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Sunday, May 24, 2020

मजदूरों के हक पर डाका तो कैसे रूकेगा पलायन जाब कार्ड अन्य का पैसा गया दूसरे के खाते में। एक मामला नहीं ऐसे 1000 मामले है....








पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद जाबकार्ड किसी ओर का खाते में पैसे गए किसी दूसरे के और पैसा मिल रहा भ्रष्टाचारियों को तो आखिर किस तरह मजदूरों को उनका हक मिलेगा और पलायन रूकेगा।
मजदूरों के हक पर डाका डाल कर भ्रष्टाचारी अपनी जेब भर रहे है। जिससे मजदूरों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है।
कोरोना काल में मजदूरों के सामने अपने परिवार को चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है। जिसके लिए सरकार के द्वारा मजदूरों को राहत देने के लिए कई प्रकार के प्रयास किए जा रहे है।किंतु उन प्रयासों को मजदूरों तक पहुंचाने में यदि सफलता नहीं मिलती है तो वह शासन की मंशा पर पानी फेरने जैसा हो सकता है।
इसी प्रकार का घटनाक्रम पेटलावद तहसील में हो रहा है जहां पर मजदूरों का हक भ्रष्टाचारी खा रहे है जो की मजदूरों के जाबकार्ड में हाजरी भर कर उनकी मजदूरी दूसरों के बैंक खातों में डालकर पैसो का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। यह खेल आज से नहीं पिछले कई वर्षो से चल रहा है। जिस कारण से मजदूरों को पलायन करना पडता है क्योंकी उनकी मजदूरी भ्रष्टाचारी खा जाते है तो उन्हें अपने प्रदेश में मजदूरी का लाभ कहा मिल पाता है।

क्या है मामला

ग्राम गरवाखेडी निवासी धन्नीबाई पति भागीरथ मुणिया ने एसडीएम एमएल मालवीय को आवेदन दे कर बताया कि ग्राम पंचायत तारखेडी में मेरा जाबकार्ड क्र 23 है। इस समय ग्रामीण यांत्रीकी विभाग के द्वारा मनरेगा के तहत कार्य चलाए जा रहे है। जिसके लिए मजदूरों को लगाया जा रहा है।जिसमें मेरे जाबकार्ड का उपयोग भी किया जा रहा है। किंतु मेरे द्वारा कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। और वहीं मेरे अकाउंट में कोई पैसा भी नहीं आ रहा है।मेरे जाबकार्ड मजदूरी की इंट्री कर पैसा एसबीआई के अन्य अकाउंट नंबर 37811021743 में जा रहे है जो की दूधी निवासी लता भूरिया पिता मंगन भूरिया का है। इस प्रकार यह खेल पूरे दो वर्ष से चलता आ रहा है। इस संबंध में धन्नीबाई के पुत्र के द्वारा पूरी जानकारी निकाली गई जिसमें यह पूरा मामला खुल कर सामने आया।
धन्नीबाई का कहना है कि इस समय भी पंचायत में कार्य चल रहे है और मेरे जाबकार्ड के साथ अन्य का बैंक अकाउंट जोडने वाले के विरूद्व सख्त कार्रवाई होना चाहिए।
इस संबंध में एसडीएम एमएल मालवीय का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है मामले की जांच करवाई जाएगी।
 सामाजिक कार्यकर्ता लेखेंद्र जानी का कहना है कि इस मामले की जांच होना चाहिए यह केवल एक मामला नहीं है ऐसे 100 मामले सामने आ सकते है। जिसमें मनरेगा योजना में मजदूरों का पैसा भ्रष्टाचारी खा रहे है।

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