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Tuesday, June 16, 2020

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मार्ग में हुए भ्रष्टाचार की जांच ईमानदारी का पाठ पढ़ाने वाले कार्यपालन यंत्री अधिकारियों को कर रहे भ्रमित। कार्यपालन जंत्री झाबुआ ने नहीं दिया जांच अधिकारियों को रिकार्ड अप नों को लगे बचाने में





पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। मामला झाबुआ जिले के पेटलावद विकासखंड के ग्राम पंचायत गोदडीया से करनगढ़ मार्ग का है जिसमें लाखों रुपए का भ्रष्टाचार बीटी टू डब्ल्यूएमडीएम डामर के नाम पर किया गया था जिसकी लिखित शिकायत कलेक्टर झाबुआ को भी की गई है शिकायत में बताया गया है कि उक्त मार्ग में हुए भ्रष्टाचार की जांच वर्तमान एसडीओ पेटलावद द्वारा की गई थी वह जांच पूरी तरीके से फर्जी पाई गई है एवं जांच में ही संबंधित अधिकारी द्वारा हेरफेर किया गया है 11/11/ 2019 को कलेक्टर महोदय झाबुआ को संलग्न दस्तावेजों के साथ में बताया गया कि उक्त मार्ग में तत्कालीन एसडीओ उपयंत्री द्वारा किस तरीके से फर्जी मापदंड पुस्तिका मैं मूल्यांकन चढ़ाकर अधिकारियों द्वारा राशि को प्राप्त करने के लिए हेरफेर किया गया है 1 माह  बीत जाने के बाद भी अधिकारी द्वारा की जाने वाली जांच में लेटलतीफी की जा रही है  एवं  अधिकारियों को बचाया जा रहा है आज भी मार्ग की स्थिति काफी दयनीय है एवं उक्त मार्ग से निकलने वाले लोगों को भारी परेशानियां उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि मार्ग में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत के संबंध में  संबंधित अधिकारी  कभी भी  उक्त मार्ग पर  जांच करने के लिए नहीं आए जिसकी शिकायत एक बार फिर जिला कलेक्टर महोदय के समक्ष की गई जिसमें कलेक्टर महोदय झाबुआ द्वारा जांच करने को लेकर अपर कलेक्टर झाबुआ को लिखा गया था अपर कलेक्टर झाबुआ द्वारा प्रधानमंत्री रोड महाप्रबंधक झाबुआ को 7 कार्य दिवस में निर्माण स्थल पर जाकर जांच करने के लिए कहा गया था लेकिन जब प्रधानमंत्री रोड महाप्रबंधक कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग के अधिकारी के पास में संबंधित रोड में हुए भ्रष्टाचार के रिकार्ड लेने के लिए गए तो अधिकारी द्वारा अपने विभाग के अधिकारियों को ही बचाते हुए यह बताते हुए बैरंग लौटा दिया कि यह जांच तो हो चुकी है जबकि जो जांच हुई है उसमें कलेक्टर महोदय झाबुआ सरपंच ग्रामीण शिकायतकर्ता को भ्रमित करते हुए विभाग में बैठकर ही जांच प्रतिवेदन बनाया गया संबंधित सरपंच ग्रामीण शिकायतकर्ता किसी के भी उक्त मार्ग पर जाकर कथन नहीं लिए गए इससे यह स्पष्ट होता है कि कार्यपालन यंत्री अपने विभागीय भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने में लगे हुए हैं आज भी बरसात के समय में मोई चारणी  करनगढ़ के ग्रामीणों को 500 मीटर का रोड अधूरा होने पर बड़ी परेशानियां झेलनी पड़ रही है जबकि भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा 500 मीटर का भी पैसा मूल्यांकन कर निकाल लिया गया है एक बार पुनः मंगलवार  को अप्पर कलेक्टर महोदय झाबुआ द्वारा प्रधानमंत्री  रोड महाप्रबंधक को जांच के लिए लिखा गया है देखना है अब प्रधानमंत्री रोड के महाप्रबंधक किस तरीके से जांच करते हैं

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