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Saturday, February 22, 2020

महा शिवरात्रि हिन्दुओं का एक प्रमुख त्यौहार है। यह भगवान शिव का प्रमुख पर्व है।


थांदला से इमरान खान रिपोर्ट

 थांदला। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। माना जाता है कि सृष्टि का प्रारंभ इसी दिन से हुआ। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन सृष्टि का आरम्भ अग्निलिंग (जो महादेव का विशालकाय स्वरूप है) के उदय से हुआ। इसी दिन भगवान शिव का विवाह देवी पार्वती के साथ हुआ था। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।भारत सहित पूरी दुनिया में महाशिवरात्रि का पावन पर्व बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है|
भोलेनाथ की भक्ति में डूबा शहर, शिवालयों में गूंजा बोल बम
महाशिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ के दर्शन व पूजन करने के लिए भक्त तड़के से ही मंदिरों में पहुंच गए। पट खुलते ही सभी बाबा का जयकारा लगाते हुए पूजन अर्चन करने लगे। शहर के सभी शिव मंदिरों में बोल बम और घंटों की गूंज सुनाई दे रही थी। भक्त भोले बाबा को का जलाभिषेक करने के लिए कतारों में खड़े होकर आगे बढ़ रहे थे। कोई सुनहरे भविष्य तो कोई सुख-समृद्धि की महादेव से प्रार्थना कर रहा है। शिवालय हर- हर महादेव के जयघोष से गूंज रहे थे।

लाइन में लगकर इंतजार कर रहे भक्त

 शहर के शिव गंगेश्वर मंदिर, तेजाजी मंदिर, अम्बिकेश्वर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर, रामेश्वर मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, हाटकेश्वर मंदिर, अदिरशिला मंदिर, व अन्य शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ का आलम ये था कि वहीं तिल रखने तक की जगह नहीं थी। इसके बावजूद भक्तों का जोश कम नहीं था और वह बाबा का पूजन करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। बिल्वपत्र, धतूरा, फूल, कमलगट्टे आदि चढ़ाकर महादेव से सुख-समृद्धि की प्रार्थना की जा रही है।

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