Breaking

Wednesday, February 19, 2020

शिक्षक नदारद, स्कुल विरान, अधिकारी मस्त.... स्कुल में तालाबंदी के चलते बच्चें यहां वहां भटकते रहे.....

पेटलावाद से हरिश राठौड की रिपोर्ट

पेटलावद। क्षेत्र में शिक्षा की हालत दयनिय है, सरकार शिक्षा के नाम पर करोड़ो खर्च कर रहीं है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी व शिक्षक मिलकर सरकार मंशाओं पर खरे नहीं उतर पा रहे है। पेटलावद तहसील की ग्रामीण अंचलों में बच्चें शिक्षक के इंतजार में बैठे रहते है लेकिन शिक्षक समय पर विघालय नहीं पहुंच रहे है जिस कारण बच्चें शिक्षकों इंतजार में बाहर हीं बैठे रहते है। मामला समिपस्थ ग्राम टांकापाड़ा है जहां पर शिक्षक के इंतजार बच्चें दोपहर 1 बजें तक बाहर हीं घुमते रहे लेकिन समय पर कोई भी शिक्षक नहीं पहुंचे। मामले की जानकारी बच्चों के पालक व ग्रामीणों ने एसडीएम एमएल मालवीय को दी जिसके बाद आनन फानन में एसडीएम ने पेटलावद बीआरसी सीयाराम रायपूरिया फोन पर सुचना देकर पुरी जानकारी मांगी, जिसके बाद मौके पर एक टीम रवाना हुई जहां पर पाया गया कि बच्चें शिक्षक के इंतजार में बाहर की घुम रहे थे। 
    
शिक्षक के अभाव में स्कुल विरान पड़ा था, सरकारी रिकार्ड में इस स्कुल में 59 बच्चें अध्ययरत है जिसमें से 37 बच्चें उपस्थित थे। यह स्कुल एक पूर्ण कालिक शिक्षक व एक अतिथि शिक्षक के भरोसे चल रहा है लेकिन आयें दिन दोनो हीं अनुपस्थित रहते है, इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होता है। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कियें जाने से ग्रामीणों में भारी रोष है जब स्कुल में शिक्षक नही ंहोने का मामला प्रकाश में आया तो खण्ड स्तर के अधिकारी ताबड़ तोड़ टांकापाड़ा स्कुल पहुंचे जहां ग्रामीणों ने उन्हें काफी खरी खोटी सुनाई। घटना के मामले में पता चला है कि यहां पदस्थ शिक्षक ने अपने अधिकारियों को फोन पर सुचना दे दी थी कि वह अपने खेत में पानी पिलाने जाएगा। हालांकि स्वयं टीचर का कहना है कि उसने अवकाश का आवेदन लिखकर शिक्षक उपस्थिती रजिस्टर में रख दिया था, परंन्तु ग्रामीणों का कहना है कि यहां पदस्थ शिक्षक बीआरसी के सरंक्षण में आयें दिन बच्चों को पढ़ाने के बजाए अपने निजी कार्याे में व्यस्त रहते है।

^^^^^-👇👇👇-^^^^

समाचार एवँ विज्ञापन के लिए संपर्क करे 
🤳🏻🤳🏻🤳🏻🤳🏻🤳🏻
राज मेड़ा  7049735636
हरिश राठौड 7974658311

Post a Comment

Post Top Ad