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Saturday, June 20, 2020

21 जून को सूर्यग्रहण जानें समय और प्रभाव ( डाँ अशोक शास्त्री )




धार  (तिरला) से पंकज शर्मा की रिपोर्ट


मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने एक चर्चा में बताया है कि दिनांक  21 जून को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। भारत में दिखने वाला यह एक मात्र सूर्य ग्रहण होगा। 26 दिसंबर 2019 के बाद भारत में करीब 6 महीने के बाद ही लंबा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। इस सूर्य ग्रहण का भी व्यापक असर देश और दुनिया पर दिखेगा। ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा कि 2019 के ग्रहण से कोरोना महामारी का विस्तार हुआ और 2020 के ग्रहण से इसका समापन हो जाएगा। इस ग्रहण के दौरान सूर्य एक चमकीले छल्ले के समान दिखेगा। यह कंकण सूर्य ग्रहण सुबह 9 बजकर 15 मिनट 58 सेकंड पर शुरू हो जाएगा और दोपहर 3 बजकर 4 मिनट 1 सेकंड पर समाप्त होगा। यानी यह सूर्यग्रहण कुल 5 घंटे 48 मिनट और 3 सेकंड के लिए होगा। लेकिन इस सूर्यग्रहण का आरंभ और समापन का समय भारत में अलग अलग स्थानों पर अलग अलग रहेंगा ।

 *केवल यहां दिखेगा भारत में कंकण सूर्यग्रहण* ( डाँ अशोक शास्त्री )
डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक साल 2020 में भारत में दिखने वाला एक मात्र सूर्यग्रहण कंकण सूर्यग्रहण होगा। लेकिन पूरे देश में यह ग्रहण खग्रास के रूप में नजर नहीं आएगा। कुछ स्थानों पर लोग इस ग्रहण को खंडग्रास के रूप में ही देख पाएंगे। भारत में मसूरी, टोहान, चमोली, कुरुक्षेत्र, देहरादून में यह ग्रहण कंकण रूप में नजर आएगा। जबकि कई नगरों में ग्रहण का प्रतिशत अलग-अलग होगा और खंडग्रास के रूप में दिखेगा। देश की राजधानी दिल्ली में ग्रहण के दौरान सूर्य का 95 प्रतिशत हिस्सा कटा हुआ दिखेगा ।

 *21 जून को ग्रहण का आरंभ और मोक्ष का समय*
 ग्रहण की शुरुआत यूं तो 9 बजकर 16 मिनट से है लेकिन भारत में इसका आरंभ सुबह 9 बजकर 56 होगा । मध्यप्रदेश में ग्रहण स्पर्श ( आरंभ ) प्रातः 10:11 से हैं । यहां ग्रहण का मध्य दिन में 11 बजकर 41 मिनट पर होगा जबकि ग्रहण का मोक्ष 1 बजकर 41 मिनट पर होगा। जबकि 2 बजकर 28 मिनट पर पूरे देश में ग्रहण समाप्त हो चुका होगा। भारत में सबसे अंत में कोहिमा में ग्रहण का मोक्ष होगा यहां ग्रहण का आरंभ 11 बजकर 04 मिनट पर होगा।

*21 जून को ग्रहण,  सूतक का समय*
ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने कहा कि ग्रहण का आरंभ भारत में स्थानीय समयानुसार प्रातः 10 बजकर 11 मिनट से हो रहा है इसलिए नियमानुसार ग्रहण से 12 घंटे पहले ग्रहण का सूतक लग जाएगा। वैसे जिस नगर में ग्रहण का आरंभ जिस समय से हो रहा है उसी अनुसार ग्रहण का सूतक का समय भी लागू होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि शास्त्र कहता है कि सूर्यग्रहण में ग्रहण स्पर्श होने से ठीक 12 घंटे पहले सूतक आरंभ होता है। इसलिए भारत में 20 तारीख की रात 10 बजकर 11 मिनट से ग्रहण का सूतक मान्य होगा। दिन में 2 बजकर 28 मिनट पर पूरे देश से ग्रहण का सूतक समाप्त हो जाएगा। वैसे अलग-अलग नगरों में सूतक समाप्त होने का समय अलग-अलग हो सकता है, क्योंकि ग्रहण का समापन अलग-अलग नगरों में अलग समय पर

*21 जून को सूर्यग्रहण का फल और प्रभाव* ( डाँ. अशोक शास्त्री )
       डाँ. अशोक शास्त्री के मुताबिक  इस सूर्यग्रहण से ग्रह नक्षत्रों में होने वाले बदलावों से कोरोना महामारी की अंत होना शुरू हो जाएगा । इस बार सूर्य ग्रहण रविवार को होने की वजह से वर्षा की कमी, गेहूं, धान और अन्‍य अनाज के उत्‍पादन में कमी आ सकती है। वहीं गाय के दूध का उत्‍पादन भी घट सकता है। इसके अलावा यह भी माना जा रहा है कि प्रमुख देशों के राष्‍ट्राध्‍यक्षों के बीच भी तनाव और बहस बढ़ सकती है। अप्रत्यक्ष युद्ध , महामारी , किसी बड़े नेता की हानि , राजनीतिक परिवर्तन , हिंसक घटनाओं में वृद्धि , आर्थिक मंदी आदि पनपने के संकेत हैं । वहीं व्‍यापारियों के लिए यह ग्रहण अच्‍छा और लाभ देने वाला माना गया है ।डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया कि जहां तक भारत की बात है विश्व में भारत का प्रभाव बढेगा । महामारी से अनेक देशों को नुकसान होगा ।प्राकृतिक आपदाएं आएगी । विश्व में कहीं पर युद्ध होगा , वैश्विक शक्तियां लड़ने को हावी होगी । किसी ख्याति प्राप्त यशस्वी कीर्तिमान राजनैतिक हत्या हो सकती है, कुछ स्थानों पर आपसी लड़ाइयां होगी । जल प्रलय का खतरा हम सभी पर मंडरा रहा है ।

*किन राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव* ( डाँ. अशोक शास्त्री )

 ज्योतिषाचार्य डाँ अशोक शास्त्री ने बताया कि मिथुन राशि के जातक रहें सावधान ,सिंह , कन्या , तुला , मीन राशि के जातक होंगे मालामाल बाकी राशियों के जातक भी हो सकते हैं हलाकान ।
मेष – चिंता , वृष – व्यथा , मिथुन – घात , कर्क – क्षति , सिंह – लाभ , कन्या - सुख , तुला – श्री , वृश्चिक – हानि , धनु  – मानभंग , मकर – कष्ट
कुम्भ – स्त्री चिन्ता , मीन – सौख्य ।
          डाँ. अशोक शास्त्री ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार , ग्रहण के दिन बहुत से काम करना मना है. यदि कोई व्यक्ति उन नियमों को तोड़ता है, तो उससे उसका जीवन प्रभावित होता. आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण के दिन क्या करें और क्या न करें.
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल में भगवान की मूर्ति स्पर्श नहीं करनी चाहिए.
सूर्य ग्रहण के समय ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए.
सूतक काल ग्रहण लगने पहले ही शुरू हो जाता है. इस समय खाने पीने की मनाही होती है.
सूतक काल के समय शुभ काम और पूजा पाठ नहीं की जाती है. भगवान की मूर्ति को स्पर्श करने की भी मनाही होती है.
ग्रहण के दौरान बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए. इसके अलावा न तो कुछ खाना चाहिए और न ही खाना बनाना चाहिए.
गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के समय विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी महिलाओं को सूर्यग्रहण नहीं देखना चाहिए.सूर्यग्रहण देखने से शिशु पर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं. गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय कैंची, चाकू आदि से कोई वस्तु नहीं काटनी चाहिए.
ग्रहण के  दौरान कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए ऐसा शास्त्रों का कहना है। इन उपायों को करने से ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचा जा सकता है।
ग्रहण समाप्त होने के बाद सूर्योदय के समय पुन: स्नान करके संकल्पपूर्वक इन वस्तुओं का दान कर दें।
शास्त्रों के अनुसार संतान की उत्पत्ति, यज्ञ, सूर्य संक्रांति और सूर्य एवं चंद्रग्रहण में रात में भी स्नान करना चाहिए।
ग्रहण के सूतक एवं ग्रहणकाल में स्नान, दान, जप-पाठ, मंत्र स्रोत पाठ, मंत्र सिद्धि, ध्यान, हवनादि, शुभ कार्यों का संपादन करना कल्याणकारी होता है।
सूतक एवं ग्रहणकाल में अनावश्यक खाना-पीना, मैथुन, निद्रा, तेल लगाना नहीं चाहिए है।
झूठ, कपटादि, बेकार की बातें, मल-मूत्र त्याग, नाखून काटने से भी बचना चाहिए।
वृद्ध, रोगी, बालक एवं गर्भवती स्त्रियों को यथाकूल भोजन या दवाई आदि लेने में कोई दोष नहीं होता है।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में सब्जी काटना, शयन करना, पापड़ सेंकना आदि उत्तेजित कार्यों से परहेज करना चाहिए।
धार्मिक ग्रंथ का पाठ करते हुए प्रसन्नचित रहना चाहिए। इससे भावी संतान स्वस्थ एवं सद्गुणी होती है।
हरिद्वार, प्रयाग,वाराणसी के साथ किसी धार्मिक पवित्र नदियों आदि तीर्थों पर स्नानादि का इस समय विशेष माहात्म्य होगा।
ग्रहण सूतक से पहले ही दूध/दही, अचार, चटनी, मुरब्बा आदि में कुश(एक प्रकार का घास) रख देना उचित होता है। इससे यह दूषित नहीं होते हैं।
सूखे खाद्य-पदार्थों में कुशा डालने की आवश्यकता नहीं है।
रोग-शांति के लिए ग्रहणकाल में श्रीमहामृत्युंजय मंत्र का जप करना शुभ होता है।
विशेष प्रयोग चांदी/कांसे की कटोरी में घी भरकर उसमें चांदी का सिक्का( मंत्रपूर्वक) डालकर अपना मुंह देखकर छायापात्र मंत्र पढ़ें तथा ग्रहण समाप्ति पर वस्त्र, फल और दक्षिणा सहित ब्राह्मण को दान करने से रोग से मुक्ति मिलती है ऐसा मान्यताएं कहती हैं।
ग्रहण के दिन गर्भवती मह‍िलाओं को कोई भी चीज काटनी नहीं चाहिए और न ही सुई धागे का प्रयोग करना चाहिए। ये चीजें होने वाले बच्‍चे के लिए सही नहीं मानी जातीं। नुकीली और धारदार वस्तु के प्रयोग से बचना चाहिए, यह गर्भ में पल रहे शिशु के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।
इससे सामान्य दिनों में किए गए दान की अपेक्षा कई गुना पुण्य प्राप्त होता है। इससे घर में सुख समृद्धि आती है और इष्ट देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
*जानें ग्रहण के बाद किन चीजों के दान से क्या लाभ मिलता है…* ( डाँ. अशोक शास्त्री )

चांदी का दान देने से मन मजबूत और बुद्धि कुशाग्र होती है। चांदी के आप गहने, सिक्के, मूर्तियां, बर्तन आदि दान कर सकते हैं। इससे घर में वैभव और संपन्नता आती है।
चावल का दान देने से घर में धन-धान्य की कमी नहीं आती है। साथ ही अगर आप ग्रहण के दौरान चावल से हवन करेंगे तो घर से दरिद्रता दूर भागेगी और घर में जल्द मांगलिक कार्य होगा।
दूध और दही दान का भी शास्त्रों में विशेष महत्व बताया है और चंद्रमा का संबंध भी दूध और दही से होता है। ग्रहण के दौरान दूध और दही दान करने से माता लक्ष्मी और भगवान नारायण का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
शक्कर दान करने से इष्ट देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही श्रीसूक्त का भी पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।
आप सफेद फूल का दान कर सकते हैं। संभव हो सके तो आप मंदिर में जाकर भगवान पर भी सफेद फूल चढ़ा सकते हैं। ऐसी मान्यताएं हैं कि इससे विवाद सुलझता है और लाभ मिलता है।
सम्‍मान के लिए ग्रहण के बाद आपको सफेद कपड़ों का भी दान कर सकते हैं। सफेद कपड़ों के दान देने से शुभ परिणाम प्राप्‍त होंगे और घर में फिर से धन की आवक शुरू हो जाती है।
ग्रहण में मोती का दान करने से कई विकट समस्याएं दूर हो जाती हैं। आपके परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा और संतान की करियर संबंधित समस्याएं भी खत्म हो जाएगी।
10 लाख गुना फलदायी होता है सूर्य ग्रहण में किया गया दान
सूर्यग्रहण के दौरान सभी शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं लेकिन भगवान का मानसिक जाप और दान-पुण्य करना इस अवधि में शुभ होता है। मान्यता है कि ग्रहण के समय किए गए दान तथा मंत्रजाप शीघ्र सिद्धि प्रदान करते हैं।   डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया कि आप भी सूर्यग्रहण पर अपनी राशि अनुसार दान-पुण्य कर सौभाग्य का वर प्राप्त कर सकते हैं।
मेष इस राशि वालों को गुड़, लाल वस्त्र, मसूर की दाल और लाल वस्तुओं का दान करना चाहिए।
वृषभ इस राशि वालों के लिए चावल, कपूर, सफेद कपड़ा या दूध का दान करना वृषभ राशि के लिए उत्तम है।
मिथुन इस राशि वालों को हरी पत्तेदार सब्जी, हरी दाल, मूंग की दाल, हरा वस्त्र दान करना चाहिए, पुण्य प्राप्त होगा।
कर्क राशि वाले दही, सफेद कपड़ा, दूध, चांदी, चीनी का दान करें। इन वस्तुओं का दान जीवन में आकस्मिक संकट से बचाता है।
सिंह राशि वाले लोगों के लिए तांबे का सिक्का, तांबे का बर्तन, गेहूं, आटा, स्वर्ण, सेब और कोई भी मीठा फल दान करने से ग्रहण के अशुभ प्रभाव का निवारण होगा।
कन्या राशि वाले सब्जी, गायों को हरा चारा, जरूरतमंद को भोजन, जल, इलायची और शर्बत का दान करें। इससे परिवार के सदस्यों के जीवन की रक्षा होती है।
तुला इस राशि के व्यक्ति मंदिर को पूजन सामग्री, झाड़ू, अगरबत्ती, दीपक, घी, इत्र का दान करें। इनका दान भाग्योदय में सहायक है।
वृश्चिक राशि वाले पीली वस्तुएं, पीली मिठाई, हल्दी, गन्ना, गन्ने का रस, गुड़, चीनी और चंदन का दान करें। इससे कारोबार और रोजगार की बाधाएं दूर होंगी।
धनु इस राशि के लिए चना, बेसन, केसर, स्वर्ण, मिठाई, चांदी और घी का दान धनु राशि के लिए शुभ माना गया है।
मकर राशि को चना, उड़द, पापड़, मटका, तिल, सरसों, कंघा और काजल का दान करना चाहिए, इससे समस्त अनिष्ट का निवारण होता है।
कुंभ राशि वाले लोगों को ईंधन, आटा, मसाले, हनुमान चालीसा, दूध, जरूरतमंद को भोजन कराने से कभी अन्न-धन का संकट नहीं होगा।
मीन राशि के लोग पक्षियों को दाना डालें, चींटियों के बिल पर गुड़ व आटे का मिश्रण चढ़ाएं। साथ ही केला, चने की दाल और जरूरतमंद को वस्त्र दान करें। इससे अध्ययन व कारोबार की बाधाएं दूर होंगी।
     

                   *ज्योतिषाचार्य*
          डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
         श्री मंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245, एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
                  मो. नं.  9425491351

                 --:  *शुभम्   भवतु*  :--

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