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Sunday, April 26, 2020

अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर अपनी वार्षिक तपस्या यानी वर्षी तप कि क्रमशः आलोचना की।



पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। क्षेत्र के 11 श्रावक श्राविकाओं ने प्रवर्तक श्री जिनेंद्र मुनि जी महाराज साहब की आज्ञा अनुवर्ती संत दिलीप मुनि जी महाराज साहब से अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर अपनी वार्षिक तपस्या यानी वर्षी तप कि क्रमशः आलोचना की।
इस अवसर पर दिलीप मुनि जी महाराज साहब ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कोई भी तपस्वी इस तपस्या के फलस्वरूप इस लोक में सत्ता की प्राप्ति की परलोक में देवता पद की प्राप्ति की सुखद परिस्थितियों में जीवन जीने की दुखद परिस्थितियों में मरने की कामना वह काम भोग की प्राप्ति की अभिलाषा कभी ना करें, सिर्फ और सिर्फ सम्यक रूप से आराधना करते हुए अपने कर्मों को क्षय करने की भावना रखें, ऐसी आराधना व तपस्या सम्यक तपस्या है, एवं आदि तीर्थंकर ऋषभदेव के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि भी है ।
इस वर्ष पेटलावद क्षेत्र में स्थानकवासी समाज में अध्यक्ष नरेंद्र मोदी का प्रथम सचिव नीरज जैन का 11वां अजय मेहता का प्रथम श्रीमती स्मिता जैन का पांचवा श्री मुकेश मांडोत करवड का दसवा ,मंदिर मार्ग जैन समाज में श्रीमती चंदा सुरेंद्र मेहता का दूसरा अनिल अमृतलाल मेहता का चौथा श्रीमती मंजू राजेंद्र कटकानी का पहला, तेरापंथ सभा से श्रीमती हेमा रमण लाल जैन का प्रथम वर्षी तप है इसमें से कई श्रावक श्राविकाओं ने अपनी आराधना को निरंतर रखने का व्रत भी आज तपस्वी दिलीप मुनि जी महाराज साहब से ग्रहण किया है। अखिल भारतीय चंदना श्राविक संगठन की उपाध्यक्ष श्रीमती मधु जितेंद्र मेहता ने भी अपना वर्ष प्रथम वर्षी तप प्रारंभ किया है इन सब में एक 10 वर्षीय बालिका कुमारी सिद्धि जैन भी लगातार पांच वर्षों से ब्यास  ने से अपनी तपस्या कर रही हैं।

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