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Tuesday, June 16, 2020

गोभक्त गायत्री परिवार साधक शंकर बा का दुखद निधन....


धार (तिरला) से पंकज शर्मा की रिपोर्ट

धार -   दसाई धार गोपाल कृष्ण गौशाला के सचिव,गायत्री परिवार के कर्मठ कार्यकर्ता,पर्यावरण प्रेमी शंकर लाल पाटीदार डूंगाजी वाले के असामयिक निधन से शोक की लहर दौड़ गई.अचानक किसी ने भी इस बात पर विश्वास ही नहीं किया.अंत्येष्टि स्थानीय मुक्ति पर की गई जिसमें उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई.
 तन मन धन से गौ सेवा को समर्पित शंकर बा आम लोगों में कई माध्यमों से जुड़े थे.पुश्तैनी कृषक शंकर बा ने सेवा के लिए गो सेवा को माध्यम चुना और पिछले 8 सालों से लगातार सचिव पद की जिम्मेदारी निभा कर गौशाला संचालन में अपनी सहभागिता की. गौशाला की बंजर भूमि को हरियाली से आच्छादित करने में शंकर बा ने खूब पसीना बहाया. वृक्षारोपण करके छाया और फलदार पौधों को फायदेमंद होने तक उनकी परवरिश की जिससे गौशाला क्षेत्र आज हरा भरा नजर आता है.गौ माता के लिए सुकला, भूसा,चारा लाने दिन रात तत्पर रहे शंकर बा अपनी जवाबदारी का अंत तक निर्वहन करते रहे.2 दिन पूर्व ही बकायादारो का हिसाब करके मानो उन्होंने अपनी जवाबदारी पूरी की. उन्हें शायद अपनी अंतिम यात्रा का आभास हो गया था.
गायत्री परिवार को नई ऊंचाइयां देने और जन जन तक सत साहित्य पहुंचाने में भी शंकर बा का भरपूर योगदान रहा है. घर घर गायत्री यज्ञ कराकर लोगों में जनचेतना जगाने के पंडित श्री राम जी शर्मा  के भाव को जीवन नैया पार लगाने का माध्यम बनाने वाले शंकर बा हर किसी कार्यक्रम में अभूतपूर्व योगदान रहा है. अंतिम यात्रा गायत्री शक्तिपीठ के निकट निवास से निकली जिसमें विभिन्न वर्ग के लोग शामिल हुए. मुक्तिधाम पर मुखाग्नि जेष्ठ पुत्र विष्णु ने दी.शोक सभा में बा की सेवाओं पर गोपाल कृष्ण गौशाला अध्यक्ष अशोक सिंह रघुवंशी, शिक्षक जीवन हीरागोबावाले, वक्ता देवेंद्र पाटीदार आदि ने विस्तार से प्रकाश डाला. गौशाला अध्यक्ष अशोक सिंह रघुवंशी ने कहा किअत्यंत दुखित मन,स्तब्ध हृदय,..निःशब्द हूँ..
" मेरे अभिन्न गौभक्त साथी, श्री गोपाल कृष्ण गौशाला दसाई के सचिव ,निष्काम भाव से सेवा भावी ,सरल सहज,प्रखर व्यक्तित्व के धनी,पर्यावरण प्रेमी वृक्षमित्र
गायत्री परिवार के साधक,श्री शंकर लाल जी पाटीदार
आज सुबह आकस्मिक हमारे बीच नहीं रहे।परमपिता परमात्मा, गौमाता उन देवपुरुष को गौ लोकधाम में स्थान प्रदान करें एवं उनके परिजनों को इस दुख की घड़ी में कष्ट सहन करने का सामर्थ्य प्रदान करें. ध्यान रहे शंकर बा पाटीदार समाज के वरिष्ठ होने के साथ ही पूर्व जिला जनपद सदस्य बद्रीलाल पाटीदार के परिवार से थे.

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