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Thursday, March 19, 2020

भुमाफिया के खिलाफ तहसीलदार ने किया एक और आदेश पारीत... थाने की जमिन से बेदखली और जुर्माना भी ठोका..... रोड़ा अटका रहा एक महारथी पटवारी.......





 पेटलावद से अनिल मुथा की  रिपोर्ट

पेटलावद।  बीते दो माह से पेटलावद में थाना परिसर की भूमि भूमाफिया द्वारा कब्जाएं जाने तथा उस पर अवैध रूप से पक्के निर्माण करने के बाद प्रशासन द्वारा उक्त अतिक्रमण हटाने के प्रयास करने का मामला सुर्खियों में है तथा इसमें प्रतिदिन नयें मोड़ आते जा रहे है।  मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार न्यायालय में प्रचलित राजस्व प्रकरण क्रमांक 0350/अ-68/2019-20 में दिनांक 9 मार्च 2020 को एक आदेश पारीत करते हुए भू माफिया समाजकंटक नेमकुमार बरबेटा के विरूद्ध एक लाख रूपयें का अर्थदण्ड भरने तथा पुलिस थाना मद की शासकीय जमिन से बेदखली कियें जाने संबंधी आदेश पारीत किया है। म0प्र0भु0रा0 संहिता 1959 की धारा 248 के तहत पारीत कियें गयें इस आदेश में कहां है कि पुलिस थाना पेटलावद के नाम इंद्राज वाली शासकीय भूमि सर्वे नंबर 1946 रकबा 0.08 तथा सर्वे नंबर 1949 रकबा 1.14 हैक्टेयर का सीमांकन पटवारियों और राजस्व निरिक्षकों के विशेष दल ने किया था और इसकी रिपोर्ट के आधार पर यह तथ्य सामने आया है कि सर्वे नंबर 1946 नोयत पुलिस थाना पेटलावद रकबा 0.08 पै. कि रकबा 0.01 आरा 108 वर्गफिट की भूमि तथा सर्वे नंबर 1949 रकबा 1.14 हैक्टेयर की भूमि में से पैं कि रकबा 0.10 हैक्टेयर की भूमि पर बना मकान व बीज भण्डार का गोडाउन तथा इसी भूमि के 0.04 हैक्टेयर की खुली भूमि पर कियें गयें अतिक्रमण को हटाकर कब्जा दिलाने के साथ हीं धारा 248 म0प्र0भु0रा0 संहिता के प्रावधानों के तहत रूपयें एक लाख के अर्थदण्ड से भी दण्डित करते हुए आदेश पारीत किया गया है।
इस तरह से तहसीलदार पेटलावद के द्वारा सीमांकन दल के द्वारा कियें सीमांकन प्रतिवेदन की पुष्ठी करते हुए भुमाफिया नेमकुमार बरबेटा का थाना मद की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा प्रमाणित होने पर अवैध कब्जा हटाने का आदेश पारीत कर दिया गया है।

कब होगा आदेश पालन.....

पिछले आदेश की तरह न्यायालय तहसीलदार ने अपने इस आदेश में भी भुमाफिया से सरकारी जमीन छुडाने का रास्ता साफ कर दिया है, परन्तु इस पर अमल अभी भी नहीं हो पाया है, यह स्थिती तहसीलदार न्यायालय द्वारा पारीत पिछले आदेश दिनांक 25/02/2020 की भी है। आमजन में यह जिज्ञासा दिनों दिन बलवती होती दिखाई दे रहीं है कि प्रशासन के स्थानीय अधिकारी किस दबाव के अंतर्गत इन फैसलों को लटकायें घुम रहे है और इन फैसलों पर अमल करने की घड़ी आखिर कब आयेगी, जबकि जिला कलेक्टर स्वयं मामले में रूची लेकर अब तक कि गई कार्रवाई का अपडेट मांग चुके है। ।

मामला दबा रहा महारथी पटवारी......

प्रत्यक्षदर्शियों के माने तो राजस्व विभाग के स्थानीय अधिकारियों और समाजकंटको के बीच मामले को दबाने और मध्यस्ता करने के लिए क्षेत्र के पुराने पटवारी जो कि वर्षो पूर्व रायपूरिया क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुका है और जुगाड़ करने में महारथी है के द्वारा इस मामले को दबावने के लिए राजस्व विभाग को समाजकंटको की और से सेंटींग करवाई जाने की भी खबर मिल रहीं है। मामले को रफा दफा करने एवं न्यायालय के आदेश को ठण्डे बस्ते में डलवाने में इस पटवारी की महत्वपूर्ण भूमिका वरना एैसे मामलो के जानकारों और विधि विशेषज्ञो का मानना है कि तहसीलदार न्यायालय के आदेशों के विरूद्ध यदि कोई सक्षम न्यायालय स्थगन आदेश जारी नहीं करता है तो तहसीलदार के आदेश का अमल करने से बिलकुल नहीं रोका जा सकता और अब तक नेमकुमार बरबेटा के पक्ष में किसी भी न्यायालय द्वारा कोई स्थगन आदेश नहीं होने से आखिर तहसीलदार का आदेश अमल में क्यों नहीं आ रहा है, यह जनता के बीच चर्चा का विषय है। सुत्रों की माने तो यदि प्रशासन जल्द हीं भूमाफिया पर कार्रवाई नहीं करता है तो नगर के कई सामाजिक संगठन इस मामले में प्रशासन का घेराव करने के मुड़ में दिखाई दे रहे

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