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Monday, June 1, 2020

महिलाओं की परेषानी.... निजी समुह बैंको के कर्मचारी लोन भरने के लिए बना रहे दबाव..... महिलाओं के पास नहीं है कोई काम, कैसे जमा करें लोन की किस्तें......











पेटलावद से हरिश राठौड़ की रिपोर्ट

पेटलावद। कोरोना की संक्रामक बीमारी पुरे देश में फेलती जा रहीं है और इस बीमारी की शुरूआती दिनों में केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के द्वारा जो कदम उठायें गयें और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विभिन्न प्रकार के आर्थिक पेकेज जारी करने के साथ हीं बैंको और प्रायवेट कंपनियों व फाईनेंस कंपनियों को ग्राहकों के लोन की किस्त जमा करने के लिए मजबुर नहीं करने और किस्त जमा नहीं होने पर अतिरिक्त ब्याज नहीं लेने और किस्त भरने की समय सीमा बढ़ायें जाने के आदेश जारी कियें गयें है किन्तु सरकार के द्वारा जारी इन आदेशों को निजी प्रायवेट व फाईनेंस कंपनिया ठेंगा दिखाती नजर आ रहीं है और कंपनियों के कर्मचारी गरीब लोगो से लोन की किस्त वसुलने के लिए दबाव बनाते नजर आ रहे है। एैसा हीं एक मामला पेटलावद नगर में सोमवार को देखने को मिला है।

क्या है मामला.....

सोमवार को नगर की महिलाओं सीता, पुजा, ललिता , सीमा, बदली, माया, श्यामा, मीनु सहित लगभग 100 अधिक महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी पेटलावद के नाम एक आवेदन देते हुए बताया कि हम गरीब महिलाओं ने समुह बनाकर 4 कंपनियों वेक्टर फाईनेंस, एलएनटी फाईनेंस, सुर्योदय प्रायवेंट एवं ग्रामीण कोटा कंपनी से समुह बनाकर लोन लिया था लेकिन लॉक डाउन के चलते मजदूरी नहीं चल रहीं है और आय का कोई साधन नहीं होने से इस लोन की किस्त हम जमा नहीं करवा पायें है,लेकिन इन कंपनी के कर्मचारी लगातार हमारें घरों पर आकर किस्त भरने के लिए दबाव बना रहे है और किस्त नहीं भरने पर लियें गयें लोन पर अधिक ब्याज की मांग कर रहे है और नहीं देने पर कानूनी कार्यवाहीं की धमकी भी इन कर्मचारियों के द्वारा दी जा रहीं है। हम गरीब महिलाओं के पास लोन की किस्त जमा करने के लिए रूपयें नहीं है, तीन माह की मोहलत किस्त भरने की मोहलत भी महिलाओं ने ज्ञापन में मांगते हुए कंपनी को निर्देशित करने की मांग है।

बना रहे दबाव..... 

उल्लेखनिय है कि एक और लॉक डाउन के चलते पुरे गरीब और मध्यमवर्ग परिवार के समस्त प्रकार के काम काज बंद पडे है, लोगो को अपना घर चलाना मुश्किल हो रहा है तो दुसरी और निजी कंपनियों के संचालक महिलाओं पर लोन की किस्तें चुकाने का दबाव बना रहे है, एैसे में महिलाओं के सामने बड़ा संकट उत्पन्न हो गया कि वह बकाया लोन की किस्ते कैसे चुकायें। कई महिलाओं ने लोन की किस्तें आगे बड़ाने की मांग भी कि है, लेकिन कंपनी वाले अपनी बात पर अडें है जिसके चलते लॉक डाउन में इन दिनों निजी कंपनियों के माध्यम से लोन लेने वाली महिलाए खासी परेशान है। महिलाओं ने बताया कि हमारें पास खाने पीने की भी व्यवस्था नहीं हो पा रहीं है, एैसे में यह लोग 2 माह की किस्तें एक साथ भरने का दबाव बना रहे है और कहते है कि आपके पास पैसा नहीं है तो अपना घर या अन्य सामान बेचकर लोन की किस्त जमा करना पडेगी। बता दे कि नगर में ऐसी कई निजी प्रायवेंट फाईनेंस कंपनिया है जो महिलाआें को लोन अदा करती है तथा कंपनिया अपने नियम अनुसार 15 दिन या 1 माह में दियें गयें लोन का रूपयां किस्तों के माध्यम से वसुलती है। महिलाएं समय-समय पर लोन की किस्तें अदा भी करती है, लेकिन कोरोना के इस संक्रमण काल में कोई काम धंधे नहीं चल रहे है, जिस कारण लोन की किस्तें जमा करने में महिलाए सक्षम नहीं है, लेकिन कंपनी वाले महिलाआें को परेशान कर रहे है।


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