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Sunday, February 16, 2020

आबकारी विभाग की मिलीभगत से आबकारी नितियों को चुना लगा रहा ठेकेदार....

अवैध रूप से थोकबंद किया जा रहा शराब का विक्रय....

पेटलावाद से ओपी मालवीय की रिपोर्ट

पेटलावद। आबकारी विभाग और शराब ठेकेदार की मिलीभगत से खुलेआम आबकारी नितियों व नियमों धज्जिया उडाई जा रहीं है, नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अनगिनत स्थानों पर खुलेआम थोकबंद शराब का विक्रय किया जा रहा है, नगर के राममोहल्ला, तलावपाड़ा, नई बस्ती, गांधी चौक, रूपगढ़ रोड़, थांदला रोड़, कानवन रोड़, झण्डा बाजार सहित मुख्य मार्गो से लगे हुए सभी प्रसिद्ध ढाबों पर खुलेआम शराब बेचने के साथ हीं साथ आबकारी विभाग की मेहरबानी से इन स्थानों पर शराब पहुंचाने की पुरी जिम्मेदारी भी ठेकेदार की मिलीभगत से पहुंचाई जा रहीं है। ठेके की दुकान से लेकर विक्रय स्थल तक दो पहिया वाहनों पर प्रतिदिन आसानी से शराब भरकर खुलेआम पहुचाई जा रहीं है, इस प्रकार से खुलेरूप से शराब के परिवहन करने पर भी आबकारी विभाग कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता है, जबकि शराब विक्रय की दुकान और आबकारी विभाग का कार्यालय एक हीं प्रांगण में है, इसके विपरित जो लोग ठेकेदार से शराब नहीं लेते और उनके द्वारा अपने घरों में कार्यक्रम के लिए शराब ले जाई जाती है तो उन पर ठेकेदार के ईशारे से आबकारी विभाग कार्रवाई करके रस्म अदायगी करता है और खुद अपनी पीठ थप थपाता है।

बैठाकर पीला रहे शराब.... 
खाली बाटले दे रहीं गवाहीं....

आबकारी के नियमों अनुसार शराब की दुकान से मात्र शराब को बेचा जा सकता है वहां ग्राहक बैठकर पी नही सकता साथ हीं अंग्रेजी शराब को बैठाकर पीलाने के लिए विशेष लायसेंस की भी आवश्यकता होती है लेकिन स्थानीय ठेकेदार और आबकारी विभाग की मिलीभगत से प्रतिदिन दुकान के सामने हीं शराबी खुलेआम बिना रोक टोक शराब पी रहे है, आबकारी विभाग और शराब विक्रेता को इन सबकी जानकारी है लेकिन नियमों का खुला उलंघन होते देख भी आबकारी विभाग कोई कार्रवाई करना नहीं चाहता है। ठेके के सामने हीं शराब पीने से वहां के ग्राउंड में ढेरो की संख्या में पड़ी हुई खाली बोतले नियमों की अनदेखी का जिता जागता उदाहरण है, बिठाकर पिलाने में ठेकेदार को दुगुना फायदा होता है क्योंकि शराब पीकर शराबी व्यक्ति खाली बोतले वहीं छोड जाते है जिन्हें एकत्रित करके ठेकेदार के गुर्गे बाजार में फिर से पैसा कमाता है। हांलाकि ठेकेदार और आबकारी विभाग बैठाकर पिलाने की बात को स्वीकार करने से परहेज कर रहा है लेकिन यदि बैठाकर नहीं पीलाते है तो इतनी शराब की बोतले आबकारी विभाग और ठेके प्रांगण मे ंक्यों पड़ी दिखाई दे रहीं है।

लोग हो रहे परेशान....

खुलेआम बैठकर शराब पीने से पेटलावद-रूपगढ़ मार्ग पर आने जाने वाले लोग व महिलाए प्रतिदिन परेशान होते है साथ हीं इसके आसपास सरकारी कर्मचारियों के आवासिय मकान होने के कारण कर्मचारी भी अपने आपको असहज महसुस करते है, साथ हीं पशु चिकित्सालय व कन्या विघालय होने से छात्र - छात्राओं व चिकित्सालय के कर्मचारियों को भी परेशानी आ रहीं है, क्यों कि शराब पीने के बाद शराबीयों में विवाद होता है और वह वहां हुडदंग भी करते है

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