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Thursday, March 5, 2020

बेहरूपिया आया गांव में, मनोरंजन की पुरानी कला की दिलाई याद....



पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। पिछले तीन-चार दिनों से नगर के छोटे-छोटे बच्चें उस समय बडे खुश नजर आते है जब उनके मोहल्ले में बेहरूपिया प्रवेश करता है। आर्कषक रूप से तैयार होकर लोकगीतों के माध्यम से जनता को लुभाने वाले और मनोरंजन करने वाले बेहरूपिया इन दिनों पेटलावद की जनता के आर्कषण का केन्द्र बना हुआ है। राजस्थान के खाटु श्याम क्षेत्र के पास से ढोलसरा से आयें हुए बेहरूपिया आकाश पिता बाबुलाल ने चर्चा के दोरान बताया कि राजा महाराजाओं के समय से चली आ रहीं यह कला मनोरंजन के उदे्श्य को पूर्ण करती है, जब पुरातन काल में मनोरंजन का साधन टीवी, मोबाईल या फिल्में नहीं होती थी तब बेहरूपियों के द्वारा जनता और राजाओं का मनोरंजन किया जाता था जिसके बदले में मिलने वाले ईनाम व पारितोषिक से हमारा परिवार चलता था, पुरातन कालिन इस परंपरा के लुप्त होने का खतरा बताते हुए बेहरूपिया आकाश ने बताया कि इस लोक कला को बचायें रखने के लिए सरकार और शासन को कोई योजना बनानी चाहिए।

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राज मेड़ा :- 7049735636
हरिश राठौड़  7974658311

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