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Saturday, February 29, 2020

डॉ रामशंकर चंचल की कविता ’’वह मासूम ’’अब तमिल भाषा में भी


झाबुआ पेटलावद से राज मेड़ा की रिपोर्ट

झाबुआ । नगर के साहित्य जगत की प्रतिभावान हस्ती प्रख्यात साहित्यकार डॉ रामशंकर चंचल की साहित्य साधना का अब देशव्यापी प्रसंशा के साथ ही इसका स्थानीय भाषाओं में अनुवाद भी होकर सहित्य के प्रति रूचि रखने वाले लोगों में उनकी रचनाओं की भूरी भूरी प्रसंशा हो रही है । डा. चंचल की ताजा चर्चित कविता ’’वह मासूम’’ का तमिल में प्रख्यात संत साहित्यकार आनंदकृष्णन सेथूरमण ने हाल ही में तमिलवासियों के लिए तमिल में अनुवाद किया। इसके पूर्व भी डॉक्टर राम शंकर चंचल की कविता भोजपुरी तमिल, भीली ,गुजराती, सिंधी में अनुवादित हो चुकी है । डॉ रामशंकर चंचल की इतनी कविताएं विभिन्न भाषाओं में अनुवादित हो चुकी हैं कि वह अपनी अनुवादित कविताओं का संकलन शीघ्र निकालने वाले हैं। यह सचमुच जिले व प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

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राज मेड़ा :- 7049735636
हरिश राठौड़  7974658311

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