मातृ छाया शिशु गृह इंदौर भेज दिया।

बोझ लगने पर हमें दे बेटिया

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग के राष्ट्रीय महासचीव रविन्द्र मिश्रा ने सभी राज्यों में अपनी टीम को निर्देशित किया है कि वे समाज सेवा के कार्य मे बाल संरक्षण को प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि वे सभी जगह बेटी बचाव की पहल करते हुए बोझ लगने पर बेटिया हमें दे कि थीम पर कार्य करें मध्यप्रदेश प्रदेश अध्यक्ष पवन नाहर ने बाल कल्याण समिति बाल कल्याण समिति अध्यक्ष निवेदिता सक्सेना ने से बात की तब उन्होंने बताया कोई कैसे अपनी कोख में नो माह पालने के बाद मासूम को इस तरह मरने के लिए छोड़ सकता है। उनके दिल से निकली पंक्तियों का दर्द झलक उठा कि यू ही नही होता जन्म किसी का, प्रभू ने भेजा होगा तो किसी न किसी के घर का चिराग बनाकर। उन्होंने मातृ छाया में मुस्कुराती नम आँखों से विदाई देते हुए नन्ही परी से कहा कि उज्जवल भविष्य तुम्हारा ,खुब मिले लाड प्यार, जीयो जीन्दगी आन बान और शान से। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला बाल विकास आयोग ने निवेदिताजी व उनकी टीम के प्रयासों कि सराहना करते हुए उन्हें बधाई देते हुए हर सम्भव मदद का भरोसा दिया है।

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