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Friday, May 1, 2020

कर्तव्यनिष्ठ ओर कर्मशील शिक्षक की भूमिका में थे जानी - लॉक डाउन में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ दी विदाई


पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद।बच्चो का उज्जवल भविष्य तैयार करने और आकार देने में कई साल का लम्बा समय लगा जाता है। यह सभी कुछ निभाते हुए शिक्षक परिवार से दूर हो जाता है। अपनी भूमिका राष्ट्र निर्माता  को बनाने में सब कुछ लगा देता है। इसके साथ ही वन मेन आर्मी के रूप में कार्य करने वाले विरले ही मिलते है।
यह बातें शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ शिक्षक हरीश जानी के विदाई अवसर पर शिक्षकों ने कहे। लॉक डाउन का पूरा पालन करते हुए कुछ एक शिक्षकों ने ही उपस्थित होकर बिना किसी समारोह के इस परम्परा का निर्वहन किया। सभी सोश्यल डिस्टेंसिग का ख्याल रखा। सभी ने मुंह पर मास्क लगाए हुए थे। इस अवसर पर मुकेश पुरोहित, केएस बामनिया, प्रमोद पटेल, अनिल परमार, नरेंद्र मोन्नत, दीपक भटेवरा, मोहन सोलंकी, हिरजी निनामा, मनोज जानी, अर्पित जानी, सूर्यांश जानी, रमेश मेडा भी मौजूद थे।
संस्था की ओर शाल श्रीफल भेंट किया गया।
अपने सम्मान के प्रतिउत्तर में सेवानिवृत्त हुए हरीश जानी ने कहा समय के साथ अध्यापकों भी किसी न किसी कुछ सीखता है। चाहे वो बड़ा हो या छोटा।
किसी भी कार्य और संस्था को प्रगति की ओर ले जाने के लिए साथ में मिलकर प्रयास करने पड़ते हैं और अच्छे परिणामों के लिए साथ मिलकर एक ताकत के रूप में कार्य करना पड़ता है। यही  सबकुछ उन्हें यहां के विद्यालय में लंबी सेवा अवधि के दौरान मिला।
श्री जानी ने कहा विचारों का लक्ष्य और अध्यापकों के प्रयासों का प्रतिबिम्ब होते हैं। हमेशा  दिमाग में यही रखना कि, आप अपने सभी कार्यों में सही हो और यह भी मत भूलना कि, सच की हमेशा जीत होती है। किसी भी बुरी स्थिति में कभी भी आत्मसमर्पण नही करना और खुद में विश्वास रखना चाहिए।
संचालन मुकेश पुरोहित ने किया।

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