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Friday, May 29, 2020

पंचायतों में नहीं मिल रहा ग्रामीणों को रोजगार.... घर चलाना हो रहा मुश्किल..... सरकार की योजनाओं पर जनप्रतिनिधी लगा रहे पलिता....




पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। मुख्यमंत्री की रोजगार सेतू और श्रम सिद्वी योजना को पलीता ग्रामीण क्षेत्रों में बैठे जनप्रतिनिधि लगा रहे। लाकडाउन में जिन मजदूरों के लिए मनरेगा योजना चलाई जा रही है उसका लाभ मजदूरों को नहीं मिल रहा है। यहां पर भी जनप्रतिनिधियों की मनमानी जरूरतमंदों तक उनका हक नहीं पहुंचने दे रहे है तो इन स्थितियों में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह मजदूरों के लिए किस प्रकार सेतु का कार्य कर श्रम की सिद्वी कर पाएंगे। वहीं पलायन पर गयें मजदूरों को सरकार वापस उनके ग्रह गांव लेकर आई जिससे की उन्हें उनके गांव में रोजगार उपलब्ध करवाया जाए। परन्तु निचले स्तर पर बैठे जनप्रतिनिधी व अधिकारियों की लापरवाहीं के चलते गरीब मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। इस लॉक डाउन में मजदूरों के लिए सबसे बड़ी समस्या है कि वह अपना व परिवार का पालन पोशण कैसे करें। मजदूरों को उनकी पंचायत में कोई काम नहीं मिलने से उनमें आक्रोष भी देखा जा रहा है। सरकार के साथ हीं वह पंचायत में बैठे सरंपच-सचिव तथा जिम्मेदार अधिकारियों को कोसते दिखाई दे रहे है। पलायन का सबसे बड़ा कारण यहीं है कि पंचायत मे ंबैठे भ्रष्टों के कारण मजदूरों को रोजगार नहीं मिलता है, जिसके कारण मजबुरन रोजी रोटी की जुगत में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान तथा अन्य राज्यों में यहां के ग्रामीणजन पलायन पर जाते है। सरकार की योजनाओं को इमानदारी से क्रियान्वित की जाए तो शायद पलायन पर काफी हद तक रोक लग सकती है।

घर में बैठे मजदूर, नहीं है काम .....

मामला ग्राम पंचायत टेमरिया के अंतर्गत आने वाले खामड़ीपाड़ा का है जहां तालाब निर्माण कार्य चल रहा है लेकिन कई ग्रामीणों को काम पर नहीं लगाया जा रहा। दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि हमें पंचायत द्वारा कोई काम नहीं दिया जा रहा है। सरकार ने मनरेगा योजना के तहत् सभी को काम देने का कहां है लेकिन ग्राम पंचायत सरपंच, सचिव की मनमानी के चलते हमें रोजगार नहीं दिया जा रहा है तथा काम मांगने जाते है तो हमें भगा दिया जाता है। महिलाएं-पुरूष अपने घरों में हीं बैठे है, एैसे में उनकी रोजी-रोटी पर भी गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 80 प्रतिषत लोगो को यहां रोजगार नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने तालाब निर्माण कार्य को भी घटीया बताया तथा आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत द्वारा तालाब का निर्माण घटीया तरीके से किया जा रहा है, जिसकी जांच होना चाहिए।

ग्रामीणों ने कहां......

ग्रामीण महिला जमनाबाई ने बताया कि पंचायत में काम तो चल रहा है, लेकिन पंचायत हमें मजदूरी नहीं दे रहीं है। तालाब पर काम करने हम जाते तो वहां से भगा दिया जाता है। पंचायत द्वारा अपने मनमाने तरिके से कुछ लोगो को हीं काम दिया जा रहा है। पुरी गर्मी निकल गई घर बैठे है, और अब काम चालु हुआ है तो हमारें साथ भेदभाव किया जा रहा है।

ग्रामीण अनिल डामर ने बताया कि गांव में तालाब का काम चल रहा है, जहां 15 मजदूर काम कर रहे है, लेकिन हमें नहीं लगाया जा रहा है तथा हमें आज आना कल आना का कहा जा रहा है। साथ हीं सरंपच कहते है में तुम्हें काम पर नहीं लगाउंगा, चाहें तो तुम कलेक्टर के पास चले जाओं, मुझे जिसने वोट दियें में उसे हीं काम पर लगाउंगा। तुम लोग ज्यादा करोगे तो में जेसीबी से निर्माण कार्य करवाउंगा।


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