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Sunday, March 29, 2020

विपदा की घडी में भी मदद के हाथ आगे आ रहे है।





पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। क्षेत्र में समाजसेवी आगे आकर गरीबों की मदद कर रहे है। पलायन कर अपने घर जा रहे भूखे प्यासे गरीब मजदूरों के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे है। कोई निःशुल्क भोजन दे रहा है तो कोई जलपान करवा रहा है तो कोई सेव परमल और बिस्कीट बांट कर उनकी सहायता कर रहा है तो कोई पैदल चल रहे मजदूरों के लिए वाहन की व्यवस्था कर गंतव्य तक पहुंचा रहे है तो वहीं दूसरी ओर कई किराना व्यापारियों ने लूट पाट मचा रखी है। 1200 रूपये के तेल के डिब्बे के 1500 रूपए लिए जा रहे है तो 5 रूपये के सेव परमल 10 रूपये में दे रहे है। इस प्रकार के लूटपाट करने वाले व्यापारियों पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।

ये कर रहे मदद।

पेटलावद के समीप करडावद में होटल संतोष पर गांव के युवाओं की टीम लगातार चार दिन से आने जाने वाले मजदूरों के लिए पूडी सब्जी की व्यवस्था कर रही है। उन्हें पूरी सब्जी पेपर पर अलग से रख कर दी जा रही है।जिससे वायरस के फैलने का भी डर नहीं रहे और मजदूरों को खाना भी मिल जाए। इस काम में ग्राम के उपसरपंच किशोर सोलंकी, वरिष्ठ कार्यकर्ता संतोष जायसवाल और उनकी पूरी टीम लगी हुई है। इनके द्वारा मुख्य मार्ग पर भोजन का निर्माण कर गरीबों को खिलाया जा रहा है।
इसी प्रकार पेटलावद से करीब 25 किमी दूर ग्राम घुघरी में वैरागी परिवार की होटल पर भी निःशुल्क भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिसके लिए वैरागी परिवार पूरी तरह लगा हुआ है। जहां पर प्रतिदिन 40 से 50 लोग भोजन प्राप्त कर रहे है। गरीबों के सामने स्थिति यह बन गई हे। कि उनके घर में न तो खाने को अनाज है न बाहर कमाने जा सकते है। इस स्थिति में उनके लिए क्षेत्र के कई दानवीर कर्ण सामने आ रहे है जो उनकी मदद कर रहे है।

अनाज वितरण किया।

इसी प्रकार नगर में कई ऐसे परिवार भी है जो की अन्य स्थानों से पेटलावद में रोजी रोटी कमाने आए थे। गर्मी की सीजन को देखते हुए राजस्थान और उत्तर प्रदेश से कई कुल्फी व अन्य ठंडे सामान की दुकाने लगे कई लोग पेटलावद में आए थे। और अब वे यहीं रह रहे है। किंतु वे न तो धंधा कर पा रहे है और न ही उनके पास खाने पीने का सामान है। ऐसे में विद्युत मंडल के ड्रायवर रईसुद्यीन भाई और जावेद गोरी इनके लिए मसिहा बन कर आए है। जिन्होंने इन लोगों को अनाज उपलब्ध करवाया है। रईसुद्दीन  ने तो घर घर जा कर किराना सामान और अनाज वितरण किया। और जावेद गोरी ने इनके लिए चावल की व्यवस्था की।

किराना व्यापारियों की लूट पाट पर रोक लगे।

जहां एक ओर कई फरिश्ते गरीबों की मदद के लिए आगे आ रहे है तो दूसरी ओर कई ऐसे लोग भी है जो इस मौके का फायदा उठाने का प्रयास कर रहे है। देश की इस विपदा की स्थिति में उन्हें उनकी कमाई ही दिख रही है। ऐसे कई किराना व्यापारी है जिनकी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा की जा रही है। जो की 1200 रूपए के तेल के डिब्बे के 1500 रूपये ले रहे है। यहां तक की अगरबत्ती और सेव परमल भी तीन गुना मुनाफा कमा रहे है। 5 रूपये की वस्तु को 10 से 15 रूपए में बेच रहे है। जिसके लिए ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और ऐसे व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।



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राज मेड़ा :- 7049735636
हरिश राठौड़  7974658311

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