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Tuesday, March 3, 2020

क्या समाज कंटक थाने की जमिन छिन लेंगे ...? पुलिस और राजस्व विभाग में तालमेल की कमी... दे रहे विरोधाभासी बयान... करोड़ो की जमिन पर कब मिलेगा पुलिस को कब्जा...




पेटलावद से अनिल मुथा की रिपोर्ट

पेटलावद। पुलिस थाना मद की प्रशासनिक सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले को लेकर स्थानीय राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के तालमेल के अभाव का फायदा सीधा सीधा फादया कब्जेदार भु माफिया को होता नजर आ रहा है, दिनांक 25 फरवरी 2020 को तहसीलदार पेटलावद के द्वारा भूमि का कब्जा दिलाने का आदेश पारीत करते हुए आदेश जारी किया था और इस आदेश की प्रतिलीपी जहां अनावेदक कब्जेदार को मिल गई है और सार्वजनिक रूप से शोसल मिडि़या पर इसकी प्रतिलीपी वायरल भी हो रहीं है वहीं इस संबंध में आज पेटलावद थाना प्रभारी संजय रावत द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया है कि मिडि़या के माध्यम से तहसीलदार न्यायालय द्वारा पुलिस के पक्ष में आदेश होने की जानकारी मिलने के बाद हमारें द्वारा इस आदेश की प्रतिलीपी हेतू तहसीलदार पेटलावद में आवेदन प्रस्तुत किया है जिसकी रसीद भी हमारें पास में है , लेकिन राजस्व विभाग आज तक इस आदेश की प्रतिलीपी पुलिस को उपलब्ध नहीं करवा रहा है बल्कि न्यायालय में मामला होने की बात कहते हुए पुरे मामले से दूर रहने की मोखिक बात भी राजस्व विभाग द्वारा पुलिस विभाग को कहीं जा रहीं है। इस संबंध में जब राजस्व विभाग के तहसीलदार जितेन्द्र अलावा  से चर्चा करना चाहीं तो उनके द्वारा बताया गया कि में अभी अवकाश पर हूॅ, वहीं एसडीएम एमएल मालवीय के द्वारा चर्चा के दौरान बताया गया कि पुरा मामला तहसीलदार न्यायालय में विचाराधिन है मेरे पास प्रकरण से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है।
इस तरह से जहां पुलिस विभाग के नवागत थाना प्रभारी के आदेश के पांच दिन बाद भी प्रतिलीपी नहीं प्राप्त होने की बात कहीं जा रहीं है वहीं शोसल मिडि़या पर 25 फरवरी को हुए आदेश की प्रतिलीपी उसी दिन से वायरल हो रहीं है, जिससे सीधा सीधा आमजन में यह चर्चा का विषय है कि पुलिस विभाग को स्थानिय राजस्व विभाग मदद करने को तैयार नहीं है। अंदर खाने की माने तो राजस्व विभाग के आला अधिकारी भू माफिया के ईशारों पर पुरे मामले को ठण्डा करने का प्रयास करते नजर आ रहे है, जबकि इस पुरे मामले में राजस्व विभाग के दल द्वारा जो रिपोर्ट दी गई है इससे वर्तमान में पुरी भूमि पुलिस थाना की स्वामित्व की है जिसे कब्जा प्राप्त करने का पुरा अधिकार भी बनता है, लेकिन पेटलावद का राजस्व विभाग कई गरीब लोगो के कोई सुचना दियें बगेर मकान तोड़ने में बिल्कुल देर नहीं करता है वहीं राजस्व विभाग नियम से एक सरकारी विभाग को उसकी जमिन का कब्जा दिलाने में कोई रूची लेता दिखाई नहीं दे रहा है, जो कि राजस्व विभाग की मंशा पर सवालिया निशान खड़ा करता है। इससे जहां राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा तो सीमांकन करके जमिन की वास्तविक स्थिती की पोल जनता के सामने खोल दी लेकिन उसी राजस्व विभाग के बडे अधिकारी द्वारा भू-माफिया और समाजकंटको को सरंक्षण दिया जा रहा है।

खल रहीं कमी शर्मा की.....

इस पुरे मामले में पुरे नगर में यह जनचर्चा का विषय है कि तहसीलदार द्वारा कब्जा देने का आदेश देने के बावजुद आज तक पुलिस न तो कब्जा ले पाई और ना हीं राजस्व विभाग सहयोग कर रहा है, यदि आज पूर्व थाना प्रभारी दिनेश शर्मा होते तो वें अब तक तहसीलदार के आदेश से अवैध निर्माण तोड़कर जमिन का कब्जा ले लेते, लेकिन समाज कंटको की राजनिती का शिकार होकर उन्हें पहले से हीं यहां से स्थानांतरित कर दिया गया है, जो की पुरे मामले में उपरी अधिकारियों की बड़ी सेंटीग साफ दिखाई दे रहीं है। 

विरोधाभासी बयान.....

इस संबंध में थाना प्रभारी संजय रावत ने बताया कि हमने प्रमाणित प्रतिलीपी के लिए आवेदन दिया है, लेकिन आज तक राजस्व विभाग के द्वारा प्रतिलीपी उपलब्ध नहीं करवाई गई, वहीं अनावेदक को तत्काल प्रतिलीपी दे दी गई है। वहीं एसडीएम साहब के द्वारा कहां गया कि मामला न्यायालय में है, आप इससे दुर रहे।
इस संबंध में एसडीएम एमएल मालवीय ने बताया कि मेरे पास कोई नहीं आया है, पुरा मामला तहसीलदार न्यायालय में है, आप वहीं से जानकारी लें।
इस संबंध में तहसीलदार जितेन्द्र अलावा ने बताया कि अभी में अवकाश पर हूॅ, आकर बात करता हूॅ।

इस संबंध में पुलिस अधिक्षक विनित जैन ने बताया कि हमारा थाना प्रभारी कार्रवाई करने और कब्जा लेने में पूर्ण सक्षम है।

1 comment:

  1. इस समाचार पोर्टल के जो भी एडिटर है ,कृपया हिंदी ग्रामर और मात्रात्मक त्रुटियों की और ध्यान दे,बहुत सारी गलतियां है इस खबर में, ये अच्छा न्यूज़ पोर्टल की निशानी नही है।

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