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Monday, March 16, 2020

सीर्वी समाज ने सप्तमी पर खेली होली..... वर्षो पुरानी पंरपरा का किया निर्वाह...






पेटलावद से ओपी मालवीय की रिपोर्ट

पेटलावद। नगर में सिर्वी समाज द्वारा सप्तमी के दिन होली खेली गई, कई वर्षो से सप्तमी पर सिर्वी समाज होली का आयोजन करता आ रहा है। सेंकड़ों वर्षो पूर्व राजस्थान से इस क्षेत्र में आयें क्षत्रिय सिर्वी समाज के सदस्य यह अनुठी होली मनाने के लिए नगर के चमठा क्षेत्र में एकत्रित होते है तथा वहां बहुत बडे होज जिसे स्थानीय भाषा में कडाहीं कहते है में भरे रंग में लोगो को डुबोते है जिसे देखने पुरा नगर उमड़ता है, ये शीतला सप्तमी के दिन मनाया जाता है। अपनी कई वर्ष पुरानी परपंरा का निर्वाह करते हुए समाजजनों ने शीतला सप्तमी सोमवार को होली उत्सव मनाया। इसमें महिलाओं का भी उत्साह देखने लायक था। ये उत्सव दोपहर में अपने चरम पर पहुंचा। समाजजनों ने एक बडे कड़ाव में रंग वाला पानी भरा और होली खेली गई। इसके पूर्व समाज के युवकों ने टोलिया बनाकर एक दुसरे को रंग लगाया।
सुबह से प्रारंभ हुआ होली उत्सव दोपहर में चरम पर पहुंचा। स्थानीय चमठा चौक पर सभी समाजजन एकत्रित हुए व एक बड़े बर्तन में रंग घोला। इसमें युवक मस्ती करते हुए कूदते रहे। और एक-दूसरे के साथ होली खेलते रहे। समाजजन का मानना है कि इस युग में भी परंपराओं का निर्वाह होना बड़ा कठिन है, किंतु समाजजन आज भी एकत्रित होकर परंपरा का निर्वाह कर रहे हैं। यह समाज के लिए अच्छा संकेत है। साथ ही समाजजन ने आज अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे, जिससे आधा पेटलावद नगर बंद रहा।
इसके साथ हीं ग्राम झकनावदा में प्रसिद्व बेंतमार होली का आयोजन भी हुआ, यहां रंग लगाने पहुंचे युवको की डण्डो से पिटाई की गई। वृंदावन की तर्ज पर यहां होली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने भाग लिया।

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