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Tuesday, June 23, 2020

पशुधन के लिए हरा चारा होगा उपलब्ध कलेक्टर ज्ञानपुरा पहाड़ी में दीनानाथ घास लगाने का बोल आए थे, आज बिजाई प्रारंभ हो गई


धार  (तिरला) से पंकज शर्मा की रिपोर्ट

धार  - धार ज्ञानपुरा पहाड़ी को हरा भरा रखने की कवायद में आज जनपद पंचायत ने एक और कदम बढ़ाया है। पहाड़ी पर दीनानाथ घास की बीजाई आरंभ कर दी है। शुरुआती दौर में डेढ़ सौ किलो बीज लगाए जा रहे हैं। ज्ञात रहे कि कलेक्टर आलोक कुमार सिंह ने पिछले दिवस पहाड़ी में किए गए पौध रोपण और जल संरक्षण कार्यों का अवलोकन किया था।

ततसमय उन्होंने यहां दीनानाथ घास लगाने की बात कही थी।
    तिरला जनपद पंचायत की सीईओ राधा डाबर बताती हैं कि किसान पशुओं को चारे के रूप में फसलों के अवशेष का उपयोग करते हैं। जो पोषक तत्वों में काफी कम रहते हैं। अपर्याप्त पोषक चारा की दशा में पशुधन की उत्पादकता का पुनः दोहन नहीं किया जा सकता है। पशुओं के लिए हरा चारा अति आवश्यक है। पशुओं के रख रखाव पर लगभग 60 प्रतिशत लागत चारा व दाने में आती है। चारा आधारित पशु प्रबंधन से पशु पुष्ट रहते है व अधिक मात्रा में दूध तथा मांस के लिए पशुओं में तेजी से विकास होती है। पशुओं के लिए हरा चारा दीनानाथ के रूप में मुफीद है। जिसे लगाकर किसान 6 माह तक पशुओं को चारा उपलब्ध करा सकते हैं। दिनानाथ घास सभी जगहों पर आसानी से उगाई जा सकती है। यह कम वर्षा आधारित क्षेत्र में जल्दी उगने वाली , सुखा शन करने वाली बहुवर्षीय चारा फसल है। वर्षा ऋतू के दौरान इस फसल को सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है इससे औसत 550- 650 कुंटल प्रति हेक्टेयर हरा चारा प्राप्त होता है। सीईओ डाबर ने बताया कि फिलहाल इस घास को कंटूर बेड पर लगाया जा रहा है। कंटूर बेड की संख्या एक हजार 500 के लगभग है और इसमे लगातार इजाफा हो रहा है।

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