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Friday, April 3, 2020

कोरोना से बचने के समन्वित उपाय.... इन्हें अपनाओगे तो रहोगे सुरक्षित।




पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। पश्चिमि म.प्र. में इंदौर तथा उज्जैन कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की प्रतिदिन बढ़ती संख्या के कारण कोरोना हॉट स्पोट के रूप में उभर कर सामने आया है जिससे क्षेत्र के लोगो में बेचेनी बढ़ती जा रहीं है तथा वें कोरोना से बचने से तरह-तरह के उपाय आजमाने में लगे है, परन्तु इनमें से अधिकांश उपाय वेज्ञानिक नहीं होने के कारण वे कारगार साबित नहीं हो पा रहे है। जागरूकता के अभाव के कारण आम लोग एैसे कई कदम उठा रहे है जो कोरोना के फेलाव की दृष्टी से घातक साबित हो सकते है। इस संबंध में आयुष विभाग के सेवा निवृत चिकित्सा अधिकारी डॉ. जिनेंद्र जैन ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए सबसे कारगार उपाय है। शोसल डिस्टेंसिंग का 100 प्रतिशत पालन करना। कोरोना वायरस की प्रकृती के बारे में अभी तक कोई बहुत ठोस अधिकारिक जानकारिया नहीं आई है तथा वेज्ञानिक अभी भी इस बारे में शोध कर रहे है, इसलिए इसके बारे में किसी भी तरह के भ्रांति नहीं पालना चाहिए, जैसे की अधिक तापमान पर यह वायरस मर जाएगा या फिर शराब सेवन करने वालों को यह अपनी चपेट में नहीं लेगा यह सब भ्रांतिया है इसलिए इससे बचना चाहिए तथा स्वयं सामाजिक दुरिया बनाकर इसके सामुदायिक प्रसार की आंशका को खत्म करना चाहिए। डॉ. जैन ने बताया कि यदि हम पास-पास बैठते है, सटकर बात करते है तथा हाथों को बार-बार नहीं धोते है तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।  उन्होने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में मास्क के उपयोग को लेकर भी कई तरह की नासमझिया लोगो में है। ग्रामीण समझते है कि केवल नाक मुह पर कपड़ा बांध लेने से कोरोना वायरस से बचाव हो जाएगा, ज्यादातर लोग एक हीं मास्क का कई दिनों तक उपयोग करते है तथा एक दुसरे का मास्क पहनने से भी परहेज नहीं करते है। इस वजह से बचाव के बजाए कोरोना का खतरा बढ़ जाता है। डॉ जैन ने बताया कि घर पर आयुर्वेदिक पद्धती से बहुत कम लागत में सस्ता सेनेटाईजर तैयार किया जा सकता है, इसके लिए 5 लीटर पानी में 1 किलों नीम की पत्तिया उबाल ले, इसमें 100 ग्राम त्रिफला चुर्ण भी मिला दे तथा दो तोला फिटकरी मिला दे, अच्छा उबलने पर पानी को छान ले तथा इसका इस्तमाल सेनेटाईजर के रूप में करें जो कि कोरोना विषाणु को मारने में बेहद कारगार साबित हो सकता है। वहीं बुजुर्ग तथा प्रतिरोधी वृक्षणप्रणाली कमजोर है उन्हें सावधानी रखते हुए परिवार के सदस्यो से भी दुरी रखनी चाहिए। स्वशन तंत्र को मजबुत करने के लिए तथा फेफडो को अधिक आक्सीजन उपलब्ध करवाने के लिए सुबह शाम अलोम विलोम कपाल भांती प्रणायाम करें तथा घर में गुगुल का धुआ करें यहं धुआ वातावरण में उपस्थित किसी भी प्रकार के रोगाणु को मारने में सक्षम होता है। डॉ. जैन ने कहां कि ऋतु परिवर्तन के समय में सामान्य सर्दी, खांसी होना स्वभाविक है इसे कोरोना समझकर घबराना नहीं है, कोरोना में तेज बुखार के साथ सुखी खांसी तथा फेफडो जकड़न व बेचेनी अनुभव होती है, इससे बचने के लिए स्वय को आईसोलिट रखना व त्वरीत उपचार करना आवश्यक है, कोरोना से बचने के लिए भरपुर मात्रा में संतरा का उपयोग करे ंजो विटामिन सी का स्त्रोत है तथा शरीर में पानी कमी नहीं होने देना चाहिए, दोपहर के समय घर की बनी छांछ का भी उपयोग किया जा सकता है।


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