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Friday, March 20, 2020

कलेक्टर साहब आप हीं दो दखल...नप. नहीं मान रहीं एसडीएम को..... जनप्रतिनिधि खेल रहे जनता के स्वास्थ्य से.... नप. को कोरोना का नहीं भय.....

               डेमो फोटो
     



पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिकों की जानमाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन और राजतंत्र की होती है। राजतंत्र में चुनिंदा जन प्रतिनिधि जनता की और से जनता की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रतिबद्ध होने के साथ हीं जनता से वोट लेते समय जनता का प्रतिनिधित्व करने और जनता के हर सुख दुख और हर समस्या के निराकरण के लिए जनता को आश्वस्त करते है और जनता भी अपना अमुल्य मत इन जनप्रतिनिधियों को इसलिए देते है कि जनप्रतिनिधि उनके भले के लिए शासन और सरकार से हर संभव सहयोग जनता के लिए उपलब्ध करवायेंगे, लेकिन एैसा लगता है कि पेटलावद नगर परिषद के चुनिंदा जनप्रतिनिधि जो कि जनता के अमुल्य वोटो से जितकर जनता का प्रतिनिधित्व नगर परिषद मे ंकर रहे है और इन जनप्रतिनिधियों के द्वारा वोट लेते समस्या जनता के स्वास्थ्य सुरक्षा एवं हर संभव मदद करने का जो आश्वासन दिया था उन आश्वासनों पर खरे नहीं उतर रहे है और वर्तमान में नगर की जनता के द्वारा चुने गयें जनप्रतिनिधि सीधे सीधे नगर की जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने पर आमादा हो रहे है।

अन्य राज्यों की मछलिया नगर में......

नगर के नागरिकों स्वास्थ्य के खिलवाड़ करने का सबसे पहला चरण नगर के बिचों बीच खुलेआम बीक रहीं मछली व मुर्गे व मटन है। नगर के नागरिको की माने तो नगर में बेचने के लिए कलकत्ता एव अन्य बडे क्षेत्रों से अलग-अलग किस्म की मछलियों को लाकर बीच बाजार में बेचा जा रहा है, वहीं खुलेआम बिना किसी परिक्षण के देशी, बायलर व अन्य किस्म के मुर्गे मुर्गियों को लाकर इनका मटन बेचा जा रहा है। साथ हीं बिना किसी अधिकृत लाइसेंस के मॉस व मछली विक्रेताओं के द्वारा खुले में मटन बेचकर सीधे जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां तक की नगर के आंगनवाड़ी केन्द्र जहां पर की छोटे छोटे बच्चें आते है के निकट हीं मटन विक्रेताओं के द्वारा खुले में मांस बेचकर बच्चों के स्वास्थ्य से सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है।

नप. क्यों नहीं करती कार्रवाई.....

इस पुरे मामले में मिडि़या के द्वारा लगातार आवाज उठाने के चलते पेटलावद के एसडीएम एमएल मालवीय के द्वारा कई बार मॉस मछली व मटन की दुकानों को नगर से बाहर लगायें जाने के लिए पत्र जारी कर दिये है लेकिन स्थानीय राजनिती इतनी हावी है कि एसडीएम के द्वारा जारी कियें गयें पत्रों पर स्थानीय नप. और सीएमओं कार्रवाई करना हीं नहीं चाहते है।

जिला कलेक्टर दे दखल....

लगातार मॉस मछली की दुकानों को स्थानांतरित करने की मांग जोर पकड़ती जा रहीं है। इस स्थाई समस्या का हल काफी समय पूर्व हीं नगर परिषद को निकाल लेना था लेकिन जनता के स्वास्थ्य की परवाह करने वाले नप. के  जिम्मेदारों के द्वारा कोरोना वायरस जैसी संक्रामक बीमारी के फैलने का पुरा-पुरा भय होने के बावजुद आज तक इन दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं करने से अब इन खुले में बीक रहे मछली व मटन से नगर में संक्रामक बीमारी यदि फैलती है तो इसकी जिम्मेदारी सीधे स्थानिय नगर परिषद की हीं होगी। नप. के उदासिन रेवयें के चलते अब नगर के नागरिक जल्द हीं एक जनअभियान इन तमाम समस्याओं को लेकर चलाने का विचार कर रहे है लेकिन जनता के वोट से चुनकर जाने वाले जनप्रतिनिधि अपने मतदाताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे है। वहीं अब एैसा लगता है कि इस मामले में जिला कलेक्टर को हीं दखल देना होगा।
इस संदर्भ में एसडीएम एमएल मालवीय के द्वारा बताया जा रहा है कि लगातार पत्र जारी करने के बावजुद नप. कोई कार्रवाई नहीं कर रहीं है पूनः पत्र जारी किया जाएगा।


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