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Monday, March 9, 2020

भगोरिया का भव्य समापन.... गेरो में जमकर उड़ा रंग गुलाल...कुर्रराटियों से गुंज उठा नगर....






पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। झाबुआ जिले में भगोरिया का पारंपरिक रूप अब पुरी तरह बदल गया है, भगोरिया में अब ढोल, नाच, कुर्रराटी तथा रंग बिरंगे परिधान होते है परंतु इसके साथ-साथ राजनितिक दलों के झण्डे एवं संगठनों के पहचान चिन्ह भी शामिल होते है। सोमवार को पेटलावद में भगोरिया की जोरदार छटा दिखाई दी जिसमें अंचल से आयें हजारों आदिवासी युवक-युवतियों ने जमकर आनंद लिया। नगरभर में झुमते नाचते युवाओं ने गैर निकाली और गुलाल उड़ाया। पहली गैर कांग्रेस पार्टी के तत्वाधान में श्रंद्धाजली चौक से शुरू हुई जिसमें झाबुआ विधायक कांतिलाल भूरिया,  पेटलावद विधायक वालसिंग मैड़ा सहित कांग्रेस के अनेक नेता सम्मिलित हुए। कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में निकली इस गैर में दर्जनों ढोल शामिल हुए जिनकी थाप पर आदिवासी कुर्रराटी भरते हुए जमकर थिरकते हुए नजर आयें। पूर्व सासंद तथा कांग्रेस के वरिष्ट नेता कांतिलाल भूरिया ने इस गैर में ढोल बजाया, इसके साथ क्षेत्रिय विधायक श्री मैड़ा तथा कांग्रेस के कई नेता मादल की थाप पर नाचते रहे।

देश भक्ति के पूर्ण नारे लगे.....


दुसरी गैर जनजाति विकास मंच के तत्वाधान में बामनिया रोड़ स्थित एक निजी गार्डन से शुरू हुई जिसमें संघ से जुडे ग्राम संगठनों से जुडे कार्यकर्ता तथा अन्य ग्रामीण सम्मिलित हुए इस गैर में ग्रामीणजन ढोल मादल के साथ भगवा झण्डे लहराते हुए चल रहे थे। साथ हीं देश भक्ति पूर्ण नारे भी लगाते चल रहे थे। इस गैर में अनेक युवा आदिवासी परंपरागत वेशभुषा तथा आंखो पर काला चश्मा लगाकर बब्कारी (होठो को विशेष अंदाज में उंगलियों से दबा कर विशेष प्रकार की उत्साह पूर्ण आवाज) करते हुए चल रहे थे। इस गैर के पिछे आयोजक अपनी विचारधारा के पिछे खडे लोगो का सेलाब दिखाने से चुक नहीं रहे थे।

गैर में जमकर उड़ा गुलाल.....

तिसरी गैर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के तत्वाधान में शंकर मंदिर परिसर के पीछे के मेदान से शुरू हुई, इसमें सेंकड़ों युवा हाथों में तीर कमान तथा फालियें व अन्य हथियार लेकर चल रहे थे। इस गैर में आदिवासी युवाओं ने जमकर गुलाल उडाया। आदिवासी युवक-युवतिया पंरपरा व आधुनिक दोनों की मिलीजुली वेशभुषा में अलग छटा बिखेर रहे थे। नगरभर में इन गैरो के चलते भारी भीड़ भाड़ थी, नगरवासी अपने घरों के ओटलों, छतो तथा बालकनियों से गैर देखने के लिए झांकते दिखाई दियें। नगर में कुछ मंचों से इन भगोरिया गैर पर गुलाल तथा फुल बरसाकर स्वागत किया गया। नगर में उत्साह पूर्ण वातावरण में ग्रामीण अंचल से लगभग 300 ढोल तीनों गैरो में शामिल हुए। भगोरिया हाट की इस चहल पहल में राजनितिक दलों ने अप्रत्यक्ष रूप से अपनी शक्ति तथा समर्थन भी सड़क पर दिखाया। ।

प्रशासन ने सुरक्षा के कियें कडे प्रबंध....

भगोरिया हाट में सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त बनायें रखने के लिए प्रशासन ने कडे प्रबंध कियें थे, प्रशासन ने सीसीटीवी तथा नगर के प्रमुख क्षेत्रों में पुलिस बल तेनाती करते हुए सुरक्षा के समुचित इंतजाम कियें थे। भगोरिया में उमड़ी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी मंगवाया गया था। पेटलावद नगर में आयोजित इस भगोरिया हाट के साथ हीं पुरे जिले में आयोजित होने वाले होली के पूर्व होने वाले साप्ताहिक भगोरिया पर्व का भव्य समापन भी हो गया। इसके प्रत्यक्षदर्शी बनने के लिए रतलाम, इंदौर, बदनावर, राजगढ़ तथा अन्य शहरों से कई दर्शक पेटलावद पहुंचे।

मन्नतधारी भी पहुंचे भगोरिया में.......

भगोरिया में आदिवासी समाज की परंपरा अनुसार गल देवता तथा चुल माता की मन्नत रखने वाले कई मन्नतधारी ग्रामीण भी शरीर पर हल्दी पोतकर तथा सीर पर लाल फेटा सजाकर हाथ में नारियल लेते हुए भगोरिया भ्रमण हेतू नगर में आयें। इन मन्नतधारी ग्रामीणों को देखने के लिए कई शहरी युवा उनके नजदिक जाने तथा इनसे बातचित करने के लिए उत्सुक होते दिखें। मन्नतधारी नाथु व मोहन ने बताया कि वें परिवार के सदस्यों को रोग मुक्त रखने तथा आगामी दिनों में अच्छी बरसात के लिए उन्होने गल देवता की मन्नत ली है, दुलेंडी के दिन सुर्यास्त के पूर्व वे गल देवता की लटकते हुए परिक्रमा यह मन्नत पुरी करेंगे।


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