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Tuesday, March 24, 2020

जनता नहीं मानी तो प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया.... जनता की सुरक्षा के लिए दंडात्मक और समाज के दुश्मन की तख्ती वाली कार्रवाई की गई.... ग्रामीणों को जागरूक करना टेढी खीर नजर आ रहा है....







पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। देशभर में कोरोना वायरस के कारण समाज के हर स्तर पर अफरा तफरी का वातावरण बन गया है। केन्द्र सरकार ने जहां कोरोना वायरस की खतरनाक चुनोती से निपटने के लिए कई तरह की अनुसंशाए जारी की है, वहीं राज्य सरकारें भी अपने  स्तर पर कोरोना से निपटने की रणनिती बना रहीं है, परन्तु अभी तक इस रणनिती को धरातल पर पुरी तरह नहीं उतारा गया है। पेटलावद क्षेत्र की 77 पंचायतों के 200 से अधिक गांवो ने अभी तक कोरोना को लेकर स्पष्ठ जागरूकता का अभाव दिख रहा है, इस कारण प्रशासन द्वारा घोषित लाकडाउन असफल होता दिख रहा है।जिस पर पुलिस प्रशासन को सख्त रवैया अपना कर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों सहित बेवजह बाजार में घूम रहे लोगों पर रोक लगाने के लिए कडे कदम उठाने पडे। जिसमें प्रथम बेवजह घूमने वाले युवाओं को लाठी प्रसादी तो दूसरा बेवजह सडक पर घूमने वालों के गले में एक पोस्टर डांग कर उन्हें समाज का दुश्मन दिखाया गया है। ताकी वे शर्म के चलते दूसरी बार नगर की सडकों पर बेवजह न घूमें।

प्रशासन मंगलवार को हुआ सख्त.....

नागरिकों द्वारा प्रशासन के निर्देशों का पालन नहीं करने पर मंगलवार को प्रशासन ने सख्त रवैया अपना लिया। दोपहर 12 बजे के बाद मुख्य मार्ग पर दिखने वाले हर व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। उचित कारण नहीं होने पर उन्हें सख्त सजा दी जा रही है। या उनके गले में एक पट्टी लटकाई जा रही है।जिसमें उन्हें समाज का कलंक व दुुश्मन बताया जा रहा है।नगर में बाईक या अन्य वाहन लेकर घूमने वाले युवाओं पर रोक लगाते हुए सख्ती से पूरे दिन पुलिस प्रशासन हर चैराहे पर मुस्दैद नजर आ रहा है।
जो युवा नहीं मान रहे है उन्हें प्रसाद के रूप में पुलिस की लाठीया भी झेलनी पड रही है। पुलिस प्रशासन की सख्ती का असर नजर आने लगा और नगर में घूमने वाले कुछ आवारा तत्वों पर रोक लगने लगी है।प्रशासन के इस सख्त रवैये पर आमजन ने सोशल मिडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर पुलिस की जम कर तारीफ की ओर ऐसे लोगों का विरोध किया जो बेवजह नगर की सडकों पर घूम रहे है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी सख्ती.....

वहीं नगर सहित बामनिया, रायपुरिया, झकनावदा, सारंगी, करवड आदि क्षेत्रों में भी पुलिस सक्रिय नजर आ रही है।वहां पर भी पुलिस ने मंगलवार से सख्त रूख अपना कर ग्रामीणों पर सख्ती की है।

नगर परिषद लगा सेनेटराइजर में.....

वहीं दूसरी ओर नगर परिषद के कर्मचारी दिन रात एक करके नगर को स्वच्छ करने में लगे हुए है। विशेष रूप से सेनेटराइजर का छिडकाव नगर के हर गली मोहल्ले और वार्ड में किया जा रहा है।जिसके लिए सफाईकर्मीयों की पूरी टीम लगी हुई है। वहीं कई जागरूक नागरिक 

ग्रामीणों में अभी भी भ्रम की स्थिती.....

प्रशासन आधे अधुरे मन से कोरोना वायरस के विरूद्ध जन जाग्रती के कदम उठा रहा है। नगरिय स्तर पर इस बाबत हलचल दिखाई पडती है परन्तु यहां भी कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन की 100 प्रतिशत तैयारी नहीं दिखती। चुपके-चुपके माॅस, मछली तथा चिकन की आपुर्ति हो रही हैं। इसके अलावा नागरिक स्वयं को पुरी तरह एंकातवासी (आईसोलिट) नहीं कर पा रहे है। इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है, दोपहर बाद ग्रामीण स्त्री, पुरूष खरीददारी के लिए बाजार में आ रहे है तथा जुते, चप्पल, मनिहारी, किराना, कपड़ा, बर्तन आदि दुकानों पर भीड़ के रूप में पहुंच रहे है जिस कारण कुछ दुकानदार अंदर ग्राउंड बिक्री करते रहे।  इससे कोरोना वायरस फैलने की आंशकाओं को बल मिल रहा है।

एैसे बढ़ रहा है खतरा......

कोरोना से बचाव के लिए लोग तरह-तरह के उपाय जरूर कर रहे है, परन्तु हमारी सामाजिक व्यवस्था ऐसी है कि हम एक दुसरे के संपर्क को टाल नहीं पा रहे है। अंजाने हीं मेल मिलाप के कारण कोरोना फैलने की स्थितिया बन रही है, लोग जरूरी सेवाओं के अलावा भी घरो से बाहर निकल रहे है, वे स्वयं को अलग थलल नहीं रख पा रहे है, विशेषकर किसी भी व्यक्ति से दो मीटर की दूरी बनाना, हाथों को बार-बार थोना या सेनिटाईज करना, दस्ताने पहनना तथा कमरे में बंद होकर दुसरों के संपर्क से बचना आदि उपायों पर नागरिक अमल नहीं कर पा रहे है तथा प्रशासन की और से भी इन उपायों को अपनाने के लिए लोगो को बाध्य नहीं किया जा रहा है, इस वजह से कोरोना वायरस फैलने का खतरा बड़ता जा रहा है।

भारी पड़ सकती है लापरवाहीं.....

ईटली, ईरान तथा जर्मनी जैसे देशों में जहां कोरोना वायरस ने बर्बादी फैलाई वहां शुरू में स्थिती इतनी खराब नहीं थी। शुरू मंे उन्होने कोरोना वायरस को हल्के में लिया जिस कारण वहां हजारों लोग इस संक्रमण की चपेट में आकर मौत के गाल में समा चुके है। यह स्थिती यहां भी है कई लोग केवल इसलिए कोरोना के मामले में सावधानी नहीं बरत रहे है कि उन्हे यह लगता है कि शराब पीने के कारण तथा अत्यधिक मेहनत करने के कारण कोरोना उनका कुछ भी बिगाड़ नहीं पायेंगा। लेकिन वास्तव में एैसा नहीं है, यदि इस क्षेत्र में संक्रमण फैला तो घनी आबादी होने के कारण यह बड़ी सामाजिक आपदा का रूप धारण कर लेगा जिससे निपट पाना किसी के बस की बात नहीं है, इसलिए यदि समय रहते सावधानी बरतकर कोरोना संक्रमण को रोका जाए तो बडे नुकसान से बचा जा सकता है।

सेनेटाइजर और मास्क की किल्लत......

कोरोना वायरस से बचने के लिए सेनेटाइजर तथा मास्क की बड़ी संख्या में आवश्यक महसुस की जा रहीं है। लोग दवाई की दुकानों पर भारी संख्या में उक्त दोनो वस्तुओं को लेने के पहुंच रहे है, परन्तु दुकानों पर इसका अभाव बताया जा रहा है। कई लोग उंची किमत पर नकली सेनेटाइजर भी बेच रहे है। कोरोना के भय के कारण मास्क और सेनेटाइजर की बिक्री करते हुए कई लोग तगड़ा मुनाफा कुट रहे है। प्रशासन इस और ध्यान नहीं दे रहा है, जबकि सेनेटाइजर और मास्क की किल्लत के कारण नागरिक हलाकान है उन्हें चार-पंाच गुनी किमत अदा करने के बाद उक्त वस्तु खरीदना पड़ रहीं है


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