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Tuesday, May 5, 2020

घर पहुचने की लगन, भूखे प्यासे साइकल से कर रहे सफर।




पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। सरकार ने भले ही मजदूरों को उनके घर तक पहुचाने के लिए ट्रेन व बसों की व्यवस्था की हो लेकिन कई मजदूर अभी भी मोटरसाइकिल, साइकल व पैदल चलकर अपने घरों तक पहुंचने में लगे है। भरी गर्मी में यह मजदूर भूखे प्यासे अपने आशियाने की बढ़ रहे है। अपने क्षेत्रों में काम नही मिलने के कारण कई मजदूर अपने परिवार के अन्यंत्र मजदूरी के लिए पलायन करने को मजबूर होते है। वर्तमान में पूरे विश्व मे कोरोना की महामारी चल रही है। देश मे लगभग 43 दिनों से लॉक डाउन जारी है, ऐसे में अन्य राज्यो में फंसे मजदूरों रोजी रोटी पर संकट खड़ा हो गया। मजदूर अपने घर पहुँचने का हर सम्भव प्रयास करते रहे है।
मंगलवार को सूरत से नीमच के गांव रामपुरा का मजदूर परिवार पेटलावद पहुंचा जो साइकल से इस सफर को तय कर रहे है। मजदूर दिनेश, मानसिंह, जितेंद्र बंजारा ने बताया कि लॉक डाउन में हम गुजरात के सूरत में फस गए थे, वहां खाने के लाले पड़ गए। दो दिन हो गए सूरत से निकले हुए खाने की कोई व्यवस्था नही है। आज गुजरात के हालोल में खाना खाया था, बुधवार शाम तक घर पहुचने की उम्मीद है। साइकल से सफर कर रहे इन मजदूरों में 3 महिलाएं, 3 छोटे-छोटे बच्चे तथा 3 पुरूष शामिल है। हालांकि इनके पास 1 मोटरसाइकिल भी है, जिससे यह रस्सी के सहारे साईकल को बांधकर चला रहे है।

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