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Tuesday, May 5, 2020

चालकों ने कहां चलता है वाहन तो जलता है चुल्हा... सरकार से आर्थिक सहायता की मांग....


पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। लगभग 43 दिन से लॉक डाउन का आदेश होने के बाद सभी छोटे बडे व्यापारी और कारीगरों का पुरा व्यवसाय ठप्प हो गया है। वहीं छोटे चार पहिया वाहनों के पहियें भी थमें हुए है। प्रतिदिन टेक्सी परमिट व निजि भाडे़ पर वाहन चलाने वाले छोटे वाहन चालकों के द्वारा प्रतिदिन मिलने वाली मजदूरी से अपना व परिवार का भरण पोषण किया जाता है। इन चालकों के पास न तो स्थाई रोजगार होता है और ना हीं शासन की और से इनको कोई सहायता नहीं मिलती है। जब तक वाहन के पहियें चलते है तब उनका चुल्हा जलता है। कोरोना संक्रमण के कारण छोटे वाहन चालकों की आयें के सभी रास्तें बंद हो गयें है। वाहन मालिकों को लोन पर उठायें गयें वाहनों की किस्त और बीमा और मेंटेनेस का खर्च जेब से उठाना पड़ रहा है। इसी के चलते चार पहिया वाहन चालक ऐसोसिएशन के पेटलावद तहसील अध्यक्ष प्रेम पडि़यार के नेतृत्व में सरकार से मांग की है कि जिस प्रकार से दिल्ली सरकार ने छोटे वाहन चालकों और आरटीओं विभाग में स्थाई रूप से पंजिकृत बेच व लांयसेसधारी चालकों को 5-5 हजार रूपयें की आर्थिक सहायता दी है, इसी प्रकार की सहायता म.प्र. सरकार भी वाहन चालकों को करें। उल्लेखनिय है कि पेटलावद क्षेत्र में हीं लगभग 5 हजार से अधिक वाहन और इतने हीं बेंच लायसेंसधारी वाहन चालक भी है जिन्हें न तो सरकार से और ना हीं किसी सामाजिक संस्था या किसी भी जनप्रतिनिधी से कोई सहायता इस समय नहीं मिली है।


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