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Wednesday, March 25, 2020

जिंदगी से है प्यार तो लॉक डाउन से क्यों इनकार। लॉकडाउन की सफलता ही कोरोना का अंत कर सकती है।





पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। 21दिन का लॉक डाउन मुसीबत भरा है। किंतु जीवन बचाने के लिए 21 दिन का लॉक डाउन सभी को मानना होगा। जिसके लिए प्रशासन द्वारा तैयारियां की जा रही है। आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके प्रयास किए जा रहे है। किंतु बाहर से आने वाले मजदूरों की जांच आवश्यक है अन्यथा क्षेत्र में भी कोरोना वायरस फैलने का खतरा है। पुलिस को भी आमजन से दूरी बनाना होगी। सामग्री पूर्ती के दरम्यान भी भीड न हो।

लॉक डाउन की  सफलता कब होगी?

लॉक डाउन सफल तभी होगा जब पूरे 21 दिन पूरी तरह से सोशल डिशटेंश बनी रहे। किंतु नगर में स्थितियां यह है कि सुबह के समय अधिकांश लोग एक स्थान पर एकत्रीत हो रहे है। आमजन इस लॉक डाउन से परहेज क्यो कर रहा है। पूरे दिन में एक बार भी बाहर निकल कर आप दूसरों से संपर्क करते है।तो लॉक डाउन का कोई महत्व नहीं रहेगा। 

नीजी टेंपो से आ रहे मजदूर। 

बस,रेलवे और अन्य वाहनों के बंद होने के बाद भी गुजरात व अन्य क्षेत्रो से मजदूरी कर लौट रहे आदिवासी मजदूर टेंपो व रिक्शा कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे है। जिसका नजारा पेटलावद नया बस स्टेंड पर देखा गया। जहां बाहर के कई टेंपो और टेक्सी दिखाई दिये। वहीं बस स्टेंड पर ही मजदूर भी नजर आए जो की अन्य राज्यों से पेटलावद पहुंचे है। यदि इन मजदूरों की जांच नहीं होती है और यह अपने गांव तक पहुंच जाते है तो एक बडा खतरा हो सकता है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में एक बार बीमारी पहुंच जाने पर काफी परेशानी का सामना करना पडेगा। 

कालाबाजारी का अंदेशा।

21 दिन के लॉक डाउन में कालाबाजारी का अंदेशा भी दिखाई दे रहा है। सोशल मिडिया पर इस मामले को लेकर कई लोगों ने अपने विचार रखे। तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने तथा आमजन से अधिक दाम लेने पर रोक लगाने की बात कहीं। इस पर व्यापारी संघ के एक प्रतिनिधि द्वारा सोशल मिडिया पर ही व्यापारियों और दुकानदारों से इस विपदा के समय में उचित मूल्य पर सामग्री प्रदान करने की अपील की हे तथा नागरिकों से भी अपील की है कि वे अधिक मात्रा में किसी सामग्री का संग्रहण न करें।

पुलिस की सख्ती का असर।

पुलिस की सख्ती दिखाने के बाद नगर के मुख्य मार्गो और गली मोहल्ला में भीड भाड कम हुई है। सुबह के समय भीड बढ जाती है। जिसे लेकर भी प्रशासन को सक्रिय होना होगा। क्योंकि किसी भी समय लोगों की भीड एकत्रीत होना खतरनाक हो सकता है क्योंकि किराना सामान और सब्जी व फल ,दूध आदि के बहाने हजारों लोग सुबह के समय सडकों पर आ जाते है। जिससे वायरस के फैलने का खतरा है। जिसके लिए प्रशासन व आमजन को ध्यान देना होगा और इस प्रकार की गतिविधियों से बचना होगा।

पुलिस भी रहे सुरक्षीत

नगर में पुलिस के द्वारा नागरिकों और ग्रामीणों को तीतर बीतर करने के लिए कई तरह के प्रयोग किए जा रहे है। जिसमें दंडात्मक और समाज के दुश्मन की तख्ती सहित कई कार्रवाई की जा रही है। किंतु इस दरम्यान पुलिस जवानों को भी सावधानी रखना होगी। अन्यथा वे भी संक्रमीत हो सकते है। क्योंकी वे जितने अधिक लोगों से मिलेगे उतना उनके लिए खतरा है। क्योंकि यह बीमारी यह नहीं देखेगी की यह कौन है।

प्रशासन का दावा।

प्रशासनीक अधिकारियों का दावा है कि अत्यधिक आवश्यकता वाली वस्तुओं की कमी नहीं आने दी जाएगी। दूध,सब्जी, फल व किराना सामग्री पूरे जिले में भरपूर मात्रा में है। जिसे भी इसकी आवश्यकता होगी उन तक सामग्री पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही कई सामाजिक संगठन भी आगे आ रहे है। इस परिस्थिति में हर एक नागरिक की जवाबदारी है कि वह अपने आसपास किसी को भूखा नहीं रहने दे। 

क्विक रिसपांस टीम बनाई।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग अलग सेक्टर वाइस क्विक रिसपांस टीम बनाई गई है। जिसमें प्रत्येक टीम में 6 सदस्य शामिल है। जिसमें दो डाक्टर, फार्मासिस्ट, ड्रायवर और लेब टेक्नीशीयन,स्वास्थ्य कार्यकर्ता को इसमें शामिल किया गया। बीएमओ डॉ एमएल चोपडा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह से सक्रिय है। तथा अस्पतालों में भी पूरी तैयारी है। इसके साथ ही सेक्टर वाइस क्विक रिसपांस टीम बनाई गई है। जो की किसी भी समय किसी भी आपातकाल के लिए तैयार है।
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राज मेड़ा :- 7049735636
हरिश राठौड़  7974658311


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