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Thursday, March 26, 2020

लॉक डाउन तीसरा दिन किराना रहेगा बन्द - शराब चालू पलायन गए मजदूरों का पैदल आना जारी






पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

थांदला। कोरोना वायरस को लेकर हम कितना संजीदा है यह इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ किराना व सब्जी व्यापारियों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया है। हर वस्तु के दाम में 25 से लेकर 75 प्रतिशत की वृद्धि व जमकर हो रही कालाबाजारी से निम्न वर्ग की मुश्किलें बढ़ गई है। ऐसे में कुछ समाजसेवी ऐसे भी है जो अपने धन का सदुपयोग करते हुए कालाबाजारियों के मुँह पर तमाचा जड़ने का काम कर रहे है। नगर के समाजसेवी फर्नीचर व्यापारी प्रफुल्ल तलेरा अपनी माताजी श्रीमती शांता सुरेंद्र कुमार तलेरा, पत्नी प्रिया तलेरा व बेटे विशेष तलेरा के साथ नगर में लगभग 100 परिवारों को राशन आदि के साथ नकद से आर्थिक मदद भी कर जरूरतमन्दों के लिये भगवान बनकर सामने आए है। वही नगर में आरएसएस व मुस्लिम युवाओं के साथ बीजेएस यूथ नगर में घूमकर भूखे लोगों तक भोजन पैकेट वितरण का कार्य कर रहे है। प्रशासन भी अपनी तरफ से हर कार्य कर रहा है। नगर के मुख्य चौराहों पर पुलिस जवान तैनात है तो एसडीएम, एसडीओपी, तहसीलदार, भी पूरे क्षेत्र में जागरूकता लाने का प्रयास कर रहे है। 
    नगर में लॉक डाउन पर कुछ समय की राहत पानी फेर रही है। सब्जीमंडी दवाई व किराना दुकानों पर जबरजस्त भीड़ कोरोना वायरस का खतरा पैदा कर रही है जिसे देखते हुए प्रशासन सख्त हुआ है व किराना, दूध डेयरी, दवाई व सब्जी व्यापारियों को अपने यहाँ डिस्टेंश पालन के लिये सकारात्मक कार्यवाही करने को कहा है नगर में किराना व्यापारियों ने तो अपने व्यवसाय बन्द रखने की बात कही लेकिन देशी विदेशी शराब की दुकानें 11 बजे के बाद भी खुली रही यह भी एक चिंता का विषय है कि क्या चप्पे चप्पे पर तैनात पुलिस जवान के रहते हुए धारा 144 लागू होने के बावजूद शराब का क्रय - विक्रय कैसे हो रहा है क्या इनसे लॉक डाउन भंग नही हो रहा है यह एक विचारणीय प्रश्न है ..? वही नगर परिषद सीएमओ अशोक चौहान, स्वास्थ्य निरीक्षक गौरांकसिंह राठौर ने उनके बाहर तीन मीटर दूरी के घेरे बना दिये है जिसपर लोग खड़े रहकर अपने नम्बर पर समान ले सकेंगे। बाहर से आने वालें ग्रामीण मजदूरों व पलायनकर्ताओं का सिलसिला थमने का नाम ही नही ले रहा है। मोदीजी के फरमान के बावजूद ये लोग सूरत, अहमदाबाद, बड़ौदा, कोटा, उदयपुर आदि गुजरात व राजस्थान से बिना मेडिकल परीक्षण के नगर में आ गए है। इनमें से लगभग 58 लोगों का मेडिकल परीक्षण करवाया गया व उनके यहाँ तक आने की बात सुनी तो हैरान रह गए। वे सभी बाजना, नीमच के साथ ग्रामीण अंचल के विभिन्न ग्राम के लोग थे जो अपने परिवार बच्चों के साथ पैदल ही 300 से 500 किमी तक का सफर कर आ रहे है। उन्हें नगर की समाजसेवी संस्थाओं ने भोजन आदि कराया व डॉ. मनीष दुबे व उनके सहायक ने परीक्षण कर उन्हें निर्देशित करते हुए डिस्टेंश बनाये रखकर जाने की सलाह दी।

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