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Monday, May 18, 2020

लॉक डाउन 50 दिन के सफर में कोरोना की नहीं टूट रही



धार  ( तिरला ) से पंकज शर्मा / राकेश साहु की ग्राउंड रिपोर्ट


लॉक डाउन 50 दिन के सफर में कोरोना की नहीं टूट रही चैन
जिला कलेक्टर के अथक प्रयासों से जिले में कोरोना पर हुआ नियंत्रण, किन्तु कुक्षी में कोरोना का कहर आज भी जारी
 नवागत एसडीएम के लिए कोरोना एक चुनोती, कैसे करते हैं नियंत्रित
बीएमओ डॉ पवैया की कार्यप्रणाली से कोरोना नहीं हुआ नियंत्रित

कुक्षी। लॉक डाउन के 50 दिन पूरे हुए, लेकिन नगर में कोरोना की चैन टूटने का नाम नहीं ले रही हैं। कुक्षी में कोरोना महामारी ने विकराल रूप धारण कर लिया है और नगरवासी कोरोना से डरे, सहमे हुए हैं। जिला कलेक्टर ने मुख्यालय पर रहकर कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है, जिसकी सराहना प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भी कर चुके हैं। किंतु जिले के अंतिम छोर कुक्षी में कोरोना का कहर आज भी जारी है, कोरोना महामारी से नगरवासी भयभीत होकर जीवन जी रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी कोरोना की चैन को तोड़ने में अभी तक सफल नहीं हुए हैं। कुक्षी के बीएमओ को हटाकर जिला मुख्यालय से डॉ नरेंद्र पवैया को स्वास्थ्य विभाग कुक्षी की कमान सौपी गई हैं, किन्तु उनके द्वारा किये गए प्रयास भी नाकाम रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अमले में जोश व उत्साह नहीं देखा जा रहा है। दूसरा फ़ेरबदल के रूप में एसडीएम को बदल दिया गया है अब कुक्षी की जनता को नवागत एसडीएम से बहुत अपेक्षायें हैं।

*कोरोना की चैन क्यो नहीं टूट रही?*
नगर में कोराना ने आम नागरिकों का दिन का चैन रात की नींद हराम कर दी है। नगरवासी प्रतिदिन कोरोना की रिपोर्ट का इंतजार करते हैं और रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो एक उम्मीद की किरण जागती हैं कि हमारा नगर ग्रीन जोन में आ जाएगा। तभी अचानक से पॉजिटिव रिपोर्ट के आ जाने से आम लोगों में मायूसी छा जाती हैं।
            नगरवासी प्रशासनिक अमले का सहयोग कर लॉक डॉउन व सोशल डिस्टेंस का पालन कर रहे है और साफ सफाई का विशेष ध्यान रख रहे हैं। लगातार सेनेटाइजर का उपयोग कर सुरक्षा को अपना रहे हैं, फिर भी कोरोना की चैन का नहीं टूटना चिंता का विषय है? प्रशासनिक अमले को गहन विचार करना होगा कि कहाँ चूक हो रही हैं, आखिर हम कोरोना की चैन को क्यो नहीं तोड़ पा रहे हैं?
      लॉक डाउन के इन 50 दिनों में कभी खुशी तो कभी गम की तरह नगरवासियों ने निकालें, अब आगे के दिनों में क्या होता है? आम लोगों की आर्थिक स्थिति भी बहुत खराब हो रही हैं। जिसमें मजदूर वर्ग व मध्यमवर्गीय ज्यादा परेशान है।
        लॉक डाउन 4 की शुरुआत हो चुकी है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अपने कर्तव्य का पालन करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सभी अधिकारी दिन रात ईमानदारी से मेहनत कर रहे हैं।  तहसीदार सुनिल कुमार डावर द्वारा कॉरेन्टीन सेंटर की निगरानी, व्यवस्था, मरीजों के उपचार पर ध्यान केंद्रित कर रहे है। तहसीदार डावर के2द्वारा अथक परिश्रम व प्रयास किया जा रहा है जिसकी नगर में सर्वत्र प्रशंसा की जा रही हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी साफ सफ़ाई, सेनेटाइजर का छिड़काव आदि कार्य में अपने अमले के साथ व्यस्त नजर आते हैं तो थाना प्रभारी भी लॉक डॉउन का पालन कराना एवं सोशल डिस्टेंस बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे है औऱ बाहर से कोई नगर की सीमा में प्रवेश न करें औऱ आये तो पहले स्क्रीनिंग एवं जाँच करवाये तथा नगर की सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, पुलिसकर्मियों द्वारा दिन रात मेहनत की जा रही हैं। नवागत एसडीएम ने कार्यभार संभालते ही व्यवस्था को देखा है और क्षेत्र का निरन्तर भ्रमण कर रहे है और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। नवागत एसडीएम के आने के बाद ही कुक्षी में 10 पॉजिटिव मरीजों की सूची आने से हड़कम्प मच गया है। देखते हैं नवागत एसडीएम कोरोना को नियंत्रित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाएंगे।

*लॉक डाउन के दौरान व्यापारी कर रहे कालाबाजारी*

नगर में लॉक डाउन के दौरान व्यापारियों द्वारा मनमानी की जा रही हैं और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कालाबाजारी कर मनमाने ढंग से रुपये वसूले जा रहे हैं। कुछ दुकानदारों की पूरी तरह से चांदी नजर आ रही है। स्थानीय प्रशासन इन कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ ठोस कदम उठाए। खाध सुरक्षा अधिकारी सिर्फ वसूली करने के लिए जिला मुख्यालय से कुक्षी आते हैं। कागजी खानापूर्ति कर चले जाते हैं जिससे व्यापारी निर्भीक होकर मिलावटी खाद्य सामग्री के साथ खुलेआम कालाबाजारी कर रहा है। नगर के मुख्य मार्गों में पूरी तरह से लॉक डाउन नजर आ रहा है  तो दूसरी और गली मोहल्लों में चहल-पहल दिखाई देती है, प्रशासन को देख घर के दरवाजे बंद हो जाते हैं। प्रशासन के जाते ही फिर वही चौपाल नजर आती है।

*लॉक डाउन में बाजार हुए सूने तो गली मोहल्लों में दिखाई देती है चहल-पहल*

कुक्षी नगर में कोरोना की चैन नहीं टूटने का कारण यह भी दिखाई दे रहा है कि नगर के मुख्य मार्गों में लॉक डॉउन का असर तो दिखाई देता है, किन्तु गली एवं मोहल्लों में चौपालों पर चहल-पहल बनी रहती है, दिनभर सड़कों पर दोपहिया वाहनों पर आवागमन चलता दिखाई देता है। कोरोना संक्रमित हुए लोगों पर नजर डाली जाय तो सभी संक्रमित शहर के गली एवं मोहल्लों से ही पॉजिटिव मिले हैं।
*जिम्मेदार क्या बोले*
संवाददाता ने नवागत एसडीएम से कोरोना को नियंत्रित करने की क्या योजना है? सवाल के जवाब में बताया कि हम दो बिंदु पर कार्य कर रहे हैं। पहले हम आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व आशा कार्यकर्ता के माध्यम से डोर टू डोर सर्वे करवा रहे हैं और संकृमित मरीज की पहचान कर रहे हैं।जो भी संकृमित मरीज मिलता है उसकी कॉन्ट्रेक्ट हिस्ट्री के आधार पर जांच के सेम्पल ले रहे हैं और हाईरिस्क व 65 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों पर फोकस कर रहे हैं, जिन्हें पुरानी कई बीमारी है और बिना लक्षण वाले मरीज जिनकी जान को कम खतरा रहता है उन पर भी ध्यान दे रहे हैं तथा इकोनॉमिक एक्टिविटी को चालू कर ध्यान दिया जा रहा है।
*विवेक कुमार*
*एसडीएम कुक्षी*

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